ग्रेटर नोएडा। ऑनलाइन ट्रेडिंग में मोटा मुनाफा कमाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने एक युवक से 10.40 लाख रुपए ठग लिए। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना सेक्टर-36 में सोमवार को मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
स्क्रीन पर बढ़ता दिखाया मुनाफा
ग्रेटर नोएडा निवासी सौरभ मिश्रा के अनुसार, उन्होंने 19 जुलाई से 7 अगस्त 2026 के बीच एक ऑनलाइन निवेश प्लेटफॉर्म पर करीब 10.40 लाख रुपए लगाए। प्लेटफॉर्म के डैशबोर्ड पर निवेश की रकम के साथ-साथ मुनाफा भी लगातार बढ़ता दिखाया जा रहा था, जिससे उनका भरोसा मजबूत होता गया और वे किस्तों में रकम जमा करते रहे। असली परेशानी तब शुरू हुई जब उन्होंने पैसे निकालने की कोशिश की। पीड़ित के मुताबिक वे सिर्फ 5 हजार रुपए ही निकाल पाए। इसके बाद उनकी निकासी की हर रिक्वेस्ट को कभी लंबित बताया गया और कभी किसी बहाने से टाल दिया गया।
दो महिलाओं ने समझाई ‘निवेश की प्रक्रिया’
सौरभ ने बताया कि निवेश के दौरान उनकी बातचीत श्रीधि मुनोट नाम की एक महिला से कराई गई, जिसने उन्हें निवेश की प्रक्रिया समझाई और खाता खुलवाने से लेकर आगे की कार्रवाई में मदद की। इसी महिला ने उनका संपर्क अनीता देसाई नाम की दूसरी महिला से कराया, जो जमा रकम और निकासी से जुड़े मामलों पर बात करती थी।
अलग-अलग कंपनियों के खातों में ट्रांसफर कराई रकम
शिकायत के अनुसार, ठगों ने अलग-अलग तारीखों पर कई बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई। इनमें ओडेक्स ईकॉम बिजनेस, एक्सेलेंट फाइनेंस, एसआरएच एंटरप्राइजेज, ले ग्लैमर प्राइवेट लिमिटेड और कमल एंटरप्राइजेज के नाम से चल रहे खाते शामिल हैं। पीड़ित ने फर्जी वेबसाइट, इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, बैंक खातों और मामले से जुड़े लोगों की जांच की मांग की है।
सावधानी जरूरी
साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक इस तरह के फर्जी ट्रेडिंग ऐप और वेबसाइट पहले छोटी निकासी की अनुमति देकर भरोसा बनाते हैं और बड़ी रकम जमा होने के बाद खाता ब्लॉक कर देते हैं। किसी भी प्लेटफॉर्म पर निवेश से पहले सेबी या आरबीआई में उसका पंजीकरण जांचना और अनजान व्हाट्सऐप या टेलीग्राम ग्रुप के जरिए मिले निवेश सुझावों से दूरी बनाना जरूरी है। ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल या हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
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