दहेज हत्या मामला: अभिनेत्री त्विशा शर्मा के पति समर्थ और पूर्व जज सास गिरिबाला सिंह 2 जून तक सीबीआई हिरासत में

भोपाल की विशेष अदालत ने सीबीआई को दी पाँच-पाँच दिन की रिमांड, माँ-बेटे को एक साथ कठघरे में लाया गया

नोएडा निवासी मॉडल व अभिनेत्री त्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में शुक्रवार को भोपाल की विशेष अदालत ने एक महत्वपूर्ण आदेश सुनाया। न्यायमूर्ति शोभना भालावे की अदालत ने त्विशा के पति समर्थ सिंह की सीबीआई हिरासत पाँच दिनों के लिए बढ़ा दी और उनकी माँ तथा पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश गिरिबाला सिंह को भी पाँच दिनों की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया। दोनों आरोपी अब 2 जून 2026 को दोपहर 2 बजे तक केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) की हिरासत में रहेंगे। अदालत में सुनवाई के दौरान माँ-बेटे दोनों को एक ही कठघरे में खड़ा किया गया। सीबीआई उन्हें दो अलग-अलग वाहनों में अदालत लेकर पहुँची थी। त्विशा परिजनों के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने संवाददाताओं को बताया कि केंद्रीय एजेंसी ने न्यायालय को अवगत कराया कि दोनों आरोपियों से विस्तार से पूछताछ करना आवश्यक है और इसीलिए उनकी हिरासत ज़रूरी है।

पूछताछ की रणनीति: आमने-सामने बैठाकर पूछे जाएंगे सवाल

सीबीआई की योजना है कि माँ और बेटे को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जाए, ताकि त्विशा शर्मा की मौत की परिस्थितियों की गहराई से जाँच की जा सके और दोनों के बयानों में छिपे तथ्यों को उजागर किया जा सके। इससे पहले गुरुवार को भी सीबीआई की विशेष टीम दोनों को एक साथ लेकर गिरिबाला सिंह के बागमुगालिया एक्सटेंशन स्थित घर गई थी, जहाँ कुछ देर तक दोनों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की गई थी।

पूर्व जज गिरिबाला सिंह की गिरफ़्तारी — मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने रद्द की अग्रिम ज़मानत

गुरुवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने गिरिबाला सिंह की अग्रिम ज़मानत रद्द कर दी। हाईकोर्ट ने 10वीं अपर सत्र न्यायाधीश द्वारा 15 मई को दी गई वह राहत वापस ले ली, जिसके बाद सीबीआई ने गिरिबाला को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी से पहले सात घंटे तक पूछताछ की गई। उन पर साक्ष्य मिटाने, साक्ष्यों को प्रभावित करने और दहेज के लिए प्रताड़ित करने के आरोप हैं।

क्या था पूरा मामला?

त्विशा शर्मा, जो उत्तर प्रदेश के नोएडा की रहने वाली थीं, का विवाह दिसंबर 2025 में भोपाल के समर्थ सिंह से हुआ था। 12 मई 2026 को उनकी मौत हो गई। त्विशा के परिजनों की शिकायत के अनुसार, 12 मई की रात लगभग 9 बजकर 41 मिनट पर त्विशा अपनी माँ से फ़ोन पर बात कर रही थीं, तभी पृष्ठभूमि में समर्थ उन पर चिल्लाते सुने गए। इसके बाद करीब 20 मिनट तक उनका फ़ोन बंद रहा। घबराई माँ रश्मि ने सास गिरिबाला सिंह को फ़ोन किया, जिन पर आरोप है कि उन्होंने केवल इतना कहा  “वह अब नहीं रही” और फ़ोन काट दिया।  पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण “लिगेचर द्वारा पूर्व-मृत्यु फाँसी” (antemortem hanging by ligature) बताया गया है और शरीर पर कई चोटों का भी उल्लेख है। त्विशा के परिजनों ने स्थानीय जाँच में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए एम्स दिल्ली से दूसरे पोस्टमार्टम की माँग की थी।

दहेज में माँगे थे दो लाख रुपये — सीबीआई का आरोप

सीबीआई के अनुसार, गिरिबाला सिंह ने विवाह के समय विदाई की रस्म के दौरान त्विशा के परिजनों से 2 लाख रुपये की माँग की थी, जो उन्हें दे दिए गए। सीबीआई ने भारतीय न्याय संहिता 2023 की धाराएँ 80(2) (दहेज हत्या), 85 (पति या उसके संबंधियों द्वारा क्रूरता) और 3(5) के अलावा दहेज प्रतिषेध अधिनियम, 1961 की धाराएँ 3 और 4 के तहत मामला दर्ज किया है।

समर्थ सिंह की गिरफ्तारी और सीबीआई जाँच

समर्थ सिंह को 10 दिन फरार रहने के बाद 22 मई को जबलपुर से एसआईटी ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद सीबीआई ने 26 मई को जाँच अपने हाथ में लेकर नया एफ़आईआर दर्ज किया और समर्थ की रिमांड हासिल की। अब उनकी रिमांड पाँच दिन और बढ़ा दी गई है।

कानूनी दाँव-पेंच की पूरी कहानी

इस मामले में क़ानूनी उठापटक भी खूब रही। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने 10वीं अपर सत्र न्यायाधीश द्वारा 15 मई को गिरिबाला को दी गई अग्रिम ज़मानत को रद्द किया। गिरिबाला पेशे से स्वयं जिला एवं सत्र न्यायाधीश रह चुकी हैं, जबकि उनके बेटे समर्थ वकील हैं इसीलिए इस मामले ने न्यायपालिका के भीतर भी हलचल मचाई है।

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