ब्रह्माकुमारीज़ की साझेदारी में वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रेरणादायक जागरूकता सत्र, सम्मान समारोह आयोजितदेश में वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने के सरकारी निर्देशों के तहत ब्रह्माकुमारीज़ ने आज सेक्टर-52 के अपने केंद्र पर एक विशेष जागरूकता तथा प्रेरणादायक सत्र आयोजित किया, जिसमें स्थानीय नागरिकों की अच्छी खासी भागीदारी रही। यह पहल केंद्र सरकार की ओर से वरिष्ठ नागरिकों में नई ऊर्जा और सकारात्मकता जुटाने के उद्देश्य से अधिकृत कार्यक्रमों की श्रृंखला का हिस्सा है।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता नोएडा क्षेत्र की प्रभारी राजयोगिनी लीना ब्रह्माकुमारी (लीना दीदी) रहीं। समाज सेवा में पिछले 38 वर्षों का लंबा अनुभव रखने वाली लीना दीदी ने उपस्थित वरिष्ठ नागरिकों और अन्य आगंतुकों को संबोधित करते हुए वृद्धावस्था को जीवन का अंत न मानने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग अनुभवों का अनमोल भंडार होते हैं और एक सशक्त समाज का निर्माण उनके मार्गदर्शन के बिना अधूरा है। दीदी ने वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, उनके अधिकारों और मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष जोर देते हुए बताया कि सकारात्मक दृष्टिकोण और आध्यात्मिक जागृति से जीवन के इस चरण को आनंद तथा उत्सव में बदला जा सकता है। कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों को उनके समाज के प्रति योगदान के लिए सम्मानित भी किया गया। सम्मानित बुजुर्गों ने आयोजकों का आभार व्यक्त किया और कहा कि ऐसे समागम उन्हें समाज में अपनी उपयोगिता का अहसास कराते हैं तथा मनोबल बढ़ाते हैं। सभा के दौरान लीना दीदी ने आत्म-देखभाल, तनाव प्रबंधन और सकारात्मक सोच अपनाने के व्यावहारिक उपाय भी बताये, जिनका बुजुर्गों ने उत्साह के साथ स्वागत किया।
संस्था के सेवा प्रभाग द्वारा सभी उपस्थित अतिथियों और वरिष्ठ नागरिकों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया और कार्यक्रम में पवित्र तथा सात्विक भोजन की व्यवस्था की गई थी। आयोजन में एक स्नेह और सामुदायिक जुड़ाव का माहौल देखने को मिला, जिसने दिन को यादगार बना दिया।ब्रह्माकुमारीज़ के प्रतिनिधियों ने बताया कि यह कार्यक्रम सरकार के निर्देशानुसार आयोजित कार्यक्रमों की एक कड़ी है और भविष्य में भी इस तरह के जागरूकता सत्र एवं सामुदायिक कार्यक्रमों का आयोजन जारी रहेगा, ताकि वरिष्ठ नागरिकों को सामाजिक सम्मान, मानसिक समर्थन और सक्रिय जीवन शैली के प्रति प्रेरित किया जा सके। स्थानीय प्रशासन ने भी संस्थान की पहल की सराहना की और कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में समावेशिता और पारस्परिक सम्मान को मजबूत करते हैं।

