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ग्रेटर नोएडा वेस्ट: अर्थकॉन की संस्कृति और कासा रॉयल परियोजनाओं के खरीदारों को बड़ी राहत, CoC ने पुनर्विकास योजना 98% मतों से मंजूर, अब NCLT की अंतिम हरी झंडी के इंतजार में करीब 2,000 परिवार – जय हिन्द जनाब ग्रेटर नोएडा वेस्ट: अर्थकॉन की संस्कृति और कासा रॉयल परियोजनाओं के खरीदारों को बड़ी राहत, CoC ने पुनर्विकास योजना 98% मतों से मंजूर, अब NCLT की अंतिम हरी झंडी के इंतजार में करीब 2,000 परिवार – जय हिन्द जनाब

ग्रेटर नोएडा वेस्ट: अर्थकॉन की संस्कृति और कासा रॉयल परियोजनाओं के खरीदारों को बड़ी राहत, CoC ने पुनर्विकास योजना 98% मतों से मंजूर, अब NCLT की अंतिम हरी झंडी के इंतजार में करीब 2,000 परिवार

लंबे समय से अधर में लटके रहने वाले लगभग 2,000 घर खरीदारों को राहत की उम्मीद जगी है। दिवाला व शोधन अक्षमता संहिता (IBC) के तहत गठित कमेटी ऑफ क्रेडिटर्स (CoC) ने अर्थकॉन यूनिवर्सल इंफ्राटेक लिमिटेड (EUIPL) द्वारा पेश की गई पुनर्वास और पूरा निर्माण योजना को 98 प्रतिशत समर्थन के साथ मंजूरी दे दी है। इस निर्णय के बाद परियोजना को पूर्ण करने, खरीदारों को कब्जा देने, बुनियादी सुविधाओं का विकास और फ्लैटों की रजिस्ट्री कराना शामिल है। अब अंतिम मंजूरी के लिए मामला नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में जाएगा।

पृष्ठभूमि और खरीदारों की मुश्किलें

अर्थकॉन ने वर्ष 2010 में ग्रेटर नोएडा वेस्ट में संस्कृति और कासा रॉयल नामक दो residential परियोजनाओं की घोषणा की थी। 2018 में कंपनी ने कुछ खरीदारों को फ्लैटों का अस्थायी कब्जा दिया, परन्तु जनवरी 2020 में कंपनी के खिलाफ दिवाला प्रक्रिया शुरू हो जाने के बाद अधिकांश खरीदार अपने फ्लैटों तक नहीं पहुँच सके। जिन लोगों को कब्जा मिला भी, उन्हें अधूरी सुविधाओं और खराब रखरखाव के बीच रहना पड़ा। संस्कृति अलॉटी वेलफेयर एसोसिएशन (सावा) के पदाधिकारियों का कहना है कि पिछले छह वर्षों से खरीदार अनिश्चितता और परेशानियों का सामना कर रहे थे; न तो उन्हें स्थायी कब्जा मिला और न ही परियोजनाओं में आवश्यक सुविधाएँ विकसित हुईं।

CoC के निर्णय का विवरण

सावा के अध्यक्ष बी.पी. पांडेय ने बताया कि अर्थकॉन यूनिवर्सल इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड ने IBC की धारा 12A के तहत समझौते का प्रस्ताव (resolution plan) CoC के समक्ष रखा। विस्तृत चर्चा के पश्चात CoC ने 98 प्रतिशत मतों से इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। वोटिंग में ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण, परियोजना को वित्तीय सहायता देने वाले पंजाब एंड सिंध बैंक तथा अन्य वित्तीय संस्थान भी शामिल थे और उन्होंने भी मतदान किया। CoC की मंजूरी के बाद दिवाला समाधान पेशेवर (IRP) गौरव कटियार ने योजना की अंतिम स्वीकृति के लिए NCLT में आवेदन दाखिल कर दिया है।

खरीदारों की आशाएँ और वादे

सावा के महासचिव ललित चौहान ने कहा कि योजना लागू होने पर लगभग 2,000 परिवारों को सीधे लाभ मिलेगा। लंबे समय से घर का इंतजार कर रहे खरीदारों को अब कब्जा मिलने की उम्मीद है। साथ ही जिन लोगों को पहले ही फ्लैट आवंटित किए जा चुके हैं, उन्हें रजिस्ट्री, बेहतर रखरखाव और परियोजना की सुविधाओं का विकास मिलने की सम्भावना है। चौहान ने कहा कि यह फैसला वर्षों से संघर्ष कर रहे खरीदारों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है और अब सभी की निगाहें NCLT की अंतिम मंजूरी पर टिक गई हैं।

आगे की प्रक्रिया और चुनौतियाँ

हालांकि CoC की मंजूरी निर्णायक कदम है, परन्तु योजना तब तक लागू नहीं होगी जब तक NCLT से अंतिम स्वीकृति नहीं मिल जाती। NCLT की सुनवाई और अनुमोदन की प्रक्रिया में समय लग सकता है और अदालत द्वारा किसी शर्त या संशोधन की मांग भी हो सकती है। इसके अलावा परियोजना के शेष निर्माण के लिए आवश्यक फंडिंग, अनुबंधित ठेकेदारों की उपलब्धता, और तकनीकी तथा नियामक मंजूरी जैसी चुनौतियाँ भी सामने आ सकती हैं। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और बैंकिंग संस्थानों के सहयोग से इन्हें पूरा करने की योजना बनाई जा रही है।

स्थानीय प्रतिक्रिया

परियोजना की मंजूरी की खबर मिलते ही समविचारी खरीदारों ने मिश्रित संकोच और राहत की भावना व्यक्त की। कई खरीदारों ने कहा कि वर्षों के अनिश्चित काल के बाद यह फैसला भरोसा जगाने वाला है, पर वे NCLT की अंतिम अनुमति और वास्तविक कब्जा मिलने तक पूर्णतः आश्वस्त नहीं हैं। सावा ने खरीदारों को आश्वस्त करने के लिए नियमित अपडेट और पारदर्शिता की मांग की है।

निष्कर्ष

CoC द्वारा 98 प्रतिशत समर्थन से अर्थकॉन की पुनर्विकास योजना को हरी झंडी मिलना एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है, जिससे दो हजार के आसपास अटके हुए परिवारों को उनके घर मिलने की संभावना पैदा हुई है। अब यह निर्भर करेगा कि NCLT कब और किन शर्तों के साथ योजना को अंतिम मंजूरी देता है तथा मंजूर योजना किस समय सीमा में अमल में लाई जाएगी।

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