गाजियाबाद वसुंधरा चौकी में धमाका: डिलीवरी बॉय घायल, जांच जारी

गाजियाबाद। इंदिरापुरम थाना क्षेत्र की वसुंधरा पुलिस चौकी में शुक्रवार रात करीब 9 से 10 बजे के बीच एक जोरदार धमाका हुआ। तेज धमाके से अफरा-तफरी मच गई। धमाके से दो अलग-अलग कमरों की दो खिड़कियां टूट गईं और दीवार में दरार आ गई। घटना में चौकी में खाना देने पहुंचा एक डिलीवरी बॉय झुलस गया। उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उपचार चल रहा है।

कब और कैसे हुआ हादसा

हादसे के वक्त चौकी पर एक सब-इंस्पेक्टर और एक डिलीवरी बॉय मौजूद थे, और टूटे कांच की चपेट में आने से डिलीवरी बॉय घायल हुआ। पुलिस के मुताबिक वह चौकी पर तैनात उप निरीक्षक विकास को भोजन देने आया था। वहीं रिपोर्ट के अनुसार धमाके में खिड़कियों के साथ एसी भी क्षतिग्रस्त हुआ।

पुलिस का दावा: एसी में हुआ ब्लास्ट

पुलिस अधिकारी शुरुआती तौर पर एसी में विस्फोट को खिड़कियां टूटने की वजह बता रहे हैं। सूचना मिलते ही एसीपी सूर्यबली मौर्य और डीसीपी ट्रांस हिंडन ऋजुल मौके पर पहुंचे और जांच की। डीसीपी का कहना है कि सभी टीमों ने सैंपल लिए हैं और जांच जारी है। उन्होंने पटाखों में धमाके की बात को गलत बताया।

स्थानीय लोगों का अलग दावा

स्थानीय निवासियों और राहगीरों के मुताबिक चौकी का एक कमरा एलिवेटेड रोड का कंट्रोल रूम है, जो फिलहाल बंद है, पर पुलिसकर्मी वहां अक्सर बैठते हैं। उनका आरोप है कि क्षेत्र में अवैध रूप से बिकने वाले जब्त पटाखे इसी कमरे में रखे जाते थे और धमाका उन्हीं में हुआ। पुलिस इस दावे को खारिज कर रही है।

फायर, फोरेंसिक और बम निरोधक दस्ता पहुंचा

घटना की सूचना पर सबसे पहले दमकल विभाग पहुंचा, फिर फोरेंसिक टीम और अंत में बम निरोधक दस्ता। टीमों ने चौकी परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया और विस्फोटक सामग्री की भूमिका की आशंका पर भी जांच की। आज तक के अनुसार फोरेंसिक टीम ने मौके से सबूत और सैंपल जांच के लिए भेज दिए हैं। धमाके की असल वजह फिलहाल आधिकारिक रूप से स्पष्ट नहीं है। इसका खुलासा फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।

लाजपत नगर हादसे की याद, उठे सवाल

इस घटना ने साहिबाबाद के लाजपत नगर के हादसे की याद ताज़ा कर दी है। वहां 5 अक्तूबर को रामलीला मैदान में रावण का पुतला बनाने के दौरान हुए धमाके में ठेकेदार अनिल समेत चार लोगों की मौत हो चुकी है। उस मामले में डीसीपी ने थानाप्रभारी समेत जिम्मेदारों की भूमिका की जांच के आदेश दिए थे। अमर उजाला ने सवाल उठाया है कि उस हादसे के बाद भी बरामद सामान को सुरक्षित रखने की व्यवस्था क्यों नहीं सुधारी गई।

अब आगे क्या

फोरेंसिक और बम निरोधक दस्ते की रिपोर्ट से तय होगा कि धमाका एसी में हुआ या किसी विस्फोटक या पटाखे से। घायल डिलीवरी बॉय की हालत और उसके बयान जांच में अहम होंगे। उसका नाम और उम्र अब तक सार्वजनिक नहीं हुए हैं। चौकी में जब्त सामग्री रखने की व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। यह खबर प्रारंभिक रिपोर्टों पर आधारित है। जांच रिपोर्ट आने पर इसे अपडेट किया जाएगा।

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