‘लिफ्ट’ के जाल में फँसाकर लूटते थे राहगीर, थार-वेन्यू वाले शातिर गिरोह के 5 बदमाश गिरफ्तार

किराए की गाड़ियों से एनसीआर में फैला रखा था आतंक, 20 मोबाइल, 2 अवैध तमंचे और 3 चाकू बरामद

गौतमबुद्धनगर पुलिस ने सोमवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए रात के अँधेरे में राहगीरों और टैक्सी चालकों को निशाना बनाने वाले एक संगठित लूट गिरोह का पर्दाफाश किया। थाना सूरजपुर पुलिस ने सेक्टर ईटा-01 के पास छापा मारकर इस गिरोह के पाँच सक्रिय सदस्यों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अंकित सिंह, दीपांशु, तरुण ठाकुर, नवाब भाटी उर्फ संदीप भाटी और मोहित राजपूत के रूप में हुई है।

कैसे काम करता था यह गिरोह?

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि यह गिरोह बेहद सुनियोजित और शातिर तरीके से काम करता था। रात के समय यह बदमाश महिंद्रा थार और हुंडई वेन्यू जैसी प्रीमियम गाड़ियों में नोएडा, ग्रेटर नोएडा और एनसीआर की सड़कों पर निकलते थे। गिरोह का पहला हथकंडा था — अकेले चलते राहगीरों को “लिफ्ट” देने का नाटक कर गाड़ी में बैठाना और फिर मारपीट कर उनके मोबाइल, नकद और कीमती सामान लूट लेना। दूसरा तरीका और भी ज़्यादा आक्रामक था। ये बदमाश रात को अपनी ड्यूटी पर जा रहे टैक्सी चालकों के रास्ते में जानबूझकर गाड़ी आगे-पीछे लहराते थे। जैसे ही चालक रुककर बात करने आता, ये उस पर टूट पड़ते, मारपीट करते और उसके मोबाइल के साथ-साथ गाड़ी की चाबी तक छीन लेते — ताकि पीड़ित पुलिस को सूचना देने में असमर्थ रहे।

किराए की गाड़ियाँ — सबूत मिटाने की चालाकी

पुलिस जाँच में यह भी खुलासा हुआ कि यह गिरोह वारदात के लिए अधिकतर गाड़ियाँ किराए पर लेता था और घटना के बाद उन्हें वापस कर देता था, ताकि पुलिस की पकड़ में न आए। इस तरह हर वारदात के बाद वे अपने निशान मिटाने में कामयाब हो जाते थे। यही वजह है कि लंबे समय तक यह गिरोह पुलिस की नज़र से बचता रहा।

बरामदगी एक लंबी फेहरिस्त

गिरफ्तार बदमाशों के कब्जे से पुलिस ने निम्नलिखित सामग्री बरामद की: 20 चोरी व छिनैती के मोबाइल फोन (विभिन्न कंपनियों के), 2 कारें — एक महिंद्रा थार और एक हुंडई वेन्यू (वारदात में इस्तेमाल), एक हुंडई कार की चाबी, 2 अवैध देशी तमंचे और 2 जिंदा कारतूस, 3 अवैध चाकू, ₹4,000 नकद (लूट के रुपये)

डीसीपी सेंट्रल नोएडा ने की कार्रवाई की सराहना

डीसीपी सेंट्रल नोएडा शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि थाना सूरजपुर पुलिस टीम ने अपराध नियंत्रण की दिशा में एक अत्यंत सराहनीय कार्य किया है। उन्होंने कहा, “यह अपराधी बेहद शातिर हैं और रेंट की गाड़ियों का उपयोग कर पुलिस को भटकाने की कोशिश करते थे। इनके कब्जे से मिले अवैध हथियार और लूट का सामान इनके संगठित आपराधिक नेटवर्क की पुष्टि करते हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि अब पुलिस इस गिरोह के शेष साथियों और पूर्व वारदातों में इनकी संलिप्तता की गहनता से जाँच कर रही है।

सभी पर पहले से दर्ज हैं कई मुकदमे

पकड़े गए पाँचों आरोपियों का आपराधिक इतिहास पहले से ही लंबा-चौड़ा है। इन सभी पर लूट, मारपीट और आर्म्स एक्ट के अंतर्गत कई मुकदमे विभिन्न थानों में पहले से दर्ज हैं। बावजूद इसके ये बार-बार अपराध की राह पर लौटते रहे।

आगे की कार्रवाई

थाना सूरजपुर पुलिस ने सभी पाँच आरोपियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज करते हुए न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने नोएडा व एनसीआर में अब तक कितनी वारदातों को अंजाम दिया और इनके नेटवर्क में और कौन-कौन से लोग शामिल हैं। इस कार्रवाई को गौतमबुद्धनगर पुलिस की ओर से संगठित अपराध के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता के रूप में देखा जा रहा है।

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