नोएडा: नोएडा प्राधिकरण शहर को स्वच्छता के मामले में अव्वल बनाने के दावे करता है, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है। शहर के कई हिस्सों में कूड़े के ढेर और सफाई व्यवस्था को लेकर सामने आ रही शिकायतें प्राधिकरण की कार्यशैली पर सवाल उठाती हैं। नोएडा के पहले सेक्टर के बी ब्लाक का हाल ऐसा है कि बार बार शिकायतों के बाद भी अफसरों की नींद नही टूट रही। सड़क पर कूडे का ढेर लगा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार शिकायत की जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद सफाई व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।
ऐसे में सवाल उठता है कि जब शहर को स्वच्छता के मामले में बेहतर बनाने के दावे किए जा रहे हैं, तो फिर सड़कों पर जमा कूड़े का समय पर निस्तारण क्यों नहीं हो पा रहा है? क्या नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों को जमीनी समस्याओं की जानकारी नहीं है, या शिकायतों के निस्तारण की व्यवस्था ही प्रभावी ढंग से काम नहीं कर रही?
स्वच्छता में अव्वल आने का दावा, लेकिन सड़कों पर कूड़े के ढेर
नोएडा को आधुनिक सुविधाओं और बेहतर शहरी व्यवस्था वाले शहर के रूप में विकसित करने की बात कही जाती है। स्वच्छता के मामले में भी शहर को बेहतर बनाने के प्रयासों और दावों का जिक्र होता रहता है। लेकिन किसी भी शहर की स्वच्छता का वास्तविक आकलन उसकी सड़कों, सार्वजनिक स्थानों और आवासीय क्षेत्रों की स्थिति से होता है।
सेक्टर-1 के बी ब्लॉक में सड़क पर कूड़ा जमा होने की शिकायत इसी व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, जब नियमित सफाई और कूड़ा उठाने की व्यवस्था प्रभावी ढंग से काम नहीं करती, तो इसका सीधा असर आसपास रहने वाले लोगों और वहां से गुजरने वालों पर पड़ता है।
यदि शहर के किसी हिस्से में लगातार कूड़ा जमा हो रहा है, तो यह केवल सफाई कर्मचारियों की मौजूदगी का सवाल नहीं, बल्कि निगरानी, जिम्मेदारी तय करने और शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण की व्यवस्था की भी परीक्षा है।
जनस्वास्थ्य विभाग और वर्क सर्किल की जिम्मेदारी पर सवाल
नोएडा प्राधिकरण के जनस्वास्थ्य विभाग पर शहर की सफाई व्यवस्था की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। वहीं, विभिन्न क्षेत्रों में वर्क सर्किल की भूमिका भी शहरी व्यवस्थाओं के रखरखाव से जुड़ी है। ऐसे में सवाल उठता है कि संबंधित क्षेत्र में सफाई व्यवस्था की निगरानी कौन कर रहा है और सड़क पर जमा कूड़े को हटाने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों ने क्या कदम उठाए हैं?
स्थानीय स्तर पर सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए केवल विभागीय जिम्मेदारियां निर्धारित करना पर्याप्त नहीं है। जरूरी है कि नियमित निरीक्षण हो, कूड़ा उठाने की व्यवस्था समय पर संचालित हो और शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारी कार्रवाई सुनिश्चित करें।
यदि किसी क्षेत्र में बार-बार कूड़े की समस्या सामने आती है, तो इसकी वजह की पहचान कर स्थायी समाधान निकालना भी जरूरी है। अन्यथा सफाई अभियान और स्वच्छता संबंधी दावे जमीनी बदलाव लाने में नाकाम साबित हो सकते हैं।
कई बार शिकायत के बावजूद समाधान नहीं होने का आरोप
सेक्टर-1 के बी ब्लॉक के स्थानीय लोगों की शिकायत है कि उन्होंने सड़क पर कूड़ा जमा होने की समस्या को लेकर कई बार प्राधिकरण का ध्यान आकर्षित किया, लेकिन उन्हें अपेक्षित राहत नहीं मिली।
लोगों की नाराजगी इस बात को लेकर है कि जब नागरिक संबंधित विभाग तक अपनी समस्या पहुंचाते हैं, तो उसका समाधान भी समय पर होना चाहिए। आखिर शिकायत दर्ज कराने के बाद भी यदि सड़क से कूड़ा नहीं हटता, तो नागरिक अपनी समस्या लेकर कहां जाएं?
यहां सबसे बड़ा सवाल शिकायत निस्तारण की जवाबदेही का है। क्या संबंधित अधिकारी यह सुनिश्चित करते हैं कि शिकायत मिलने के बाद मौके पर सफाई हुई या नहीं? क्या सफाई के बाद उसकी दोबारा निगरानी की जाती है? और यदि समस्या लगातार बनी रहती है, तो जिम्मेदार कर्मचारियों या अधिकारियों से जवाब मांगा जाता है?
इन सवालों का जवाब मिलना जरूरी है, ताकि नागरिकों को केवल शिकायत दर्ज कराने तक सीमित न रहना पड़े, बल्कि उन्हें वास्तविक समाधान भी मिल सके।
क्या अधिकारियों की जवाबदेही तय करेगा नोएडा प्राधिकरण?
शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए केवल योजनाएं बनाना या स्वच्छता में बेहतर स्थान हासिल करने का लक्ष्य तय करना पर्याप्त नहीं है। इसके लिए जरूरी है कि हर क्षेत्र में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका स्पष्ट हो और काम की नियमित समीक्षा की जाए।
सेक्टर-1 के बी ब्लॉक में कूड़ा जमा होने की शिकायत के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्राधिकरण का संबंधित विभाग मौके पर सफाई कराता है या नहीं। साथ ही, यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि समस्या दोबारा उत्पन्न न हो, इसके लिए क्या व्यवस्था की जाती है।
स्थानीय लोगों की शिकायतों को गंभीरता से लेना किसी भी शहरी प्रशासन की बुनियादी जिम्मेदारी है। यदि शिकायतों के बावजूद समस्या बनी रहती है, तो संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगना भी आवश्यक है।
स्वच्छ नोएडा के दावे को जमीन पर उतारने की जरूरत
नोएडा को स्वच्छ और व्यवस्थित शहर बनाने का लक्ष्य तभी पूरा हो सकता है, जब आवासीय सेक्टरों से लेकर मुख्य सड़कों तक नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए। कूड़ा उठाने में देरी, शिकायतों पर कार्रवाई की जानकारी का अभाव और निगरानी में कमी जैसी समस्याओं का समाधान किए बिना स्वच्छता के दावों को जमीनी स्तर पर सफल बनाना मुश्किल होगा।
सेक्टर-1 के बी ब्लॉक का मामला प्राधिकरण के लिए यह सुनिश्चित करने का अवसर है कि स्थानीय लोगों की शिकायतों पर कार्रवाई हो और सफाई व्यवस्था में स्थायी सुधार दिखाई दे।
अब देखना यह है कि नोएडा प्राधिकरण के संबंधित अधिकारी इस शिकायत पर क्या कदम उठाते हैं और सड़क पर जमा कूड़े को हटाने के साथ नियमित सफाई की व्यवस्था कब तक दुरुस्त होती है।

