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स्टारलिंक विवाद: मस्क बोले- 'बीम्स भारत में बंद हैं', सरकार ने 'ओलिगार्क' वाले आरोप को नकारा स्टारलिंक विवाद: मस्क बोले- 'बीम्स भारत में बंद हैं', सरकार ने 'ओलिगार्क' वाले आरोप को नकारा

स्टारलिंक विवाद: मस्क बोले- ‘बीम्स भारत में बंद हैं’, सरकार ने ‘ओलिगार्क’ वाले आरोप को नकारा

नई दिल्ली। स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क ने बुधवार को उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि पूर्वोत्तर भारत में उग्रवादी समूहों द्वारा स्टारलिंक सैटेलाइट इंटरनेट सेवा का इस्तेमाल किया जा रहा है। मस्क ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि स्टारलिंक के सैटेलाइट बीम्स भारत में पूरी तरह बंद हैं, इसलिए यह दावा कि इसका इस्तेमाल किसी भी कारण से किया गया, पूरी तरह गलत है।

मणिपुर सीमा से जुड़े दावों पर सफाई

मस्क की यह प्रतिक्रिया एक्स यूजर डॉगडिज़ाइनर की उस पोस्ट पर आई, जिसमें उस दावे को चुनौती दी गई थी कि म्यांमार सीमा के पास मणिपुर में सुरक्षा बलों ने उग्रवादी समूहों से स्टारलिंक के उपकरण बरामद किए थे। डॉगडिज़ाइनर ने तर्क दिया कि जब स्टारलिंक के बीम्स भारत में बंद हैं, तो इस तरह के दावे तर्कसंगत नहीं हैं, क्योंकि बीम्स बंद रहने पर कोई भी डिवाइस भारत में कनेक्ट ही नहीं हो सकता।

‘ओलिगार्क’ पर निशाना, सरकार ने दी सफाई

इससे पहले मंगलवार को मस्क ने एक और पोस्ट में दावा किया था कि कुछ “ओलिगार्क” अपनी इजारेदारी बनाए रखने के लिए भारत में स्टारलिंक की लॉन्चिंग को जानबूझकर रोक रहे हैं, हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया। मस्क ने इसे “भारत के लोगों के साथ अपराध” करार दिया था। भारत सरकार ने गुरुवार को मस्क के इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि सैटेलाइट संचार सेवाओं की मंजूरी के लिए “निष्पक्ष और गैर-भेदभावपूर्ण” नियम लागू किए गए हैं।

कनेक्टिविटी गैप का हवाला

डॉगडिज़ाइनर की पोस्ट में यह भी बताया गया कि मार्च 2026 तक भारत में 1.093 अरब इंटरनेट कनेक्शन थे, जिनमें से सिर्फ 440.87 करोड़ ग्रामीण क्षेत्रों में थे। पोस्ट में कहा गया कि स्टारलिंक जैसी सेवाएं दूरदराज के गांवों, पहाड़ी इलाकों और द्वीपों तक हाई-स्पीड इंटरनेट पहुंचाने में मददगार साबित हो सकती हैं, जहां फाइबर या मोबाइल नेटवर्क बिछाना मुश्किल है।

पहले भी उठ चुके हैं सवाल

गौरतलब है कि इससे पहले भी मणिपुर में जातीय हिंसा के दौरान स्टारलिंक लोगो वाले उपकरण बरामद होने की खबरें आई थीं, जिस पर मस्क ने उसी समय भी यही सफाई दी थी कि भारत में बीम्स सक्रिय नहीं हैं। फिलहाल स्टारलिंक को भारत में वाणिज्यिक सेवाएं शुरू करने के लिए अंतिम सुरक्षा मंजूरियों का इंतजार है।

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