बागपत में दिनदहाड़े ताबड़तोड़ गोलीकांड, टेंट कारोबारी और पुत्र की हत्या, मुख्य आरोपी भीड़ ने पिटाई कर मार डाला

बागपत के बड़ौत क्षेत्र में मंगलवार दोपहर को एक सनसनीखेज तिहरा हत्याकांड सामने आया, जिसमें स्थानीय टेंट व्यवसायी सोहनलाल अग्रवाल (60) और उनके पुत्र विकास अग्रवाल (30) की दुकान में गोली मारकर हत्या कर दी गई, जबकि घटना को अंजाम देने आए मुख्य आरोपी और कुख्यात हिस्ट्रीशीटर वरुण लुहारी की भी घटनास्थल पर पकड़े जाने के बाद भीड़ ने बेरहमी से पिटाई कर दी; अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिस्थिति पर तनाव फैलते ही पुलिस और प्रशासन ने इलाके में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी है।

घटनाक्रम

बड़ौत बस स्टैंड के पास अपने टेंट कारोबार की दुकान में बैठे सोहनलाल और उनका बेटा विकास दोपहर के समय अचानक वहां आए हथियारबद्ध बदमाशों के निशाने पर आ गए। पुलिस के प्रारंभिक बयान के अनुसार चार-पाँच अज्ञात हमलावर दुकान में घुसे और ताबड़तोड़ गोलीबारी शुरू कर दी। दोनों पिता-पुत्र को स्थित ही गंभीर घायलों की तरह पाया गया; उन्हें अस्पताल ले जाते समय मृत घोषित कर दिया गया। घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों ने बताया कि वारदात पूरी तरह से योजनाबद्ध और साफगोलीबाजी के तरीके से की गई थी।

मुख्य आरोपी पर भीड़ की कार्रवाई

हत्याकांड के तुरंत बाद भागने का प्रयास कर रहे मुख्य आरोपी वरुण लुहारी को स्थानीय लोग पकड़ने में सफल रहे। मौके पर बढ़ती नाराज़गी और रोष के कारण भीड़ ने आरोपी पर जमकर पिटाई की और उस पर भी गोली चलाने की कोशिश हुई, इसके बाद उसे नज़दीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वरुण लुहारी को बागपत के जाने-माने हिस्ट्रीशीटर के तौर पर स्थानीय शक्ति संघर्षों से जोड़कर देखा जाता था।

मामले की पृष्ठभूमि और रंजिश

पुलिस और दोनों पक्षों के बयानों से सामने आया है कि घायल परिवार और आरोपी परिवार के बीच पुरानी रंजिश 2015 से चली आ रही थी। मामले में प्रभावित पक्षों ने आरोप लगाया है कि गैंगस्टर्स एक्ट के तहत संपत्तियों की कुर्की के बाद ही दुश्मनी और तेज़ हो गई थी। मृतक परिवार का कहना है कि उन्होंने पहले भी पुलिस से सुरक्षा की मांग की थी, लेकिन समुचित सुरक्षा नहीं मिल पाई, जिसके चलते वे असुरक्षित बने रहे।

पुलिस की कार्रवाई और तलाशी

घटना के बाद जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार राय के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। आसपास के बाजार और व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद कर दिए गए और क्षेत्र में धाँव-पकड़ के लिए 10 टीमों का गठन किया गया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी के पिता बाबूराम को हिरासत में लिया है और फरार अन्य सहयोगियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। पुलिस ने कहा है कि सीसीटीवी फुटेज और गवाहों के बयानों के आधार पर शीघ्र ही प्राथमिकी में और नाम जोड़े जाएंगे तथा घटना के हर पहलू की जांच की जा रही है।

साक्ष्य और सीसीटीवी जांच

पुलिस ने बताया कि घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज जब्त कर लिए गए हैं, और फोरेंसिक टीम से डिटेल्ड फुटप्रिंट व फायरआर्म्स की जांच करवाई जा रही है। शुरुआती जांच में पाया गया है कि हमलावरों के पास दो से अधिक हथियार थे और गोली चलाने का तरीका पेशेवर अंदाज़ का था। स्थानीय व्यापारियों और राहगीरों के मोबाइल वीडियो भी पुलिस ने कब्जे में लिए हैं जिनमें गोलीबारी और भीड़ की हल्ला-गुल्ला की कुछ झलकियां दिखती हैं। पुलिस ने कहा है कि मीडिया व सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जांच की संवेदनशील जानकारी धीरे-धीरे ही साझा की जाएगी।

प्रभाव और परिस्थितियां

घटना के बाद बड़ौत और आसपास के इलाकों में भय का माहौल फैल गया; कई दुकानें और बाजार बंद कर दिए गए और लोग घरों से बाहर निकलने से कतरा रहे हैं। स्थानीय व्यापार संघों ने दोषियों को कड़ी सज़ा देने और सुरक्षा के ठोस इंतज़ाम मांगते हुए प्रदर्शन किया। प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त टीमें तैनात की हैं और कब-कि बाजार सामान्य होने की सूचना देने का आश्वासन दिया है।

कानूनी पहलू और आगे की प्रक्रिया

मृतकों के परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने बताया कि हत्या और उससे जुड़ी अन्य धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है; मृतक के परिवार को दु:ख निवारण और कानूनी सहायता के लिए निर्देश दिए गए हैं। चूँकि मुख्य आरोपी की भी मौत हुई है, पुलिस बाकी आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी पर बल दे रही है, साथ ही भीड़ द्वारा की गई पिटाई व संदिग्ध लोगों के खिलाफ अलग से जांच चलाने की भी संभावना जताई जा रही है ताकि कानून के दायरे में किसी भी तरह की जो भी अनियमत कार्रवाई हुई हो उसका लेखा-जोखा रखा जा सके।

पिछले मामलों का संदर्भ

यह घटना बागपत जिले में पिछले कुछ महीनों में हुई अन्य हिंसात्मक घटनाओं की याद दिलाती है, जिसमें अक्टूबर 2025 में गांगनौली गांव का चर्चित त्रिगुणित हत्याकांड शामिल है। उस मामले में भी सामाजिक उथल-पुथल और जांच के तरीकों को लेकर स्थानीय स्तर पर तीखी बहस हुई थी; दोनों मामलों ने क्षेत्र में सुरक्षा, किशोर अपराध और पुलिस-सामुदायिक समन्वय पर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। यह रिपोर्ट स्थानीय समाचार स्रोतों, घटनास्थल पर उपलब्ध प्रारम्भिक पुलिस बयानों और घटनास्थल के वीडियो/सीसीटीवी फुटेज की रिपोर्टिंग पर आधारित है। जांच अभी जारी है; जैसे-जैसे पुलिस और फोरेंसिक टीमों की प्रतिक्रियाएँ व आधिकारिक ब्रीफिंग आएंगी, अपडेट जारी किए जाएँगे।

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