Dawood’s close associate Salim Dola extradited to India from Türkiye: 5000 करोड़ के अंतरराष्ट्रीय ड्रग कार्टेल का मास्टरमाइंड मुंबई पहुंचा, NCB-खुफिया एजेंसियों की पूछताछ शुरू

Dawood’s close associate Salim Dola extradited to India from Türkiye: दाऊद इब्राहिम की ‘डी-कंपनी’ का कुख्यात सहयोगी और 5,000 करोड़ रुपये से अधिक के सालाना कारोबार वाले सिंथेटिक ड्रग्स के अंतरराष्ट्रीय कार्टेल का कथित मास्टरमाइंड सलीम इस्माइल डोला को तुर्की के इस्तांबुल से डिपोर्ट कर भारत लाया गया है। मंगलवार सुबह विशेष विमान से दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे डोला को तुरंत खुफिया और नारकोटिक्स अधिकारियों की संयुक्त टीम ने हिरासत में ले लिया। वह फिलहाल अज्ञात स्थान पर कड़ी सुरक्षा में पूछताछ के अधीन है और जल्द ही मुंबई पुलिस या नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) को सौंपा जा सकता है।

सलीम डोला को 25 अप्रैल 2026 को इस्तांबुल के बेयलिकदुजू इलाके में एक फ्लैट से तुर्की की राष्ट्रीय खुफिया एजेंसी (MIT) और स्थानीय पुलिस की नारकोटिक्स यूनिट ने संयुक्त ऑपरेशन में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के समय वह फर्जी UAE पासपोर्ट का इस्तेमाल कर छिपा हुआ था। इंटरपोल की रेड कॉर्नर नोटिस (RCN) के आधार पर CBI की मांग पर यह कार्रवाई हुई। तुर्की और UAE अधिकारियों के बीच कूटनीतिक समन्वय के बाद उसे भारत भेजा गया।

डी-कंपनी का ड्रग नेटवर्क संभालने वाला प्रमुख चेहरा

सूत्रों के अनुसार, सलीम डोला लंबे समय से विदेश (खासकर दुबई और इस्तांबुल) से ‘डी-कंपनी’ के सिंथेटिक ड्रग्स (MDMA/पार्टी ड्रग्स) के निर्माण, सप्लाई और तस्करी के बड़े नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा था। यह कार्टेल भारत में MD फैक्टरियां चलाने, अंतरराष्ट्रीय तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा बताया जाता है। मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच और NCB के पुराने मामलों में वह मुख्य आरोपी है। NCB ने उसके सिर पर 1 लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया था। इस गिरफ्तारी को अंडरवर्ल्ड के नशीले पदार्थों के व्यापार पर बड़ा झटका माना जा रहा है। डोला का बेटा ताहिर डोला जून 2025 में UAE से भारत प्रत्यर्पित किया जा चुका है। उसके मुख्य सहयोगी सलीम मोहम्मद सोहेल शेख को भी दुबई से लाकर मुंबई एंटी-नारकोटिक्स सेल ने गिरफ्तार किया था। इन कार्रवाइयों की श्रृंखला में सलीम डोला की गिरफ्तारी को भारतीय एजेंसियों की बड़ी सफलता बताया जा रहा है।

पूछताछ से बड़े खुलासे की उम्मीद

अधिकारियों का कहना है कि डोला से पूछताछ में ड्रग कार्टेल के पूरे नेटवर्क, फाइनेंशियल लिंक्स, भारत और विदेश में छिपे सहयोगियों तथा संभावित आतंक फंडिंग के रास्तों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है। मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच के कई पुराने ड्रग्स मामले और NCB की जांच अब नई गति पकड़ सकती है। भारत और तुर्की के बीच प्रत्यर्पण संधि नहीं होने के बावजूद UAE पासपोर्ट और अंतरराष्ट्रीय समन्वय के जरिए डोला को सफलतापूर्वक भारत लाया गया। सुरक्षा एजेंसियां इसे अंतरराष्ट्रीय सहयोग का अच्छा उदाहरण बता रही हैं।

पृष्ठभूमि

सलीम डोला मूल रूप से गुटखा बेचने से शुरू कर ड्रग्स के बड़े कारोबार तक पहुंचा। वह दाऊद इब्राहिम का करीबी माना जाता है और पिछले करीब एक दशक से भारतीय एजेंसियों से फरार था। उसकी गिरफ्तारी ‘डी-कंपनी’ के वैश्विक ड्रग सिंडिकेट को तोड़ने की दिशा में एक अहम कदम है। एजेंसियां अब डोला के नेटवर्क के बाकी बचे सदस्यों पर शिकंजा कसने की तैयारी में हैं। इस मामले में आगे की जांच जारी है और अधिक खुलासे होने की संभावना है।

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