Cyber ​​fraud in Noida: वकील की पत्नी को डिजिटल अरेस्ट कर 17.60 लाख रुपये हड़पे

Cyber ​​fraud in Noida: नोएडा। सेक्टर-128 की एक सोसाइटी में रहने वाली वकील की पत्नी को साइबर ठगों ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने का डर दिखाकर चार दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा। ठगों ने खुद को दूरसंचार मंत्रालय और दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताते हुए महिला को गिरफ्तारी की धमकी दी और अलग-अलग बैंक खातों में 17 लाख 60 हजार रुपए ट्रांसफर करा लिए। साइबर अपराध थाना पुलिस ने सोमवार को केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

आधार कार्ड से मोबाइल नंबर जुड़े होने की बात कहकर शुरू हुई ठगी

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह गृहणी हैं और उनके पति पेशे से वकील हैं। 24 जुलाई को उनके पास एक अनजान नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले शख्स ने खुद को दूरसंचार मंत्रालय का अधिकारी बताया और कहा कि उनके आधार कार्ड से जुड़े सभी मोबाइल नंबर बंद किए जा रहे हैं। ठग ने दावा किया कि उनका आधार कार्ड किसी अन्य मोबाइल नंबर से जुड़ा है और उस नंबर से धोखाधड़ी की जा रही है।

दिल्ली क्राइम ब्रांच का अधिकारी बनकर की पूछताछ

इसके बाद ठगों ने कॉल को दिल्ली क्राइम ब्रांच में ट्रांसफर करने की बात कही। दूसरे आरोपी ने खुद को दिल्ली पुलिस का आईपीएस अधिकारी बताया और वाट्सऐप व फोन कॉल के जरिए महिला से पूछताछ शुरू कर दी। आरोपियों ने महिला पर मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल होने का आरोप लगाया और कहा कि इस मामले में करोड़ों रुपए का लेनदेन हुआ है।

जेट एयरवेज मालिक नरेश गोयल का नाम लेकर बढ़ाया दबाव

ठगों ने महिला को बताया कि जेट एयरवेज के मालिक नरेश गोयल के घर से उसके नाम का बैंक डेबिट कार्ड बरामद हुआ है। इसके बाद काफी देर तक ऑनलाइन पूछताछ की गई। आरोपियों ने महिला को परिवार के किसी सदस्य को इस बारे में न बताने की चेतावनी दी। उसे कहा गया कि वह डिजिटल अरेस्ट में है और अगर किसी को बताया तो घर पर पुलिस भेजकर गिरफ्तार कर लिया जाएगा। डर के कारण महिला ने अपने पति को भी इसकी जानकारी नहीं दी।

चार दिन में ट्रांसफर कराए 17.60 लाख रुपए

24 से 28 जुलाई के बीच ठगों ने महिला से अलग-अलग बैंक खातों में 17.60 लाख रुपए ट्रांसफर करा लिए। आरोपियों ने आश्वासन दिया था कि जांच पूरी होने के बाद पूरी रकम वापस कर दी जाएगी, लेकिन पैसे वापस नहीं मिले।

ठगी का एहसास होने पर पुलिस से की शिकायत

बाद में महिला को ठगी का पता चला और उन्होंने साइबर अपराध थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने केस दर्ज कर उन बैंक खातों की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है, जिनमें रकम ट्रांसफर की गई थी। संबंधित खातों को फ्रीज कराने की प्रक्रिया भी चल रही है।

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