नोएडा। नोएडा में वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से विचारमंथन फोरम ने महत्वपूर्ण पहल की है। सेक्टर-37 में आयोजित फोरम की सोशल एडवाइजरी बोर्ड बैठक में बुजुर्गों और सुपर सीनियर सिटीजन की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में ऐसे सुझाव सामने आए, जिनके माध्यम से अकेले रहने वाले बुजुर्गों की मदद, उनकी स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सकेगा। फोरम ने सरकारी सहायता पर निर्भर रहने के बजाय सामुदायिक भागीदारी और जन-संसाधनों के जरिए सामाजिक कल्याण के कार्यों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
बैठक का मुख्य एजेंडा सीनियर सिटीजन केयर रहा। इसमें प्रत्येक सेक्टर में वरिष्ठ नागरिकों का रजिस्टर तैयार करने, अकेले रहने वाले बुजुर्गों के लिए पड़ोसियों का सहयोग सुनिश्चित करने, युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने और घरेलू सहायकों एवं ड्राइवरों के पुलिस सत्यापन जैसे महत्वपूर्ण सुझावों पर विचार-विमर्श किया गया।
हर सेक्टर में बनेगा वरिष्ठ नागरिकों का रजिस्टर, स्वास्थ्य और बीमा की जानकारी भी होगी शामिल
विचारमंथन फोरम की सोशल एडवाइजरी बोर्ड बैठक की अध्यक्षता पूर्व आईएएस अधिकारी देव दत्त शर्मा ने की। बैठक में नोएडा के विकास और नागरिक सुविधाओं से जुड़ी पांच प्रमुख मांगों पर चर्चा हुई। इनमें वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल, वाई-फाई युक्त पार्क, सार्वजनिक परिवहन, सुरक्षा और सांस्कृतिक इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल हैं।
बैठक में वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल को प्राथमिकता देते हुए सुझाव दिया गया कि प्रत्येक सेक्टर में रहने वाले बुजुर्गों का व्यवस्थित रजिस्टर तैयार किया जाए। इसमें उनकी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और बीमा विवरण को शामिल करने का प्रस्ताव रखा गया, ताकि जरूरत पड़ने पर उनकी सहायता करने में आसानी हो।
फोरम की चर्चा में यह बात भी प्रमुखता से सामने आई कि बुजुर्गों की देखभाल केवल परिवार या सरकारी व्यवस्था की जिम्मेदारी नहीं होनी चाहिए। समाज के लोगों को भी इस दिशा में आगे आकर सहयोग करना होगा।
अकेले रहने वाले बुजुर्गों की मदद के लिए 10 पड़ोसी परिवारों को जोड़ने का सुझाव
शहर में ऐसे कई वरिष्ठ नागरिक हो सकते हैं, जिनके बच्चे दूसरे शहरों या विदेशों में रहते हैं अथवा जो किसी कारण से अकेले जीवन बिता रहे हैं। ऐसे लोगों की जरूरत के समय मदद सुनिश्चित करने के लिए बैठक में एक विशेष मॉडल पर चर्चा हुई।
प्रस्ताव के मुताबिक, अकेले रहने वाले प्रत्येक वरिष्ठ नागरिक की देखभाल और सहायता के लिए आसपास के 10 पड़ोसी परिवारों को जोड़ने की व्यवस्था विकसित की जा सकती है। इससे बुजुर्गों को जरूरत पड़ने पर स्थानीय स्तर पर सहायता मिल सकेगी और उनकी समस्याओं का समय रहते समाधान करने में मदद मिलेगी।
इस पहल का उद्देश्य बुजुर्गों को अकेलेपन से बचाने के साथ-साथ उनके आसपास सहयोग और सुरक्षा का वातावरण तैयार करना है। हालांकि, इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए आगे इसकी कार्ययोजना और जिम्मेदारियों को स्पष्ट करना होगा।
युवाओं के लिए शुरू होगा ‘टाइम बैंक’ का कॉन्सेप्ट
बैठक में युवाओं को वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल से जोड़ने के लिए ‘टाइम बैंक’ कॉन्सेप्ट शुरू करने का सुझाव भी दिया गया। इसके तहत युवा अपना कुछ समय बुजुर्गों के साथ बिताने, उनसे बातचीत करने, उनकी जरूरतों को समझने और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने में लगा सकते हैं।
इस पहल का उद्देश्य केवल शारीरिक मदद तक सीमित नहीं है, बल्कि वरिष्ठ नागरिकों को भावनात्मक सहयोग देना और उनके अकेलेपन को कम करना भी है। युवाओं की भागीदारी से समाज में पीढ़ियों के बीच संवाद बढ़ाने और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में मदद मिल सकती है।
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि सामाजिक कल्याण से जुड़ी योजनाओं को केवल प्रस्तावों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें जमीनी स्तर पर लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं।
घरेलू सहायकों और ड्राइवरों के पुलिस वेरिफिकेशन पर जोर
वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा के लिए घरेलू सहायकों और ड्राइवरों का पुलिस सत्यापन सुनिश्चित करने का सुझाव दिया गया। इसके साथ ही सिक्योरिटी एजेंसियों से जुड़े कर्मचारियों को बुजुर्गों की देखभाल और उनसे संवेदनशील व्यवहार करने का प्रशिक्षण देने पर भी चर्चा हुई।
बैठक में सुझाव दिया गया कि वरिष्ठ नागरिकों को उनके क्षेत्र के बीट कांस्टेबल के संपर्क नंबर और संबंधित पुलिस अधिकारियों की सूची उपलब्ध कराई जाए, जिससे आपात स्थिति में वे आसानी से मदद मांग सकें।
