Noida Mamura Murder Case: नोएडा। उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले के नोएडा सेक्टर-66 स्थित मामूरा इलाके में करीब एक महीने से सुलग रहा हत्याकांड आखिरकार सुलझ गया है। पुलिस ने रविवार को इस मामले में मुख्य आरोपी और उसके दो सहयोगियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया। दिलचस्प यह है कि हत्या का यह राज किसी सुराग या फोरेंसिक जांच से नहीं, बल्कि आरोपी की अपनी एक फोन कॉल से खुला।
क्या है पूरा मामला
पुलिस के अनुसार, यह घटना 27 जुलाई 2026 को मामूरा में घटी थी। आरोप है कि यहां लिव-इन में रह रहे फिरोजाबाद के एका थाना क्षेत्र निवासी 32 वर्षीय सुभाष चंद्र ने अपनी साथी महिला पर अवैध संबंधों का शक होने पर विवाद के दौरान उसका गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद सुभाष ने अकेले नहीं, बल्कि अपने चचेरे भाई सर्वेंद्र और जीजा के भाई नीरज को फोन कर मामूरा बुलाया। तीनों ने मिलकर रात के अंधेरे में शव को इस तरह बाइक पर बीच में बैठाया कि देखने वाले को लगे जैसे कोई बीमार महिला को ले जाया जा रहा है। इसके बाद शव को पिकअप वाहन में डालकर दादरी की कोट नहर में फेंक दिया गया। घटना के अगले ही दिन सुभाष ने अपना किराए का कमरा खाली कर दिया और फिरोजाबाद भाग गया। इधर, महिला का शव 31 जुलाई को मथुरा के सुरीर थाना क्षेत्र में जरारा और रसिकंदरपुर गांव के पास नहर से बरामद हुआ, लेकिन शुरुआत में पुलिस के पास इसकी शिनाख्त का कोई सुराग नहीं था।
एक फोन कॉल ने खोल दी पूरी कहानी
हत्या को अंजाम देने के बाद सुभाष को लगा कि मामला हमेशा के लिए दब गया है, लेकिन शराब के नशे में उससे एक गलती हो गई। उसने अपनी पहली पत्नी कांति देवी को फोन कर पहले भावुक अंदाज़ में कहा कि उसे उसकी याद आ रही है। इसके बाद उसने पत्नी पर तलाक का केस वापस लेकर साथ रहने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। बात यहीं नहीं रुकी, आरोपी ने पत्नी को यह धमकी तक दे डाली कि अगर वह साथ नहीं रही तो उसे भी वहीं भेज दिया जाएगा, जहां “वो” गई है। पत्नी को इस बात से आशंका हुई कि कहीं उसकी सौतन के साथ कुछ अनहोनी तो नहीं हुई। इसके बाद उसने 20 अगस्त को फेज-3 थाने पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराई, जिसमें सौतन की हत्या की आशंका और खुद को मिल रही धमकी का जिक्र किया गया था।
शादी और दूसरे रिश्ते की पृष्ठभूमि
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि कांति देवी और सुभाष चंद्र की शादी वर्ष 2013 में हुई थी। शादी के करीब दो साल बाद ही सुभाष ने पत्नी को छोड़ दिया और बिहार के हजारीबाग की रहने वाली एक अन्य महिला, जिसका नाम भी संयोग से कांति देवी (38) था, के साथ रहने लगा। इससे आहत होकर पहली पत्नी ने 2021 में वकील के माध्यम से एटा कोर्ट में तलाक का मुकदमा दायर किया, जो अभी भी अदालत में विचाराधीन है।
पूछताछ में आरोपी ने कबूला अपराध
फेज-3 थाना प्रभारी सुभाष चंद्र के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसे साथ रह रही महिला के किसी और व्यक्ति के साथ अवैध संबंधों का शक था। इसी शक को लेकर हुए विवाद में गुस्से में आकर उसने महिला का गला दबा दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद सबूत मिटाने और शव ठिकाने लगाने के लिए उसने अपने रिश्तेदारों की मदद ली। पुलिस ने हत्या के बाद शव ठिकाने लगाने में मदद करने के आरोप में सुभाष के चचेरे भाई और बहनोई को भी गिरफ्तार कर लिया है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार मामले में एक अन्य आरोपी की तलाश अब भी जारी है।
पुलिस अधिकारी का बयान
सेंट्रल नोएडा की एसीपी-1 दीक्षा सिंह ने बताया कि मामूरा गांव में सहमति से साथ रह रहे व्यक्ति ने अवैध संबंधों के शक में अपनी साथी महिला की गला दबाकर हत्या कर शव नहर में फेंक दिया था। आरोपी की पत्नी को धमकी मिलने और आशंका जताए जाने की शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर पुलिस ने आरोपी को पकड़ते हुए हत्याकांड का खुलासा किया।
एक नजर में मामला
घटना स्थल: सेक्टर-66, मामूरा, नोएडा
घटना की तारीख: 27 जुलाई 2026
शव बरामदगी: 31 जुलाई 2026, सुरीर थाना क्षेत्र, मथुरा (कोट नहर, दादरी से करीब 50 किमी दूर)
खुलासे की तारीख: 24 अगस्त 2026 (रविवार)
मुख्य आरोपी: सुभाष चंद्र (32), निवासी एका थाना क्षेत्र, फिरोजाबाद
गिरफ्तार सहयोगी: सर्वेंद्र (चचेरा भाई), नीरज (बहनोई/जीजा का भाई)
मामला उजागर होने का कारण: पहली पत्नी कांति देवी की फेज-3 थाने में शिकायत| यह मामला एक बार फिर यह दिखाता है कि अपराध चाहे कितनी भी सफाई से क्यों न किया जाए, सच्चाई देर-सवेर सामने आ ही जाती है। पुलिस अब मामले में फरार आरोपी की तलाश और आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।
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