New Delhi news सेंट्रल जिला साइबर पुलिस स्टेशन ने फर्जी एयरलाइन नौकरी रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें गिरोह का मास्टरमाइंड, उसका साथी, वेबसाइट डेवलपर और तीन टेली-कॉलर शामिल हैं। आरोपी नौकरी का झांसा देकर अभ्यर्थियों से 7 से 10 हजार रुपये तक की फर्जी पंजीकरण व प्रवेश फीस वसूलते थे।
पुलिस उपायुक्त सेंट्रल जिला रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि आरोपी ह्यब्रेटिश एयरवेजह्ण और ह्यफ्यूचर विंग्स लर्निंग इंस्टीट्यूटह्ण के नाम से फर्जी वेबसाइट चलाकर नौकरी चाहने वालों को निशाना बनाते थे। सोशल मीडिया पर विज्ञापन के जरिए आवेदकों से संपर्क कर दस्तावेज मंगाए जाते और एयरपोर्ट/एविएशन नौकरी के लिए फर्जी डिप्लोमा जरूरी बताकर रकम ली जाती थी। इसके बाद फर्जी प्रवेश पर्ची, प्रमाणपत्र और नौकरी का आॅफर लेटर भेजा जाता था।
तकनीकी जांच और बैंक-यूपीआई लेनदेन के आधार पर पुलिस ने नोएडा से संदीप कुमार और अखिल कुमार को गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद वेबसाइट डेवलपर राकेश कुमार और तीन टेली-कॉलर भी पकड़े गए। आरोपियों के कब्जे से दो लैपटॉप, आठ मोबाइल फोन, आठ सिम कार्ड और नौकरी तलाशने वालों का डेटा रखने वाली दो रजिस्टर बरामद हुए हैं। जांच में इस गिरोह से जुड़े नौ साइबर अपराध शिकायतें भी सामने आई हैं।
पुलिस के अनुसार गिरोह लगातार कार्यालय, वेबसाइट और सिम बदलकर पुलिस से बचने का प्रयास करता था। शिकायतों के बाद आरोपियों ने नए नामों से भी फर्जी वेबसाइट शुरू की थीं। पुलिस अन्य आरोपियों और ठगी के मामलों का पता लगा रही है। नागरिकों से सोशल मीडिया पर मिलने वाले नौकरी के प्रस्तावों की आधिकारिक स्रोतों से पुष्टि करने और किसी नौकरी के लिए अग्रिम भुगतान न करने की अपील की गई है।
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