बॉलीवुड के जाने-माने निर्माता-निर्देशक संजय गुप्ता का निधन हो गया है। 30 अक्टूबर को मुंबई स्थित अपने निवास पर उनके निधन की सूचना से हिंदी फिल्म उद्योग में गहरा शोक व्याप्त है। उनकी उम्र को लेकर रिपोर्ट्स में अंतर है कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में 59 साल, जबकि कुछ में 57 साल बताया गया है।
क्या बताया जा रहा है
प्रारंभिक रिपोर्ट्स के मुताबिक, संजय गुप्ता की मौत घर पर गिरने और सिर में चोट लगने के बाद हुई। निर्माता आशोक पंडित ने सोशल मीडिया पर उनके निधन की पुष्टि करते हुए कहा कि गुप्ता घर पर सिर में चोट के कारण निधन को प्राप्त हुए। हालांकि, कुछ अन्य रिपोर्ट्स में उनकी मौत का सटीक कारण अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है और परिवार अथवा करीबियों की ओर से आधिकारिक बयान का इंतजार है।
फिल्मी सफर
23 अक्टूबर 1969 को मुंबई में जन्मे संजय गुप्ता ने 1994 में संजय दत्त अभिनीत ‘आतिश: फील द फायर’ से निर्देशन की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने ‘राम शास्त्र’, ‘जंग’, कांटे, ‘ज़िंदा’, ‘मुसाफिर’, ‘शूटआउट एट लोखंडवाला’, ‘शूटआउट एट वाडाला’, ‘जज़बात’ और ‘काबिल’ जैसी फिल्में बनाईं।
उनकी सबसे पहचानी फिल्मों में 2002 की ‘कांते’ शामिल है, जिसमें अमिताभ बच्चन, संजय दत्त, सुनील शेट्टी, महेश मांजरेकर, लकी अली और कुमार गौरव जैसे कलाकार थे। यह हीस्ट थ्रिलर अपनी स्टाइलिश प्रस्तुति और एनसेंबल कास्ट के लिए कल्ट फॉलोइंग पा चुकी है। 2013 में आई ‘शूटआउट एट वाडाला’ का निर्देशन भी गुप्ता ने ही किया था। यह फिल्म हुसैन जैदी की किताब ‘डोंगरी टू दुबई’ पर आधारित थी और मुंबई के अंडरवर्ल्ड से जुड़ी घटनाओं पर केंद्रित थी।
फिल्म जगत में शोक
निधन की खबर के बाद फिल्म उद्योग के कई लोगों ने शोक जताया है। ‘काबिल’ के साथ उनके साथ काम कर चुके निर्माता राकेश रोशन ने इसे बेहद दुखद खबर बताया।संजय गुप्ता को हिंदी सिनेमा में क्राइम थ्रिलर, नियो-नॉयर विजुअल्स और मुंबई के अंडरवर्ल्ड पर आधारित कहानियों के लिए जाना जाता था। उनकी फिल्मों में संजय दत्त, जॉन अब्राहम और अनिल कपूर जैसे कलाकारों के साथ उनकी बार-बार साझेदारी रही।