गिरिडीह में फूड पॉइजनिंग से हाहाकार: झारखंड के गिरिडीह जिले में रविवार से सोमवार की रात के बीच एक दुखद घटना सामने आई है, जहां सड़क ठेले से पानी-पूरी खाने के बाद 6 वर्षीय एक बच्चे की मौत हो गई, जबकि करीब 60 लोगों को तेज उल्टी, दस्त और बुखार की शिकायत के साथ अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
घटना के बारे में
स्थानीय स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन के अनुसार, गिरिडीह के बाजतो गांव के आसपास के कई लोगों ने रविवार को सड़क किनारे लगे एक पानी-पूरी ठेले से स्नैक्स खाया था, जिसके बाद उन्हें अचानक तेज पेट दर्द, बार-बार उल्टी और दस्त शुरू हो गए। कुछ घंटों के भीतर ही गांव में बीमारियों का दौर बढ़ने लगा, जिसके बाद अस्पतालों में भीड़ जमा हो गई।
मरीजों की हालत और इलाज
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, अधिकतर मरीजों में फूड पॉइज़निंग के लक्षण दिखे हैं और उन्हें द्रव डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए आईवी फ्लूइड और दवाएं दी जा रही हैं। 6 वर्षीय बच्चे को गंभीर हालत में गिरिडीह सदर अस्पताल में लाया गया, लेकिन उसकी जान बचाई नहीं जा सकी, जबकि अन्य लगभग 60 मरीज अभी भी अलग‑अलग स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती हैं।
जांच और जानकारी
जिला प्रशासन ने प्रारंभिक जांच में ठेले पर खाने के पानी, चटनी और सामग्री के नमूने लेकर रासायनिक और माइक्रोबायोलॉजिकल जांच के लिए भेजे हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार, गर्मी और गुणवत्ताहीन पानी के कारण खाने वाली वस्तुएं जल्दी खराब हो सकती हैं, जिससे बैक्टीरियल या रसायन‑आधारित फूड पॉइज़निंग हो सकती है।
प्रशासन की कार्रवाई
घटना के बाद स्थानीय प्रशासन ने ठेलेवाले विक्रेता की जांच शुरू कर दी है और क्षेत्र के अन्य स्ट्रीट फूड ठेलों पर भी स्वास्थ्य निगरानी बढ़ा दी गई है। जिला पदाधिकारियों ने आम जनता से असंरक्षित और अस्वच्छ ठेलों से ताजा खाद्य सामग्री खरीदने से बचने और प्यास शांत करने के लिए केवल उबले या बोतलबंद पानी का उपयोग करने की अपील की है।
लोगों की प्रतिक्रिया
गांव के कई लोग भयभीत और आक्रोशित हैं और उन्होंने खाद्य सुरक्षा नियमों की पालना करवाने व अवैध ठेलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों का कहना है कि इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए स्वच्छता, नाली और गर्मी में खाद्य पदार्थों की ताजगी पर नियमित निगरानी जरूरी है।