इस दौरान विचारमंथन फोरम के वरिष्ठ सदस्य और समाजवादी नेता एवं दैनिक जय हिंद जनाब के संपादक मोहम्मद आजाद ने सुझाव दिया कि वरिष्ठ नागरिकों के मोबाइल फोन में SOS इमरजेंसी नंबर सेव कराए जाएं। इससे किसी आपात स्थिति में पुलिस या संबंधित सहायता सेवा से संपर्क करना आसान हो सकता है।
वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा के लिए जागरूकता, त्वरित सहायता और स्थानीय स्तर पर समन्वय को महत्वपूर्ण बताया गया।
नोएडा प्राधिकरण, आरडब्ल्यूए और पुलिस के साथ संयुक्त बैठक का प्रस्ताव
बैठक में वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े सुझावों को जमीन पर लागू करने के लिए संस्थागत समन्वय की जरूरत पर भी जोर दिया गया। एस. डी. माहेश्वरी ने आरडब्ल्यूए अध्यक्षों, संबंधित संगठनों, सिक्योरिटी मैनेजरों और पुलिस अधिकारियों के साथ संयुक्त बैठक आयोजित करने का प्रस्ताव रखा।
इसके अलावा नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ प्रतिनिधिमंडल की बैठक करने का सुझाव भी सामने आया। इसका उद्देश्य शहर में वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं, सुरक्षा व्यवस्था और नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर संबंधित संस्थाओं के साथ बातचीत करना है।
डॉ. प्रशांत चौहान ने भी जमीनी स्तर पर कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया। बैठक में इस बात पर सहमति बनाने का प्रयास किया गया कि सामाजिक संगठनों, स्थानीय निवासियों, पुलिस और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल से वरिष्ठ नागरिकों के लिए अधिक सुरक्षित वातावरण तैयार किया जा सकता है।
‘अपना घर’ और सीता सखी केंद्र की योजना पर चर्चा
बैठक में सामाजिक कल्याण से जुड़ी अन्य पहलों पर भी चर्चा हुई। देव दत्त शर्मा ने ‘अपना घर’ और बिहार के सीतामढ़ी में सीता सखी केंद्र के निर्माण की योजना के बारे में जानकारी दी।
वहीं, राजेश अरोड़ा ने जरूरतमंद लोगों के लिए 100 ऑक्सीमीटर उपलब्ध कराने की घोषणा की। सुभाष चंद्र और अरुण गोयल ने योग केंद्रों सहित विभिन्न सामाजिक पहलों में सहयोग का आश्वासन दिया।
मनोज गुप्ता ने सामाजिक कल्याण से जुड़ी पहलों में पूर्ण भागीदारी का भरोसा दिलाया। राजेश भाटिया ने ‘कुछ कोशिशें’ पहल के तहत पुस्तकालय और जेल में बंद गरीब कैदियों की सहायता के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी साझा की।
एम. के. शर्मा ने युवा पीढ़ी में नागरिक बोध यानी सिविक सेंस विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने सामाजिक सहयोग के माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक सहायता पहुंचाने और समाज में जिम्मेदारी की भावना मजबूत करने पर विचार रखे।
20 वरिष्ठ सदस्यों की मौजूदगी में हुई बैठक
विचारमंथन फोरम की इस बैठक में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े करीब 20 वरिष्ठ सदस्य शामिल हुए। इनमें आर. के. सिंह (चीफ थिंकर), के. पी. सिंह (डायरेक्टर), पूर्व आईएएस अधिकारी सुभाष चंद्र, पूर्व मुख्य आयुक्त एम. के. शर्मा, मनोज गुप्ता, समाजसेवी एवं शिक्षाविद मुकेश शर्मा, उद्यमी एवं योग विशेषज्ञ अरुण गोयल, मोहम्मद आजाद, पत्रकार एवं यूट्यूबर मोहम्मद इमरान, उद्यमी मोहम्मद आकिब, समाजसेवी एवं कॉरपोरेट क्षेत्र से जुड़े राजेश भाटिया, अनिल त्यागी, न्यूमरोलॉजिस्ट लव गर्ग, डॉ. प्रशांत चौहान, अजय अरोड़ा, उद्योगपति राजेश अरोड़ा, ‘अपना घर’ से जुड़े सोनू राणा, सीए दीपक गुप्ता और सीए एवं समाज सुधारक एस. डी. माहेश्वरी सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
विचारमंथन फोरम एक पंजीकृत सेक्शन-8 कंपनी है। बैठक में सदस्यों ने सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों पर मिलकर काम करने और जनभागीदारी के माध्यम से विभिन्न वर्गों की जरूरतों को पूरा करने की दिशा में प्रयास जारी रखने पर बल दिया।
14 अप्रैल को होगी अगली बैठक, बच्चों में सिविक सेंस पर भी रहेगा जोर
फोरम की अगली बैठक 14 अप्रैल को निर्धारित की गई है। इसमें वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल के साथ-साथ बच्चों में नागरिक बोध और सामाजिक जिम्मेदारी विकसित करने से जुड़े कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने पर चर्चा की जाएगी।
नोएडा जैसे तेजी से विकसित होते शहर में वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, सार्वजनिक सुविधाओं और सामाजिक सहयोग की जरूरत लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। ऐसे में विचारमंथन फोरम की बैठक में सामने आए सुझावों की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि उन्हें कितनी प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है और समाज के कितने लोग इन पहलों से जुड़ते हैं।

