मुस्कान और साहिल पति की हत्या के दोषी करार, अब सजा पर होगी बहस

मेरठ। मर्चेंट नेवी अधिकारी सौरभ राजपूत हत्याकांड में बुधवार को मेरठ की एक अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया। जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने सौरभ की पत्नी मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल शुक्ला को हत्या का दोषी करार दिया है। सौरभ के शव के टुकड़े एक नीले प्लास्टिक ड्रम में छिपाकर रखे गए थे, जिसे सीमेंट से सील कर दिया गया था।

13 महीने चली सुनवाई, 126 तारीखें

यह मामला 2025 में सामने आया था और इसकी सुनवाई करीब 13 महीने तक चली, जिसमें कुल 126 तारीखें लगीं। अभियोजन पक्ष ने मामले में 22 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज कराए और फोरेंसिक तथा वैज्ञानिक साक्ष्य भी अदालत के सामने पेश किए।

कैसे दिया गया घटना को अंजाम

अभियोजन पक्ष के अनुसार, मुस्कान ने मार्च 2025 में अपने पति सौरभ को नशीला पदार्थ देकर बेहोश किया और इसके बाद साहिल की मदद से उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद दोनों आरोपियों ने शव के टुकड़े किए और उन्हें एक नीले प्लास्टिक ड्रम में भरकर सीमेंट से बंद कर दिया, ताकि सबूत मिटाए जा सकें। बाद में पुलिस जांच के दौरान ड्रम से सौरभ के शव के अवशेष बरामद किए गए थे।

अब सजा पर बहस, फांसी की मांग

अदालत के दोषी करार दिए जाने के बाद अब मामले में सजा की मात्रा को लेकर बहस होगी। अभियोजन पक्ष ने दोनों आरोपियों के लिए कड़ी से कड़ी सजा, यहां तक कि मृत्युदंड देने की मांग की है।

यह भी पढ़ें: एप्पल पे भारत में लॉन्च, एक्सिस बैंक के साथ साझेदारी; वीजा-मास्टरकार्ड क्रेडिट कार्ड से शुरू

यहां से शेयर करें