नोएडा प्राधिकरण और उद्यमियों की अहम बैठक: समस्याओं के त्वरित निस्तारण का मिला आश्वासन, पुत्रवधू को यूनिफाइड नीति में शामिल करने समेत कई मांगों पर बनी सहमति

नोएडा। नोएडा क्षेत्र के उद्यमियों और निवेशकों की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के लिए आज नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। प्राधिकरण के सभाकक्ष में आयोजित इस उच्च स्तरीय बैठक में नोएडा एन्टरप्रिन्योर्स एसोसिएशन (NEA) के पदाधिकारियों, क्षेत्र के प्रमुख उद्यमियों और प्राधिकरण के शीर्ष अधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में उद्यमियों की कई पुरानी और व्यावहारिक मांगों पर गहन मंथन हुआ, जिस पर सीईओ महोदय ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए जल्द निस्तारण का भरोसा दिया।
बैठक में मौजूद रहे शीर्ष अधिकारी
इस महत्वपूर्ण संवाद में औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों के अलावा प्राधिकरण की ओर से निम्नलिखित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे:
महाप्रबन्धक (नियोजन) मीना भार्गव
महाप्रबन्धक (जल एवं सीवर) आरपी सिंह
महाप्रबन्धक (सिविल) अंकों अरोड़ा
महाप्रबन्धक (जन-स्वास्थ्य) एसपी सिंह
सहायक महाप्रबन्धक (औद्योगिक) एवं अन्य संबंधित अधिकारी।
उद्यमियों ने उठाईं ये प्रमुख मांगें
नोएडा एन्टरप्रिन्योर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष द्वारा बैठक में उद्यमियों और निवेशकों के हित में निम्नलिखित प्रमुख मुद्दे और मांगें रखी गईं:
नोटिस वापसी का सरलीकरण: भूखंडों पर भेजे जाने वाले वाणिज्यिक नोटिसों की वापसी प्रक्रिया को आसान बनाया जाए।
यूनिफाइड नीति में संशोधन: यूनिफाइड नीति के तहत ‘सगे संबंधियों’ की परिभाषा में पुत्रवधू का नाम भी शामिल किया जाए।
शुल्क में कटौती: औद्योगिक भूखंडों के ट्रांसफर चार्ज (अन्तरण शुल्क) और टाइम एक्सटेंशन फीस (समयवृद्धि शुल्क) को कम किया जाए।
प्रक्रियाओं का सरलीकरण: परियोजना परिवर्तन (Project Change) की प्रक्रिया को सुगम और पारदर्शी बनाया जाए।
बुनियादी ढांचा और समयसीमा: औद्योगिक सेक्टरों में मूलभूत सुविधाओं को सुधारा जाए और कार्यशीलता (Functionality) के लिए समयावधि बढ़ाई जाए।
भू-भाटक (Ground Rent): इसे मूल आवंटन दर के आधार पर ही लिया जाए।
तहसील से जुड़े मामले: पशुचर भूमि से संबंधित तहसील से मिलने वाले नोटिसों का स्थाई समाधान किया जाए।
प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) का रुख
उद्यमियों की चिंताओं को ध्यान से सुनने के बाद सीईओ ने कई मांगों पर तत्काल और भविष्य की कार्ययोजना स्पष्ट की:
> 1. आगामी बोर्ड बैठक में प्रस्ताव: वाणिज्यिक गतिविधियों से संबंधित नोटिस वापस लेने की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए आगामी बोर्ड बैठक में प्रस्ताव रखा जाएगा।
> 2. अंतर्विभागीय समीक्षा: पुत्रवधू का नाम यूनिफाइड नीति में शामिल करने, ट्रांसफर चार्ज/समयवृद्धि शुल्क कम करने और परियोजना परिवर्तन को आसान बनाने के लिए प्राधिकरण स्तर पर आंतरिक बैठक कर जल्द निर्णय लिया जाएगा।
> 3. ऑन-ग्राउंड समस्याओं का समाधान: औद्योगिक सेक्टरों में मूलभूत सुविधाओं, साफ-सफाई और वेंडिंग जोन से जुड़ी दिक्कतों को तुरंत दूर करने के लिए संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए गए।
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औद्योगिक संगठनों ने जताया आभार
प्राधिकरण के इस सहयोगात्मक और सकारात्मक दृष्टिकोण का नोएडा एन्टरप्रिन्योर्स एसोसिएशन और निवेशकों ने स्वागत किया। बैठक के सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न होने के बाद औद्योगिक संगठनों द्वारा उद्यमियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनने और त्वरित निस्तारण का आश्वासन देने के लिए मुख्य कार्यपालक अधिकारी महोदय का धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

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