देशभर में गणेश चतुर्थी का महापर्व शुरू, लालबागचा राजा से खैरताबाद तक भक्ति का सैलाब

नई दिल्ली/मुंबई। सोमवार, 14 सितंबर 2026 से देशभर में गणेश चतुर्थी का पावन पर्व और 10 दिवसीय गणेशोत्सव धूमधाम से शुरू हो गया। भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी तिथि पर भगवान गणेश की स्थापना के साथ ही मुंबई, हैदराबाद, इंदौर, पटना, जयपुर समेत कई शहरों में भक्ति और उत्साह का माहौल छा गया।

मुंबई के प्रसिद्ध लालबागचा राजा का पंडाल इस साल शिव थीम पर सजाया गया है। विशाल त्रिशूल के साथ बप्पा की प्रतिमा विराजमान हुई है। यह मंडल का 93वां गणेशोत्सव है। दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। जीएसबी सेवा मंडल में बप्पा को 66 किलो सोने और 335 किलो चांदी से सजाया गया। हैदराबाद के खैरताबाद में 72 फीट ऊंची विशाल गणेश प्रतिमा स्थापित की गई, जबकि उप्पुगुडा में ‘विकसित भारत 2047’ थीम पर पंडाल सजाया गया। इंदौर के तिलक नगर में 3 टन मिट्टी से बनी 14 फीट ऊंची प्रतिमा प्रकृति और पशु कल्याण के संदेश के साथ विराजित हुई।

पटना के महाराष्ट्र मंडल में मदुरई के मीनाक्षी मंदिर की तर्ज पर पंडाल बनाया गया। यहां मुंबई के लालबागचा राजा जैसी साढ़े 5 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापित की गई, जिसे 55 लाख रुपये के हीरा-पन्ना-माणिक जड़ित सोने के मुकुट से सजाया गया। बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन भी पूजा में शामिल हुए। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उनकी पत्नी अमृता फडणवीस ने बप्पा की आरती की। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन भी महाराष्ट्र सदन में पूजा-अर्चना में शामिल हुए।

पंचांग के अनुसार चतुर्थी तिथि 14 सितंबर सुबह 7:06 बजे शुरू हुई और 15 सितंबर सुबह 7:44 बजे समाप्त होगी। मुख्य स्थापना और पूजा का शुभ मुहूर्त मध्याह्न काल (दिल्ली में लगभग 11:02 से 1:31 बजे तक) माना गया। उत्सव अनंत चतुर्दशी (25 सितंबर) तक चलेगा। देश के विभिन्न शहरों में पारंपरिक पंडालों, मिट्टी की मूर्तियों और भव्य सजावट के साथ गणपति बप्पा मोरया के जयकारे गूंज रहे हैं।

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