ग्रेटर नोएडा के किसानों को बड़ा तोहफा, मुआवजा दर में ऐतिहासिक बढ़ोतरी; अब ₹6415 प्रति वर्ग मीटर मिलेगा

ग्रेटर नोएडा। ग्रेटर नोएडा के विकास में किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका और योगदान को देखते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बोर्ड ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया है। शासन के निर्देश पर प्राधिकरण बोर्ड ने किसानों की जमीन खरीद के लिए मुआवजा दर बढ़ाकर 6415 रुपये प्रति वर्ग मीटर करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मौजूदा 4125 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर में एकमुश्त 2290 रुपये प्रति वर्ग मीटर की बढ़ोतरी की गई है।

यह ग्रेटर नोएडा के इतिहास में किसानों के मुआवजे में अब तक की सबसे बड़ी वृद्धि बताई जा रही है। नई व्यवस्था के तहत सामान्य रूप से जमीन देने वाले किसानों को 6415 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजा मिलेगा, जबकि छह प्रतिशत आबादी भूखंड के साथ जमीन देने वाले किसानों को 5725 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजा दिया जाएगा।

2016 में खत्म हुई आबादी भूखंड की व्यवस्था फिर शुरू

प्राधिकरण बोर्ड ने वर्ष 2016 में किसानों को आबादी भूखंड देने का प्रावधान समाप्त कर दिया था। अब बोर्ड की मंजूरी के बाद छह प्रतिशत आबादी भूखंड की व्यवस्था को दोबारा शुरू किया गया है। आबादी भूखंड लेने वाले किसानों के लिए अलग सेक्टर विकसित किए जाएंगे। इन सेक्टरों का विकास भी आवासीय, औद्योगिक और बिल्डर सेक्टर की तर्ज पर किया जाएगा।

नई व्यवस्था के तहत किसान जैसे ही अपनी जमीन की रजिस्ट्री ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के पक्ष में करेंगे, उन्हें आबादी भूखंड का आरक्षण पत्र भी जारी कर दिया जाएगा। आबादी भूखंड का क्षेत्रफल न्यूनतम 40 वर्ग मीटर और अधिकतम 2500 वर्ग मीटर होगा।

किसानों को विकास में भागीदार बनाने की कोशिश

प्राधिकरण की इस नई व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को केवल जमीन का मूल्य उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि उन्हें ग्रेटर नोएडा के विकास और भविष्य की आर्थिक समृद्धि में भागीदार बनाना भी है। आबादी भूखंड के लिए अलग सेक्टर विकसित होने से किसानों को व्यवस्थित तरीके से भूखंड उपलब्ध कराने की योजना है।

जमीन खरीद की प्रक्रिया होगी आसान

किसानों को जमीन की खरीद और मुआवजा लेने के लिए अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसके लिए एसीईओ की अध्यक्षता में जमीन अधिग्रहण सेल गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। यह सेल जमीन खरीद की प्रक्रिया पूरी कराने में किसानों की सहायता करेगा।

प्राधिकरण के मुताबिक जमीन खरीद और मुआवजा वितरण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाएगा। मुआवजे की पूरी रकम सीधे किसान के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी। इसके अलावा जमीन खरीद के समय भूमि पर मौजूद परिसंपत्तियों के लिए किसानों को अलग से मुआवजा भी दिया जाएगा।

प्रमुख मार्गों से लगी जमीन के किसानों को प्राथमिकता

नई व्यवस्था में प्रमुख मार्गों से लगी जमीन के किसानों को आबादी भूखंड के आवंटन में चयन की प्राथमिकता देने का भी प्रावधान किया गया है। इससे ऐसे किसानों को आबादी भूखंड प्राप्त करने में प्राथमिकता मिलेगी।

2023 से लागू थी 4125 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में किसानों से जमीन खरीदने के लिए वर्ष 2023-24 में मुआवजा दर 4125 रुपये प्रति वर्ग मीटर निर्धारित की गई थी। इसके बाद से यही दर लागू थी। इससे पहले वर्ष 2014-15 से 2021-22 तक किसानों को 3500 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजा दिया जाता था।

वर्ष 2022-23 में मुआवजा दर में 250 रुपये प्रति वर्ग मीटर की वृद्धि कर इसे 3750 रुपये किया गया था। इसके बाद वर्ष 2023-24 में 375 रुपये की बढ़ोतरी के साथ मुआवजा दर 4125 रुपये प्रति वर्ग मीटर हो गई थी।

अब वर्ष 2026-27 में प्राधिकरण बोर्ड ने एकमुश्त 2290 रुपये प्रति वर्ग मीटर की बढ़ोतरी करते हुए इसे 6415 रुपये प्रति वर्ग मीटर कर दिया है।

वर्षवार मुआवजा दर

  • 2014-15: 3500 रुपये प्रति वर्ग मीटर
  • 2022-23: 3750 रुपये प्रति वर्ग मीटर
  • 2023-24: 4125 रुपये प्रति वर्ग मीटर
  • 2026-27: 6415 रुपये प्रति वर्ग मीटर

किसानों के लिए क्यों अहम है फैसला?

मुआवजा दर में इतनी बड़ी बढ़ोतरी से ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में जमीन देने वाले किसानों को पहले की तुलना में काफी अधिक भुगतान मिलेगा। साथ ही छह प्रतिशत आबादी भूखंड की व्यवस्था दोबारा शुरू होने से किसानों को जमीन के बदले मुआवजे के साथ भविष्य में आवासीय उपयोग के लिए भूखंड का लाभ भी मिल सकेगा। प्राधिकरण की ओर से जमीन खरीद की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए अलग सेल गठित करने का फैसला भी किसानों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

 

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