नई दिल्ली, कोकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के जंतर मंतर प्रदर्शन के दिन दिल्ली को किले में तब्दील कर दिया गया। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच दोपहर तक राजधानी में 2,000 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया। अधिकांश लोगों को जंतर मंतर पहुंचने से पहले ही रोका गया और बस-वैन में भरकर स्टेडियम व अन्य अस्थायी केंद्रों पर ले जाया गया। सीजेपी और आल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (एआईएसए) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया था। आरोप है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में मतदाता सूची में अनियमितताएं बरती गईं। पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी।
प्लेन से ही हिरासत में लिए गए सीजेपी नेता
अभिजीत दिपके, सौरव दास और आशुतोष रांका एयर इंडिया की उड़ान से दिल्ली पहुंचे। लैंडिंग के कुछ मिनट बाद ही दिल्ली पुलिस कर्मी विमान में घुस गए और तीनों को हिरासत में लेकर अज्ञात स्थान पर ले गए। दिपके ने इंस्टाग्राम पर वीडियो जारी कर कहा, “यह नरेन्द्र मोदी का डर है। हमें अपराधियों की तरह प्लेन से उठाया जा रहा है। इंदिरा गांधी के समय भी ऐसा नहीं हुआ था।” सीजेपी ने अपने नेताओं की तुरंत और बिना शर्त रिहाई की मांग की तथा कहा कि नेतृत्व के बिना भी देशभर में विरोध जारी रहेगा। पार्टी ने प्रदर्शनकारियों से जंतर मंतर की ओर मार्च जारी रखने की अपील की।
अन्य प्रमुख गिरफ्तारियां
– यूट्यूबर ध्रुव राठी को गुरुग्राम से हिरासत में लिया गया।
– आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल को जंतर मंतर पहुंचने से पहले हिरासत में लिया गया।
– मनीष सिसोदिया समेत पंजाब में भी एएपी कार्यकर्ता हिरासत में लिए गए।
– सीपीआई(एम) के कई नेता, जिनमें पिनराई विजयन भी शामिल हैं, जंतर मंतर पहुंचने पर हिरासत में लिए गए।
– एआईएसए की नेहा बोरा, योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण भी हिरासत में लिए गए।
दिल्ली में किलेबंदी
राजधानी में 25,000 से 40,000 पुलिस और केंद्रीय बल तैनात किए गए। नोएडा-चिल्ला बॉर्डर सील, ड्रोन निगरानी, 45 मेट्रो स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट बंद, कई ट्रेनें रद्द और जंतर मंतर के आसपास इंटरनेट सेवाएं प्रभावित रहीं। कनॉट प्लेस और अन्य जगहों से सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया। सीजेपी ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अपील की थी, लेकिन कुछ जगहों पर पथराव की भी खबर आई, जिसमें दो पुलिसकर्मी घायल हुए। केजरीवाल ने नेताओं की हिरासत को “आपातकाल से भी बदतर” बताया, जबकि राहुल गांधी ने कहा कि ज्ञानेश कुमार और सरकार दोनों जाएंगे। शाम तक स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। सीजेपी का कहना है कि विरोध जारी रहेगा।

