अमर उजाला संवाद-2026: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के प्रतिष्ठित होटल द सेंट्रम में आयोजित ‘अमर उजाला संवाद उत्तर प्रदेश 2026’ के दूसरे दिन आज सियासत, सेहत और मनोरंजन का अनूठा संगम देखने को मिला। इस दो दिवसीय महाआयोजन के दूसरे दिन समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सुबह 11 बजे शुरू हुए सियासी सत्र में शिरकत की। उनके अलावा केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य तथा फिल्म अभिनेता वरुण धवन भी संवाद की शोभा बढ़ाने पहुँचे।
2027 में गठबंधन का फैसला ‘जीतने की क्षमता’ से होगा
अमर उजाला के मंच पर अखिलेश यादव ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर अपने पत्ते खोले। उन्होंने स्पष्ट किया कि इंडिया गठबंधन पूरी तरह एकजुट है और सपा कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी। अखिलेश ने दोटूक कहा कि गठबंधन में सीटों की संख्या से ज्यादा महत्व इस बात का है कि कौन सा उम्मीदवार चुनाव जीतने की क्षमता रखता है टिकट देने का आधार केवल और केवल प्रत्याशी की जीतने की क्षमता होगी। अखिलेश का यह भी कहना था कि सीटों की संख्या का मुद्दा नहीं है — मुद्दा चुनाव जीतने की क्षमता का है, जो जीत सकते हैं उन्हें ही टिकट मिलेगा। इस बयान से यह संकेत स्पष्ट है कि सपा 2027 में किसी भी दल को सीट देने से पहले उसकी जीत की संभावना को सर्वोच्च कसौटी मानेगी।
योगी के नमाज-बयान पर अखिलेश का पलटवार
संवाद के पहले दिन यानी 18 मई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘अमर उजाला संवाद उत्तर प्रदेश 2026’ के मंच से सड़कों पर नमाज को लेकर कड़ा बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि सड़कें चलने के लिए हैं, किसीको भी चौराहे पर आकर आवागमन बाधित करने का अधिकार नहीं है। योगी ने यह भी कहा था कि यदि नमाज पढ़नी है तो उसे शिफ्ट में या घर में पढ़ा जा सकता है। दूसरे दिन संवाद के मंच पर अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री के इस बयान का सीधा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि अगर जगह न हो तो सड़क पर नमाज पढ़ना कोई बड़ा मुद्दा नहीं है बुनियादी सुविधाएँ देना सरकार की जिम्मेदारी है। अखिलेश ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्तारूढ़ दल धार्मिक मुद्दों की आड़ में असली समस्याओं महँगाई, बेरोजगारी और बिगड़ती कानून-व्यवस्था से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है।
‘इंडिया ब्लाक बना रहेगा, कांग्रेस हमारे साथ है’
अखिलेश यादव ने गठबंधन की एकजुटता पर कोई संशय नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि यूपी के 2027 चुनाव में इंडिया ब्लाक बना रहेगा, कांग्रेस हमारे साथ होगी और कांग्रेस के साथ मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ा जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो भी गठबंधन छोड़ना चाहे वह जा सकता है, लेकिन इंडिया ब्लाक की नींव मजबूत है। सपा प्रमुख ने भाजपा की ‘डबल इंजन सरकार’ पर भी करारा तंज कसा। उन्होंने कहा कि इस सरकार के दोनों उपमुख्यमंत्री आपस में ही टकरा रहे हैं, ऐसे में प्रदेश का विकास कैसे होगा।
संवाद का विशाल आयोजन, राजनीति से मनोरंजन तक
78 वर्षों का गौरवशाली इतिहास समेटे अमर उजाला समूह के इस दो दिवसीय आयोजन में 16 से अधिक सत्रों में धर्म, राजनीति, अध्यात्म, खेल, एआई, इंफ्रास्ट्रक्चर, स्टार्टअप, शिक्षा, रक्षा और आर्थिक विकास जैसे समकालीन विषयों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम के पहले दिन 18 मई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि रहे। पहले दिन देश की तीनों सेनाओं के पूर्व शीर्ष अधिकारियों ने भी मंच पर महत्वपूर्ण बातें कहीं। पूर्व मेजर जनरल अश्वनी कुमार चन्नन ने ऑपरेशन सिंदूर को आधुनिक युद्धकला का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
भाजपा का पलटवार — ‘सैफई जाने की तैयारी करें अखिलेश’
अखिलेश के 2027 में सत्ता वापसी के दावों पर भाजपा ने तीखा पलटवार किया है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अखिलेश यादव इन दिनों मुंगेरी लाल के हसीन सपने देख रहे हैं, लेकिन 2027 के विधानसभा चुनाव में वे चारों खाने चित्त नजर आएंगे और चुनाव के बाद उन्हें राजनीति छोड़कर वापस सैफई प्रस्थान करना पड़ेगा।
पृष्ठभूमि: उत्तर प्रदेश की सियासत गरमाई
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है। अखिलेश यादव ने सपा-कांग्रेस गठबंधन, सीट शेयरिंग और वोटबैंक साधने की रणनीति तैयार की है। उनका फोकस जीतने वाले उम्मीदवारों और व्यापक सामाजिक समीकरण पर है, ताकि भाजपा को कड़ी टक्कर देकर सत्ता में वापसी की जा सके। अमर उजाला संवाद-2026 का यह मंच एक बार फिर यह साबित कर गया कि लखनऊ उत्तर प्रदेश ही नहीं, देश की सियासी विमर्श का धुरी बिंदु है — और 2027 की जंग का बिगुल यहीं से फूँका जा चुका है।

