भारत को मिले एक साथ 3 गोल्ड, कुश्ती और बॉक्सिंग में शानदार प्रदर्शन

आइची-नागोया (जापान)। एशियन गेम्स 2026 में शुक्रवार (2 अक्टूबर) को भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महज 30 मिनट में तीन स्वर्ण पदक अपने नाम किए। कुश्ती में सुजीत कल्कल तथा मुक्केबाजी में अंकुश पंघाल और परवीन हुड्डा ने गोल्ड जीतकर भारत की मेडल टैली को मजबूत किया। इन तीनों गोल्ड के साथ भारत का स्वर्ण पदकों का आंकड़ा 15 पर पहुंच गया।

सबसे पहले मुक्केबाजी में परवीन हुड्डा ने महिलाओं की 65 किग्रा श्रेणी के फाइनल में चीनी ताइपे की चेन निएन-चिन को 3-2 के स्प्लिट डिसीजन से हराया। इसके तुरंत बाद अंकुश पंघाल ने पुरुषों की 80 किग्रा श्रेणी में दक्षिण कोरिया के किम मिन-सोंग को 4-0 से हराकर गोल्ड अपने नाम किया। अंकुश 2018 के बाद एशियन गेम्स में पुरुष मुक्केबाजी में गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय बन गए।

उसी दौरान कुश्ती के मैट पर सुजीत कल्कल ने पुरुष फ्रीस्टाइल 65 किग्रा के फाइनल में ताजिकिस्तान के अब्दुलमजीद कुदिएव के खिलाफ कमाल की वापसी की। 2-9 से पीछे रहने के बावजूद सुजीत ने आखिरी मिनटों में जोरदार प्रदर्शन करते हुए 10-9 से मुकाबला जीत लिया। इससे पहले सेमीफाइनल में उन्होंने जापान के ओलंपिक चैंपियन कोटारो कियोका को भी मात दी थी। इन तीनों गोल्ड ने भारत को मेडल टैली में आगे बढ़ाया। भारत फिलहाल 15 गोल्ड, 25 सिल्वर और 35 ब्रॉन्ज (कुल 75 मेडल) के साथ छठे स्थान पर है। इससे पहले दिन में लवलीना बोरगोहेन ने भी मुक्केबाजी में महिलाओं की 75 किग्रा श्रेणी में गोल्ड जीता था।

इस बीच महिलाओं की हॉकी टीम भी ऐतिहासिक गोल्ड की तलाश में चीन के खिलाफ फाइनल खेल रही है। यह मुकाबला भारत के लिए 1982 के बाद पहला एशियन गेम्स गोल्ड और 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक का सीधा कोटा भी तय कर सकता है। भारतीय खिलाड़ियों के इस शानदार प्रदर्शन ने एशियन गेम्स 2026 में देश की उम्मीदें और बढ़ा दी हैं।

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