गौतमबुद्धनगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, श्रमिक आंदोलन की आड़ में वाहनों को फूंकने वाला मुख्य आरोपी नरेश कुमार गिरफ्तार

मजदूर आंदोलन के दौरान सेक्टर-63 में की थी भारी आगजनी, मानेसर हिंसा से भी जुड़े हैं तार

कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस ने बीते दिनों श्रमिक आंदोलन के दौरान सेक्टर-63 क्षेत्र में गाड़ियों को आग के हवाले करने वाले और उपद्रव मचाने वाले वांछित मुख्य अभियुक्त नरेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस द्वारा वैज्ञानिक साक्ष्यों और डिजिटल फुटप्रिंट्स के आधार पर आरोपी की पहचान कर यह कार्रवाई की गई है।

13 अप्रैल को सुनियोजित तरीके से फैलाया था उपद्रव

गौरतलब है कि बीते 13 अप्रैल 2026 को कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर के विभिन्न क्षेत्रों में श्रमिकों और मजदूरों द्वारा बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरकर उग्र प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान कानून व्यवस्था को हाथ में लेते हुए कुछ अराजक तत्वों ने भारी उत्पात मचाया था। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी नरेश कुमार (उम्र लगभग 45 वर्ष), जो महाविरा कंपनी (सेक्टर-63) में टेलर के रूप में काम करता था, ने इस हिंसा में मुख्य भूमिका निभाई थी। घटना के दिन वह सबसे पहले महाविरा कंपनी परिसर में घुसा और वहां काम कर रहे कर्मचारियों को हड़ताल के लिए उकसाया। इसके बाद वह कर्मचारियों की भीड़ को साथ लेकर नारेबाजी करते हुए बाहर निकला और विपुल मोटर्स के पास पहले से जमा उपद्रवियों की भीड़ में शामिल हो गया।

दर्जनों गाड़ियों को किया था आग के हवाले

आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर बेहद सुनियोजित तरीके से विपुल मोटर्स के पास खड़ी दर्जनों दो-पहिया और चार-पहिया वाहनों में लोहे के पाइप से तोड़फोड़ की। इसके बाद उपद्रवियों ने वाहनों को आग लगा दी, जिससे गाड़ियाँ धूँ-धूँ कर जलने लगीं। पुलिस को मिले वैज्ञानिक तथ्यों और वीडियो फुटेज में आरोपी नरेश कुमार स्पष्ट रूप से आगजनी की घटना को अंजाम देता हुआ दिखाई दे रहा है।

शातिर दिमाग: गिरफ्तारी से बचने के लिए पोर्ट कराया सिम

हिंसक वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पुलिस की पकड़ से बचने के लिए लगातार हथकंडे अपना रहा था। उसने अपनी पहचान छुपाने और ट्रैकिंग से बचने के लिए अपने मोबाइल सिम को दूसरी सर्विस प्रदाता कंपनी (टेलीकॉम ऑपरेटर) में पोर्ट करवा लिया था। हालांकि, पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे धर दबोचा और उसके पास से वह सिम भी बरामद कर लिया है।

मानेसर श्रमिक आंदोलन से भी जुड़े हैं तार

पुलिस की कड़ाई से पूछताछ और आरोपी के मोबाइल की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। जांच में पता चला है कि आरोपी नरेश कुमार का हिंसक आंदोलनों से पुराना नाता रहा है। इससे पहले हरियाणा के मानेसर क्षेत्र में हुए कुख्यात श्रमिक आंदोलन और हिंसा में भी उसकी सक्रिय उपस्थिति रही थी। पुलिस को उसके मोबाइल से विभिन्न श्रमिक यूनियनों से जुड़े कई संदिग्ध दस्तावेज और अभिलेख भी प्राप्त हुए हैं।

आरोपी का विवरण:

नाम: नरेश कुमार पुत्र छोटेलाल

उम्र: लगभग 45 वर्ष

मूल निवासी: ग्राम जैतीखेडा, थाना कल्याणपुर, फतेहपुर (उ.प्र.)

वर्तमान पता: चोटपुर, थाना सेक्टर-63, गौतमबुद्धनगर

थाना सेक्टर-63 पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है और मामले से जुड़े अन्य उपद्रवियों की तलाश तेज कर दी है।

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