अदन/दुबई, मध्य पूर्व में कूटनीतिक प्रयास सोमवार को फिर ठप पड़ गए। ओमान के विदेश मंत्री सैयद बद्र अलबुसैदी ने रविवार देर रात बताया कि ईरान और अन्य खाड़ी देशों की प्रस्तावित बैठक ‘आम सहमति’ के हित में स्थगित कर दी गई है। ईरान के अधिकारियों ने कहा था कि वे ओमान के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजरानी मार्गों को नियंत्रित करने वाले समझौते को खाड़ी अरब देशों के सामने रखने वाले थे। यह जलमार्ग युद्ध से पहले वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा संभालता था। ईरानी समाचार एजेंसी फार्स के अनुसार, बैठक कुछ क्षेत्रीय देशों के अनुरोध पर तेहरान और मस्कट के संयुक्त निर्णय से टाली गई। ईरान अब ओमान के साथ नई तारीख तय करेगा।
इस बीच सऊदी अरब ने अपना 1,200 किलोमीटर लंबा पूर्व-पश्चिम पाइपलाइन (जो होर्मुज को बायपास करती थी) बंद कर दिया है। सऊदी खरीदारों का कहना है कि यदि पाइपलाइन बंद रही तो यनबू बंदरगाह पर मौजूद भंडार केवल 5 से 7 दिन के निर्यात के लिए पर्याप्त है। इसके बाद वैश्विक तेल आपूर्ति का अतिरिक्त 4 प्रतिशत हिस्सा खतरे में पड़ सकता है। रविवार को ब्रिटिश समुद्री सुरक्षा एजेंसी यूकेएमटीओ ने बताया कि होर्मुज से गुजर रहे एक जहाज पर प्रोजेक्टाइल हमला हुआ, आग लग गई और चालक दल को निकालना पड़ा। ईरान ने भी अपने तट के पास एक व्यावसायिक जहाज पर हमले की पुष्टि की, जिसमें एक व्यक्ति मारा गया और चार घायल हुए।
जहाज ट्रैकिंग डेटा के अनुसार सप्ताहांत में होर्मुज से गुजरने वाले कमोडिटी जहाजों की संख्या एकल अंकों में गिर गई, जबकि 10 दिन का औसत 14 था। अमेरिका में डीजल की खुदरा कीमत रविवार को फिर रिकॉर्ड तोड़ते हुए 6.20 डॉलर प्रति गैलन से ऊपर पहुंच गई। पिछले सप्ताह तेल कीमतें जुलाई के बाद पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर चढ़ गई थीं। सोमवार को तेल कीमतों में 3 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची ने कहा कि ओमान के साथ किसी भी समझौते के बावजूद अमेरिका की मांगें पूरी होने तक होर्मुज नहीं खोला जाएगा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आयरलैंड यात्रा के दौरान कहा कि ईरान लगातार बातचीत के लिए संपर्क कर रहा है, लेकिन केवल ‘सही सौदा’ ही स्वीकार किया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि युद्ध इस साल, संभवतः नवंबर के अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद समाप्त हो जाएगा और पेट्रोल की कीमतें ‘चट्टान की तरह गिरेंगी’। यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के जजान प्रांत में घरों और मस्जिद पर हमला किया। उन्होंने बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में पेरिम द्वीप पर कब्जे के बाद सऊदी सैन्य अड्डे पर भी हमले का दावा किया। तीन सूत्रों के अनुसार सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने गुरुवार को ट्रंप से सैन्य सहायता मांगी थी, लेकिन फिलहाल केवल खुफिया सहयोग का प्रस्ताव मिला।

