ग्रेटर नोएडा (दादरी), गौतमबुद्धनगर के दादरी थाना क्षेत्र में पड़ोसी को गंभीर आपराधिक मामले में फंसाने के लिए खुद पर जानबूझकर गोली चलवाने की सनसनीखेज साजिश का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। बैनामा लेखक हरेंद्र नागर ने अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर 25 अक्टूबर की रात अपने ही घर पर CCTV कैमरे के सामने फायरिंग करवाई और फिर पड़ोसी वकील विकास सैन (कुछ रिपोर्टों में विकास सेन) के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया।
सोमवार को डीसीपी ग्रेटर नोएडा श्रवण कुमार सिंह ने प्रेस वार्ता में जानकारी देते हुए बताया कि जांच में पूरा षड्यंत्र सामने आ गया। पुलिस ने तीन आरोपियों को बिसाहड़ा अंडरपास के पास से गिरफ्तार कर लिया है, जबकि साजिशकर्ता हरेंद्र नागर, उसका भाई सतेंद्र उर्फ सत्ते और एक अन्य साथी आकाश चपराना फरार हैं। आरोपियों के कब्जे से अवैध तमंचा, दो जिंदा कारतूस, घटना में इस्तेमाल मोटरसाइकिल और CP Plus कंपनी का DVR बरामद किया गया है।
मामला कैसे शुरू हुआ
पुलिस के अनुसार, हरेंद्र नागर और पड़ोसी विकास सैन के बीच पहले मामूली कहासुनी हो चुकी थी। इसी पुरानी रंजिश का बदला लेने के लिए हरेंद्र ने साजिश रची। 25 अक्टूबर की रात उसके साला अतुल भाटी और भतीजा प्रतीक उर्फ कलुआ घर पहुंचे। दोनों ने घर में लगे CCTV कैमरे के सामने हरेंद्र पर गोली चलाई। घटना को वास्तविक दिखाने के बाद हरेंद्र ने दादरी थाने में विकास सैन के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। जांच शुरू होते ही पुलिस को कई संदिग्ध बातें नजर आईं। विकास सैन घटना के समय अपने घर पर मौजूद थे। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास 10 किलोमीटर के दायरे में 100 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज और अन्य साक्ष्यों से साफ हो गया कि फायरिंग खुद हरेंद्र की योजना के तहत हुई थी।
गिरफ्तार आरोपी और उनकी भूमिका
गिरफ्तार तीन आरोपियों की पहचान इस प्रकार है:
प्रतीक उर्फ कलुआ (26) – हरेंद्र नागर का भतीजा, निवासी ग्राम कूड़ीखेड़ा, थाना बादलपुर
अतुल भाटी (29) – हरेंद्र का साला, निवासी साकीपुर, थाना सूरजपुर
अभिषेक नागर (25) – हरेंद्र का बेटा, निवासी न्यादरगंज, थाना दादरी
पुलिस के अनुसार, पूरी साजिश में छह लोग शामिल थे। अतुल भाटी के खिलाफ पहले से दादरी, सूरजपुर और बीटा-2 थानों में कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें मारपीट, घर में घुसकर हमला, चोरी और लूट के मामले शामिल हैं।
डीसीपी ने बताया कि हरेंद्र नागर और उसके भाई सतेंद्र उर्फ सत्ते को वर्ष 2007 में दादरी में हुई एक हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा हो चुकी है। दोनों पैरोल पर बाहर आए हुए हैं। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा जा रहा है कि खुद पर फायरिंग कराने का एक मकसद हथियार का लाइसेंस बनवाना और सुरक्षा गनर लेना भी हो सकता है। मुख्य आरोपी के पकड़े जाने के बाद असली मकसद और स्पष्ट होगा।
पुलिस कार्रवाई और आगे की जांच
2 नवंबर को दादरी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। बरामदगी में अवैध तमंचा, दो कारतूस, स्प्लेंडर मोटरसाइकिल और DVR शामिल हैं। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है। घटना का खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपये के इनाम की घोषणा भी की गई है। यह मामला व्यक्तिगत रंजिश में झूठे मुकदमे और साजिश की गंभीरता को उजागर करता है। पुलिस पूरे षड्यंत्र के अन्य पहलुओं की जांच जारी रखे हुए है।

