नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके, सह-संयोजक आशुतोष रांका और प्रवक्ता सौरव दास शनिवार सुबह दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI एयरपोर्ट, टर्मिनल-3) पर उतरते ही दिल्ली पुलिस की हिरासत में ले लिए गए। उनके विमान के लैंड होते ही पुलिसकर्मी विमान के अंदर घुस गए।
मीडिया के अनुसार, विमान लैंड होने के कुछ ही मिनटों बाद पुलिस ने विमान में प्रवेश किया। अभिजीत दीपके ने पुलिस से कहा, “…मैं यहां गिरफ्तार होने आया हूं; मुझे गिरफ्तार कर लो।” पुलिस ने जवाब दिया, “नहीं, यह गिरफ्तारी नहीं है। कृपया सहयोग करें।” यह घटना मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रस्तावित ‘जंतर-मंतर 2.0’ प्रदर्शन से ठीक पहले हुई।
दीपके मुंबई से दिल्ली के लिए रवाना हुए थे। उन्होंने पहले ही साफ कह दिया था कि एयरपोर्ट पर या बाद में हिरासत या गिरफ्तारी की आशंका है, लेकिन वे पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा था कि यूएपीए या एनएसए लगा दिया जाए, तो भी लोकतंत्र और निष्पक्ष चुनाव के लिए लड़ाई जारी रहेगी। रांका और दास भी उनके साथ थे।
भारी सुरक्षा और देशभर में हिरासतें
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी। कानून-व्यवस्था, सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवधान का हवाला देते हुए मना किया गया। राजधानी में 20,000 से अधिक पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए। मेट्रो के कई स्टेशनों के एंट्री-एग्जिट गेट बंद कर दिए गए, कई ट्रेनें रद्द हुईं और बॉर्डर्स पर सख्त चेकिंग हो रही है। चिल्ला बॉर्डर समेत कई जगहों पर बीएसएफ भी तैनात है।
प्रदर्शन से पहले देशभर में कार्यकर्ताओं और समर्थकों की हिरासत की खबरें आईं। सीजेपी का दावा है कि हजारों लोगों को ट्रेनों, घरों और रास्तों से रोका या हिरासत में लिया गया। यूट्यूबर ध्रुव राठी भी दिल्ली में हिरासत में लिए गए। सीजेपी ने उनकी और अन्य हिरासत में लिए गए लोगों की तुरंत रिहाई की मांग की है।
सीजेपी का प्रदर्शन स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) ऑफ इलेक्टोरल रोल्स में कथित अनियमितताओं को लेकर है। पार्टी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, SIR रद्द करने और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति में निष्पक्ष प्रक्रिया की मांग कर रही है। इससे पहले सीजेपी ने NEET पेपर लीक और परीक्षा अनियमितताओं को लेकर भी बड़ा आंदोलन किया था, जिसके बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दिया था।
सीजेपी का रुख
दीपके ने पहले ही वीडियो संदेश में कहा था कि प्रदर्शन उनके हिरासत में लिए जाने के बावजूद जारी रहना चाहिए। उन्होंने समर्थकों से शांति बनाए रखने और संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत विरोध का अधिकार जताने की अपील की। पार्टी ने प्रदर्शनकारियों के लिए 12-पॉइंट ब्रीफिंग भी जारी की, जिसमें हिंसा से दूर रहने, संपत्ति की रक्षा करने और शांतिपूर्ण तरीके से आवाज उठाने की बात कही गई। दिल्ली पुलिस ने कहा है कि अवैध जमावड़े पर कार्रवाई की जाएगी और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। कई जगहों पर डिटेंशन सेंटर तैयार किए गए हैं।
यह घटनाक्रम युवा आंदोलन, चुनावी पारदर्शिता और विरोध के अधिकार को लेकर नई बहस छेड़ रहा है। दोनों पक्षों के दावों के बीच स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। ताजा अपडेट के लिए घटनाक्रम पर नजर बनाए रखें।
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