घटना 12 फरवरी (गुरुवार) की है, जब शून्यकाल के दौरान एक अन्य विधायक बोल रहे थे। उनके पीछे बैठे रोहित बोहरा पहले हाथ जोड़कर अभिवादन करते दिखे, लेकिन कुछ पल बाद हंसते हुए कैमरे की ओर कथित रूप से अभद्र इशारा करते नजर आए। यह पूरा वाकया सदन की लाइव कार्यवाही में कैद हो गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया।
भाजपा का हमला, सदस्यता समाप्त करने तक की मांग
भाजपा विधायक श्रीचंद कृपलानी ने सदन में मुद्दा उठाते हुए रोहित बोहरा के व्यवहार को विधानसभा की गरिमा के खिलाफ बताया और माफी के साथ कड़ी कार्रवाई की मांग की। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने भी सहमति जताई कि सदन की मर्यादा बनाए रखना सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है। भाजपा ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर कांग्रेस के ‘संस्कार’ पर सवाल उठाए हैं। कुछ जगहों पर सदस्यता समाप्त करने की मांग भी उठी, लेकिन यह अभी केवल चर्चा तक सीमित है।
स्पीकर का बयान: जांच के बाद फैसला
विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि सदन की कार्यवाही लाखों लोग देखते हैं और विधायक की जिम्मेदारी बहुत बड़ी होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरा वीडियो देखा जाएगा और यदि आचरण सदन की गरिमा के अनुरूप नहीं पाया गया तो नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
कांग्रेस का पक्ष: आपसी समझौते से सुलझाएं
कांग्रेस विधायक दल के सचेतक रफीक खान ने भाजपा की मांग का विरोध किया। उन्होंने कहा कि पूर्व में भी ऐसे मामले आपसी बातचीत से सुलझाए गए हैं और इस मुद्दे को भी इसी तरह हल किया जाना चाहिए। कांग्रेस की ओर से रोहित बोहरा का कोई व्यक्तिगत बयान अभी सामने नहीं आया है। फिलहाल मामला स्पीकर की जांच पर टिका है। वीडियो की समीक्षा के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी। इस घटना ने एक बार फिर सदन की मर्यादा और विधायकों के आचरण पर बहस छेड़ दी है। आगे की अपडेट का इंतजार है।

