CBI ने शुभकामना बिल्डटेक के खिलाफ दाखिल किया आरोप पत्र, 13 साल से आशियाने का इंतजार कर रहे सैकड़ों खरीदार

ग्रेटर नोएडा। घर खरीदारों से करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मेसर्स शुभकामना बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशकों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया है। आरोप है कि कंपनी ने ग्रेटर नोएडा स्थित हाउसिंग प्रोजेक्ट में झूठे वादों और छल-कपट से निवेशकों की गाढ़ी कमाई हड़प ली।

2012 से 2018 के बीच सैकड़ों खरीदारों ने कराई थी बुकिंग

जांच में सामने आया है कि शुभकामना बिल्डटेक ने खरीदारों को समय पर पजेशन, बेहतर सुविधाएं और परियोजना को तय समय में पूरा करने के फर्जी आश्वासन दिए थे। इन्हीं झूठे वादों के बल पर कंपनी ने 2012 से 2018 के बीच सैकड़ों खरीदारों से मोटी रकम वसूली, लेकिन न फ्लैट दिया और न ही पैसा वापस किया।

बैंकों से भी फर्जी दस्तावेजों पर लिए गए लोन

फ्लैट खरीदार अनुपम ने बताया कि 3 मार्च 2011 को इस परियोजना की शुरुआत हुई थी और बिल्डर ने 3 मार्च 2020 तक कब्जा देने का वादा किया था। बिल्डर ने बैंकों से मिलीभगत कर यह भी कहा था कि कब्जे तक किस्त वह स्वयं चुकाएगा, लेकिन तीन-चार किस्त देने के बाद भुगतान बंद कर दिया। अब खरीदार किराये के घर में रहते हुए खुद किस्त भरने को मजबूर हैं। इसके अलावा बिल्डर ने बैंकों से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भी लोन लिए और खरीदारों का पैसा परियोजना में लगाने की बजाय अन्य जगहों पर डायवर्ट कर दिया।

डिजिटल रिकॉर्ड और बैंक ट्रांजेक्शन से बना मजबूत केस

CBI ने डिजिटल रिकॉर्ड, बैंक ट्रांजेक्शन, प्रोजेक्ट की फाइलों और पीड़ितों के बयानों के आधार पर चार्जशीट तैयार की है। जांच एजेंसी अब यह पता लगा रही है कि कंपनी के खातों से पैसा कहां-कहां डायवर्ट हुआ। इस मामले में कंपनी के निदेशकों के साथ-साथ कुछ बैंकों और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों को भी आरोपी बनाया गया है।

CBI पहले भी नौ कंपनियों के खिलाफ दाखिल कर चुकी है आरोप पत्र

गौरतलब है कि CBI इससे पहले मेसर्स रुद्रा बिल्डवेल कंस्ट्रक्शंस, ड्रीम प्रोकान, जेपी इंफ्राटेक, एपीजे डेवलपर्स, सीएचडी डेवलपर्स, सीक्वल बिल्डकान, लाजिक्स सिटी और मंजू जे होम्स इंडिया लिमिटेड समेत नौ कंपनियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल कर चुकी है। शुभकामना बिल्डटेक के खिलाफ यह दसवीं चार्जशीट है।

13 साल से न्याय की राह देख रहे खरीदार

खरीदारों के संगठन नेफोवा के अध्यक्ष अभिषेक कुमार ने बताया कि पीड़ित खरीदार लंबे समय से बिल्डर के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं। 244 खरीदारों ने रेरा का दरवाजा भी खटखटाया था। बता दें कि यह परियोजना 30 अगस्त 2017 को रेरा में पंजीकृत है। 13 साल से आशियाने का सपना लिए बैठे इन खरीदारों को उम्मीद है कि CBI की इस कार्रवाई से उन्हें न्याय मिलेगा।

 

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