बैग में मिला गांजा: पुणे एयरपोर्ट पर रनवे बंद, गांजा फुक उड़ाया प्लेन, एयर इंडिया पायलट अमेरिका से डिपोर्ट, मारिजुआना रखने का आरोप

बैग में मिला गांजा: एयर इंडिया का एक को-पायलट दिल्ली से सैन फ्रांसिस्को जाने वाली फ्लाइट AI173 में यात्री केबिन में स्टाफ ड्यूटी पर सवार था। सैन फ्रांसिस्को एयरपोर्ट पर पहुँचते ही अमेरिकी अधिकारियों ने उसके बैग में मारिजुआना बरामद की और उसे देश में प्रवेश करने से रोक दिया। को-पायलट इस फ्लाइट को ऑपरेट नहीं कर रहा था, बल्कि वह “डेडहेडिंग” (क्रू पोजिशनिंग) के तहत यात्री के रूप में सफर कर रहा था ताकि वापसी की फ्लाइट (सैन फ्रांसिस्को से कोलकाता) को संचालित कर सके।

अमेरिका में US Customs and Border Protection (CBP) संघीय कानून के तहत काम करती है। भले ही कैलिफोर्निया राज्य में मारिजुआना कानूनी हो, सैन फ्रांसिस्को एयरपोर्ट पर संघीय कानून लागू होता है, जहाँ किसी भी विदेशी नागरिक के पास मारिजुआना पाए जाने पर जब्ती, जुर्माना, गिरफ्तारी या देश में प्रवेश से इनकार किया जा सकता है।

एयर इंडिया ने बयान जारी करते हुए कहा कि कंपनी की ज़ीरो-टॉलरेंस नीति है और संबंधित क्रू मेंबर के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) ने भी मामले की जाँच शुरू कर दी है। यह एयर इंडिया की पहली ऐसी घटना नहीं है। दिसंबर 2025 में कनाडा के वैंकूवर में एयर इंडिया के एक कैप्टन को दो बार ब्रेथलाइजर टेस्ट में फेल होने के बाद फ्लाइट से हटाया गया था।

पुणे एयरपोर्ट पर रनवे बंद — IAF विमान की हार्ड लैंडिंग

17 अप्रैल 2026 की रात लगभग 10:25 बजे पुणे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भारतीय वायु सेना (IAF) के एक विमान की हार्ड लैंडिंग हुई। विमान के अंडरकैरेज (लैंडिंग गियर) में खराबी आ गई, जिससे वह रनवे पर ही फँस गया और एकमात्र रनवे को बंद करना पड़ा। सूत्रों के अनुसार यह विमान Sukhoi Su-30MKI हो सकता है, हालाँकि IAF ने अभी तक विमान के प्रकार की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। रनवे को ऑपरेशनल करने के लिए क्रेन और भारी मशीनें तैनात की गईं। अनुमान था कि रनवे साफ करने में 4 से 6 घंटे लगेंगे। रनवे बंद होने के कारण कई इनकमिंग फ्लाइट्स को सूरत, गोवा, मुंबई, चेन्नई और कोयंबटूर की ओर डायवर्ट किया गया। कुल 30 से अधिक उड़ानें प्रभावित हुईं। IAF ने पुष्टि की कि सभी एयरक्रू सुरक्षित हैं और किसी भी नागरिक संपत्ति को कोई नुकसान नहीं पहुँचा है। घटना की सटीक वजह जानने के लिए Court of Inquiry का गठन किया जाएगा, जो इस तरह के मामलों में मानक प्रक्रिया है। रनवे बाद में बहाल कर दिया गया और ऑपरेशनल घोषित किया गया।​​​​​​​​​​​​​​​​

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