नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने सोमवार को दिल्ली पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए जंतर मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के लिए तारीख और समय तय करने की मांग की है। पार्टी के सह-संयोजक आशुतोष रांका और सौरव दास संसद मार्ग पुलिस थाने पहुंचे और पुलिस से कहा कि अगर 24 घंटे के अंदर तारीख नहीं दी गई तो वे खुद नया प्रदर्शन का आह्वान करेंगे।
सीजेपी नेताओं ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन उनका संवैधानिक अधिकार है। सौरव दास ने कहा, “पुलिस हमेशा कहती है कि 10 दिन पहले आवेदन दें। इस बार हमने फैसला पुलिस पर छोड़ दिया है कि वे तारीख और समय बताएं। लेकिन मामले को अनिश्चितकाल तक लटकाया नहीं जा सकता। हम 24 घंटे का अल्टीमेटम दे रहे हैं।” आशुतोष रांका ने भी दोहराया कि पुलिस को तारीख देनी चाहिए, वरना पार्टी खुद अगला आह्वान करेगी।
यह कदम 10 अक्टूबर को प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति न मिलने के बाद उठाया गया है। दिल्ली पुलिस ने शॉर्ट नोटिस, पिछले प्रदर्शनों में कथित नियमों के उल्लंघन और सार्वजनिक सुरक्षा-यातायात संबंधी चिंताओं का हवाला देते हुए अनुमति अस्वीकार कर दी थी। नियमों के मुताबिक जंतर मंतर पर कार्यक्रम के लिए कम से कम 10 दिन पहले आवेदन जरूरी है, जबकि सीजेपी का आवेदन 7 अक्टूबर को आया था।
शनिवार को शहर में भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच हजारों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके समेत प्रमुख नेताओं को हवाई अड्डे से ही हिरासत में लिया गया था। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। रविवार को भी सुरक्षा बल तैनात रहे और कुछ जगहों पर छोटे-छोटे विरोध प्रदर्शन हुए। पार्टी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर रही है। आरोप है कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के दौरान मतदाता सूची में गड़बड़ी हुई और फॉर्म-6 में बदलाव किए गए। चुनाव आयोग इन आरोपों से इनकार करता रहा है।
सीजेपी नेताओं ने सुरक्षा व्यवस्था की आलोचना करते हुए कहा कि इससे आम लोगों और व्यापारियों को परेशानी हो रही है, खासकर त्योहारों के मौसम में। उन्होंने जोर दिया कि जंतर मंतर निर्धारित विरोध स्थल है और शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार छीना नहीं जा सकता।
दिल्ली पुलिस ने अभी तक औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। थाने के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई थी और सड़क बंद कर दी गई थी। पार्टी का अगला कदम पुलिस के जवाब पर निर्भर करेगा। अगर तारीख नहीं मिली तो नया आह्वान होने की संभावना है। इस बीच शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी बनी हुई है।
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