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नोएडा में पोरवाल समाज का बड़ा प्रदर्शन: सीईसी ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न देने की मांग, राष्ट्रपति को सौंपा गया ज्ञापन नोएडा में पोरवाल समाज का बड़ा प्रदर्शन: सीईसी ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न देने की मांग, राष्ट्रपति को सौंपा गया ज्ञापन

नोएडा में पोरवाल समाज का बड़ा प्रदर्शन: सीईसी ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न देने की मांग, राष्ट्रपति को सौंपा गया ज्ञापन

नोएडा (गौतमबुद्ध नगर), मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) श्री ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर चल रहे भ्रामक व तथ्यहीन प्रचार के विरोध में बुधवार को नोएडा सेक्टर-19 स्थित मजिस्ट्रेट कार्यालय के बाहर पोरवाल समाज सेवा समिति (रजि.) दिल्ली के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। समाज के सदस्यों ने नारे लगाए, तख्तियां उठाईं और राष्ट्रपति महोदया को ज्ञापन सौंपने की प्रक्रिया शुरू की। प्रदर्शनकारियों का साफ संदेश था — “ज्ञानेश कुमार जी का अपमान, भारत का लोकतंत्र” और “Nation Stands with CEC Gyanesh Kumar”। प्रदर्शन में बड़े बैनर पर लिखा था — “ज्ञानेंद्र कुमार जी का अपमान, भारत का लोकतंत्र — जनता की आवाज़, ज्ञानेंद्र कुमार को भारत रत्न” तथा “ज्ञानेंद्र कुमार जी तुम आगे बढ़ो, पूरा देश आपके साथ है”। हाथ में पकड़े छोटे पोस्टरों पर भी “ज्ञानेंद्र कुमार जी का अपमान, नहीं सहेगा हिंदुस्तान” और अंग्रेजी में समर्थन संदेश प्रमुखता से छपे थे।

कार्यक्रम के दौरान एक वक्ता ने भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि आज की यह भीड़ व्यर्थ नहीं जाएगी। धूप में खड़े होकर जो तपस्या की जा रही है, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए वरदान साबित होगी। उन्होंने सवाल उठाए — “क्या पाकिस्तानियों के वोट बढ़ाना अपराध है? क्या घुसपैठियों के वोट हटाना अपराध है? क्या एक से छह-छह वोट तक हटाना अपराध है?” और जोर देकर कहा कि हिंदुस्तान जिंदाबाद था, जिंदाबाद है और रहेगा। ज्ञानेश जी द्वारा किए गए कार्य कभी व्यर्थ नहीं जाएंगे। वक्ता ने समाज से एकजुट रहने, तन-मन-धन से तैयार रहने और लोकतंत्र व देश की अखंडता के लिए खड़े रहने का आह्वान किया। अंत में “वन्दे मातरम्” और “भारत माता की जय” के नारे गूंजे।

राष्ट्रपति को ज्ञापन
पोरवाल समाज सेवा समिति ने नगर दंडाधिकारी, नोएडा (गौतमबुद्ध नगर) के माध्यम से भारत की महामहिम राष्ट्रपति महोदया को ज्ञापन सौंपा। दिनांक 08.10.2026 के ज्ञापन में कहा गया है कि कुछ तत्व सोशल मीडिया आदि के जरिए सीईसी श्री ज्ञानेश कुमार के खिलाफ भ्रामक, तथ्यहीन और निराधार प्रचार कर जनमानस में भ्रम पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं। अग्रवाल/पोरवाल समाज ऐसे किसी भी सुनियोजित दुष्प्रचार का पुरजोर विरोध करता है।

ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि श्री ज्ञानेश कुमार अपने संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन निष्पक्षता, पारदर्शिता, कर्तव्यनिष्ठता और संवैधानिक मर्यादाओं के अनुरूप कर रहे हैं। समाज उनके कार्य और कार्यशैली से पूर्णतः संतुष्ट है तथा लोकतांत्रिक व संवैधानिक संस्थाओं की प्रतिष्ठा को कमजोर करने के किसी भी प्रयास को स्वीकार नहीं करता। आमजन से अपील की गई कि अपुष्ट और भ्रामक सामग्री पर विश्वास न करें और उसे आगे प्रसारित करने से बचें।

ज्ञापन में आगे लिखा है — “हम कामना करते हैं कि श्री ज्ञानेश कुमार जी अपनी विशिष्ट कार्यशैली, कर्तव्यनिष्ठता एवं अनुभव के माध्यम से देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को निरंतर सुदृढ़ रखें और आपसे प्रार्थना है कि उनके देशहित के कार्यों के दृष्टिगत उन्हें ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया जाए।” ज्ञापन पर सुधीर चन्द्र पोरवाल (मुख्य संरक्षक एवं राष्ट्रीय चेयरमैन), मनोज गुप्ता (अध्यक्ष, नोएडा महानगर) और संदीप पोरवाल (वरिष्ठ महासचिव) सहित अन्य पदाधिकारियों के हस्ताक्षर हैं।

संगठन की भूमिका
कार्यक्रम का आयोजन पोरवाल समाज सेवा समिति (रजि.) दिल्ली ने किया। प्रधान कार्यालय विष्णु गार्डन, नई दिल्ली और नोएडा कार्यालय सेक्टर-19 में है। राष्ट्रीय स्तर पर सुधीर चन्द्र पोरवाल संस्थापक एवं राष्ट्रीय चेयरमैन हैं। नोएडा मण्डल की कार्यकारिणी में अध्यक्ष मनोज गुप्ता, उपाध्यक्ष श्री कृष्ण मोहन पोरवाल व रवि पोरवाल, वरिष्ठ महासचिव संदीप पोरवाल समेत कई पदाधिकारी शामिल हैं। महिला कार्यकारिणी की संरधिका सीमा पोरवाल रानी और अध्यक्षा ज्योति पोरवाल हैं।

पृष्ठभूमि
श्री ज्ञानेश कुमार 19 फरवरी 2025 से भारत के 26वें मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में कार्यरत हैं। 1988 बैच केरल कैडर के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं। हाल के महीनों में चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) और आयोग के आंतरिक कामकाज को लेकर राजनीतिक विवाद चल रहा है। विपक्षी दल उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं, जबकि समर्थक उनके कार्यों को लोकतंत्र मजबूत करने वाला बता रहे हैं। नोएडा का यह प्रदर्शन उसी संदर्भ में समाज के एक वर्ग का समर्थन प्रदर्शन था। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा। समाज के सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि देश की अखंडता से कोई समझौता नहीं होगा और संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने के लिए वे खड़े रहेंगे।

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