Annapoorani Super Six Scheme: तमिलनाडु की सियासत में एक बार फिर मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर की योजना को लेकर घमासान मच गया है। राज्य के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सोमवार, 24 अगस्त को विधानसभा में एक बड़ी कल्याणकारी घोषणा करते हुए पात्र परिवारों को हर साल तीन मुफ्त एलपीजी सिलेंडर देने का ऐलान किया। लेकिन यह घोषणा सामने आते ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने विजय सरकार को घेरना शुरू कर दिया, क्योंकि चुनाव से पहले तमिलागा वेट्टी कषगम (TVK) ने छह मुफ्त सिलेंडर देने का वादा किया था।
क्या है ‘अन्नपूर्णी सुपर सिक्स’ योजना
मुख्यमंत्री विजय ने विधानसभा में ऐलान किया कि जिन परिवारों की सालाना आमदनी करीब ढाई लाख रुपये से कम है, आर्थिक रूप से पिछड़े, छोटे व सीमांत किसान परिवार, दिव्यांग और गरीब परिवार इस योजना के दायरे में आएंगे। इस पहल से करीब 1.30 करोड़ परिवारों को फायदा मिलने का अनुमान है और इस पर राज्य सरकार हर साल लगभग 4,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी। योजना के तहत लाभार्थियों को सिलेंडर मुफ्त में नहीं मिलेगा, बल्कि वे मौजूदा वितरण व्यवस्था से ही सिलेंडर खरीदेंगे और सरकार तीन सिलेंडर की कीमत सीधे उनके बैंक खातों में जमा करेगी। यह योजना जनवरी 2027 में पोंगल के अवसर से लागू होने की उम्मीद है। सरकार ने इसे रसोई गैस की बढ़ती कीमतों और खाड़ी क्षेत्र में अस्थिरता के चलते घरेलू बजट पर पड़ रहे दबाव से जोड़ा है। इसी दिन विजय ने महिलाओं और ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिए मुफ्त बस यात्रा योजना ‘वेट्टी पयनम’ का दायरा भी बढ़ाने और परांदूर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा परियोजना को रद्द करने की घोषणा की।
BJP का पलटवार: ‘यह जनता के साथ धोखा है’
तमिलनाडु BJP के मुख्य प्रवक्ता नारायणन थिरुपति ने योजना पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उनका कहना था कि TVK ने अपने चुनावी घोषणापत्र में हर परिवार को साल में छह सिलेंडर देने का वादा किया था, लेकिन अब सरकार सिर्फ तीन सिलेंडर की योजना लेकर आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को पहले से पता था कि यह वादा पूरा नहीं हो सकता, फिर भी जनता को गुमराह किया गया। थिरुपति ने यह भी कहा कि न सिर्फ सिलेंडरों की संख्या घटाई गई है, बल्कि योजना के दायरे में आने वाले लाभार्थियों की संख्या भी चुनावी वादे के मुकाबले काफी कम कर दी गई है। BJP ने इसे जनता के साथ ‘साफ धोखा’ करार देते हुए कड़ी निंदा की। पार्टी ने परांदूर हवाई अड्डा परियोजना रद्द करने के फैसले पर भी सरकार को घेरा और इसे सरकार की ‘अपरिपक्वता और अक्षमता’ बताया।
विपक्ष और सत्तारूढ़ खेमे में भी तकरार
BJP के अलावा अन्य विपक्षी नेताओं ने भी विजय सरकार की खर्च प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए हैं। नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन ने हाल ही में राज्य की वित्तीय स्थिति का हवाला देते हुए DMK विधायकों को सरकारी वाहन देने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था। वहीं DMK प्रमुख एम.के. स्टालिन ने भी विधानसभा में विजय के आचरण की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि सरकार पुरानी कल्याणकारी योजनाओं का सिर्फ नाम बदलकर पेश कर रही है। गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब विजय की सरकार को सत्ता में आए महज चार महीने हुए हैं और कल्याणकारी योजनाओं व सार्वजनिक वित्त प्रबंधन को लेकर सरकार पहले से ही जांच के दायरे में है।
आगे क्या
फिलहाल राज्य सरकार ने योजना को दो चरणों में लागू करने की बात कही है, जिसमें तीन सिलेंडर पहले चरण में दिए जाएंगे। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि बाकी तीन सिलेंडर कब तक दिए जाएंगे, और यही सवाल अब विपक्ष का सबसे बड़ा हथियार बन गया है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर सियासी घमासान और तेज होने की संभावना है, खासकर तमिलनाडु में अगले विधानसभा चुनावों को देखते हुए योजनाओं और वादों की जवाबदेही पर बहस गरमा सकती है।

