हरदोई : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के मल्लावां में देश के सबसे लंबे ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे का भव्य लोकार्पण किया। करीब 36,230 करोड़ रुपये की लागत से बना यह मेगा प्रोजेक्ट प्रदेश की कनेक्टिविटी, उद्योग और अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने वाला माना जा रहा है।
Ganga Expressway:
Ganga Expressway: 594 किमी लंबा हाई-स्पीड कॉरिडोर
गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर लंबा, 6-लेन (भविष्य में 8-लेन तक विस्तारित) एक्सेस-नियंत्रित हाई-स्पीड कॉरिडोर है। यह परियोजना 12 जिलों और 519 गांवों को जोड़ते हुए पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच दूरी को काफी कम कर देगी।
अब मेरठ से प्रयागराज का सफर करीब 6 घंटे में पूरा किया जा सकेगा।
यूपी की अर्थव्यवस्था को मिलेगा बड़ा बूस्ट
एक्सप्रेसवे के किनारे 12 औद्योगिक गलियारे (इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग और लॉजिस्टिक क्लस्टर) विकसित किए जाएंगे। इससे निवेश, रोजगार और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
प्रधानमंत्री ने इसे “यूपी के विकास की नई लाइफलाइन” बताते हुए कहा कि यह परियोजना प्रदेश की आर्थिक ताकत को कई गुना बढ़ाएगी।
विकास और विरासत का संगम
पीएम मोदी ने कहा कि एक्सप्रेसवे का नाम ‘गंगा’ पर रखना विकास और सांस्कृतिक विरासत के संतुलन को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “जैसे मां गंगा हजारों वर्षों से देश की जीवन रेखा रही हैं, वैसे ही यह एक्सप्रेसवे आधुनिक भारत में यूपी के विकास की नई लाइफलाइन बनेगा।”
Ganga Expressway: लोकतंत्र पर भी बोले प्रधानमंत्री
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के मतदान का जिक्र करते हुए कहा कि बंगाल में भारी मतदान हो रहा है और लोग भयमुक्त होकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। उन्होंने इसे मजबूत लोकतंत्र का प्रतीक बताया।
दिल्ली-एनसीआर से पूर्वांचल तक सीधा लाभ
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह एक्सप्रेसवे दिल्ली-एनसीआर की संभावनाओं को मजबूत करेगा और पूरे यूपी को एक छोर से दूसरे छोर तक जोड़ेगा। इससे पश्चिमी, मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच आर्थिक और सामाजिक संपर्क तेज होगा।
“नए भारत का दर्शन” – मुख्यमंत्री योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दिसंबर 2021 में इस परियोजना की आधारशिला रखी गई थी और तय समय में इसे पूरा किया गया।
उन्होंने कहा कि यह एक्सप्रेसवे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा और “नए भारत” की झलक प्रस्तुत करता है।
रणनीतिक रूप से भी अहम परियोजना
गंगा एक्सप्रेसवे केवल यातायात ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। शाहजहांपुर के जलालाबाद में 3.5 किमी लंबी हवाई पट्टी बनाई गई है, जहां आपातकालीन स्थिति में वायुसेना के लड़ाकू विमान उतर सकेंगे।
अदाणी समूह का बड़ा योगदान इस परियोजना में Adani Enterprises Limited ने करीब 80% निर्माण कार्य (464 किमी) पूरा किया है। यह काम बदायूं–हरदोई, हरदोई–उन्नाव और उन्नाव–प्रयागराज खंडों में विभाजित रहा।
UP News:
गंगा एक्सप्रेसवे: एक नजर में
लंबाई: 594 किमी
लागत: लगभग ₹36,230 करोड़
लेन: 6 (भविष्य में 8 लेन)
जिले: मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़, प्रयागराज
गांव: 519
ढांचा: 14 बड़े पुल, 126 छोटे पुल, 381 अंडरपास, 929 पुलिया
टोल टैक्स (प्रति किमी)
दो/तीन पहिया, ट्रैक्टर: ₹1.28
कार/जीप/वैन: ₹2.55
हल्के वाणिज्यिक वाहन: ₹4.05
बस/ट्रक: ₹8.20
भारी मशीनरी: ₹12.60
मल्टी-एक्सल वाहन: ₹16.10
Ganga Expressway:
पूर्वी से पश्चिमी यूपी का सफर आसान
यह एक्सप्रेसवे मेरठ के बिजौली गांव से शुरू होकर प्रयागराज के जुडापुर दांदू के पास समाप्त होता है, जिससे पूर्वी और पश्चिमी यूपी के बीच सीधा और तेज संपर्क स्थापित होगा। कुल मिलाकर, गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के नए युग की शुरुआत है, जो यात्रा को तेज, सुरक्षित और अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।
Ganga Expressway:

