सेक्टर 100 स्थित लोटस एस्पेशिया के क्लब हाउस में कल ‘सीनियर सिटीजन्स प्रोग्राम’ के तहत एक भावपूर्ण सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें शहर के वरिष्ठ नागरिकों को उनके ज्ञान, अनुभव और संस्कारों के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन भारत सरकार के अधिकृत राष्ट्रीय अभियान के अंतर्गत किया गया था, जिसका उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों में आत्मविश्वास जगाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना बताया गया।

समारोह का संचालन पंकज माथुर भाई ने किया। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान 2011 की जनगणना का हवाला देते हुए बताया कि भारत में 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के 10.38 करोड़ से अधिक लोग हैं और बढ़ती जीवन प्रत्याशा के कारण यह संख्या और बढ़ने की संभावना है। उन्होंने कहा, “जिसके पास अनुभव का धन है, वही जीवन में सबसे अधिक सम्पन्न है,” और वरिष्ठ नागरिकों के योगदान को सराहना योग्य बताया।बी.के. आशीष ने ‘पुण्यों का खाता’ विषय पर प्रकाश डालते हुए कहा कि रोज़ की छोटी-छोटी अच्छी आदतें, क्षमा और दुआएँ ही सच्ची पूँजी हैं। बी.के. सुचित्रा ने राज कपूर के प्रसिद्ध गीत “किसी की मुस्कुराहट पे दिल निसार” का मनमोहक गायन कर सभी को भाव-विभोर कर दिया।
कार्यक्रम में बी.के. रितु ने मूल्य-आधारित गतिविधियाँ करवाईं, जिनमें बुजुर्गों ने हँसते-हँसाते सक्रिय भागीदारी दिखाई। मुख्य वक्ता बी.के. लीना दीदी ने कहा कि “जो हुआ, अच्छा हुआ – ड्रामा कल्याणकारी है” की भावना अपनाकर बुजुर्ग अपने मानसिक बोझ से मुक्त हो सकते हैं। उन्होंने उपस्थित सभी को राजयोग मेडिटेशन करवाया और कहा कि जब बाहरी दुनिया का शोर बढ़ जाता है, तब अंतर्मन की शांति सबसे बड़ा सहारा बनती है।
समारोह के दौरान वरिष्ठ नागरिकों को ‘ओल्ड इज़ गोल्ड’ प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। प्रमाण-पत्र में लिखा था — “आप हमारे समाज की आधारशिला हैं। ज्ञान, अनुभव और संस्कारों के भंडार हैं।” सम्मान प्राप्त करने वाले बुजुर्गों ने इसे स्नेहपूर्वक स्वीकार किया और कार्यक्रम के माध्यम से मिलने वाली स्वीकृति पर प्रसन्नता व्यक्त की। समापन अवसर पर सभी उपस्थित लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया और आपस में मिलकर खुशी बाँटी। आयोजकों ने आगे भी ऐसे कार्यक्रम जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की ताकि वरिष्ठ नागरिकों का सशक्तिकरण और सामाजिक सहभागिता सुनिश्चित की जा सके।

