नोएडा के भंगेल अस्पताल से चोरी हुई 3 दिन की नवजात बच्ची 10 घंटे में दिल्ली से सकुशल बरामद, महिला से पूछताछ जारी

नोएडा। थाना फेस-2 क्षेत्र के भंगेल स्थित मैटरनिटी चाइल्ड हॉस्पिटल (एमसीएच विंग/सीएचसी परिसर) से शुक्रवार सुबह तीन दिन की नवजात बच्ची चोरी होने का मामला सामने आया। घटना से अस्पताल में हड़कंप मच गया। परिजनों के हंगामे के बाद पुलिस पहुंची और सीसीटीवी फुटेज की जांच शुरू की। फुटेज में एक महिला नवजात को गोद में लेकर बाइक सवार युवक के साथ भागती दिखाई दी। पुलिस की टीमों ने तेज कार्रवाई करते हुए महज करीब 10 घंटे में दिल्ली से बच्ची को सकुशल बरामद कर लिया। बच्ची को ले जाने वाली महिला से पूछताछ जारी है।

कैसे हुई घटना?
 भंगेल निवासी गौतम नंदन (कैब ड्राइवर, मूलतः फर्रुखाबाद के) और उनकी पत्नी सपना की पहली संतान का जन्म 6 अक्टूबर को सिजेरियन ऑपरेशन से हुआ था। शुक्रवार को अस्पताल से डिस्चार्ज की तैयारी चल रही थी। सुबह करीब 8 बजे दंपती डॉक्टर से कागजी कार्रवाई या सलाह के लिए गए। इस दौरान नवजात उनकी सास रक्षा देवी के पास थी, जो सामान पैक कर रही थीं।

इसी बीच एक अनजान महिला पहुंची। उसने सरकारी योजना (कन्या समृद्धि/मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला जैसी योजना का हवाला देकर) के तहत बेटी के जन्म पर 2500 से 4000 रुपये की मदद दिलाने का वादा किया। उसने कागजी कार्रवाई का बहाना बनाकर बच्ची को अपने पास लेने को कहा। परिवार ने भरोसा कर दिया। मौका पाकर महिला बच्ची को लेकर अस्पताल से बाहर निकल गई और पहले से मौजूद बाइक सवार युवक के साथ फरार हो गई। काफी तलाश के बाद भी बच्ची न मिलने पर परिजनों ने अस्पताल में हंगामा किया।

सीसीटीवी और पुलिस की कार्रवाई
सूचना मिलते ही फेस-2 पुलिस मौके पर पहुंची। अस्पताल और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। इसमें महिला नवजात को लेकर बाइक पर बैठकर जाती साफ दिखी। पुलिस ने तुरंत टीमें गठित कीं। एक टीम फुटेज और सुरागों के आधार पर दिल्ली पहुंची, जहां महिला और बच्ची का ठिकाना मिल गया। बच्ची सकुशल बरामद कर ली गई।

महिला का कहना है कि उसने रुपये देकर बच्ची ली थी, जबकि परिवार इसका सख्त खंडन करता है। पुलिस महिला से पूछताछ कर रही है और बाइक सवार युवक की पहचान तथा उसकी भूमिका की भी जांच कर रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार आरोपी महिला पिछले एक-दो दिनों से परिवार के आसपास घूम रही थी और भरोसा जीत चुकी थी।

परिवार और अधिकारियों की प्रतिक्रिया
 परिजनों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई के लिए आभार जताया है। बच्ची सपना की पहली संतान है। सीएमओ डॉ. मदन मोहन मणि त्रिपाठी ने भी घटना की पुष्टि की थी कि महिला ने पहले से संपर्क साध रखा था। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज करने और आगे की जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आशंका जताई जा रही है कि महिला नवजात बच्चों से जुड़े किसी गिरोह से जुड़ी हो सकती है, हालांकि इसकी पुष्टि अभी बाकी है। यह घटना अस्पतालों में सुरक्षा व्यवस्था और बाहरी लोगों के प्रवेश पर सवाल उठाती है। पुलिस की तेज कार्रवाई से बच्ची सुरक्षित परिवार के पास लौट आई, लेकिन ऐसे मामलों में सतर्कता की जरूरत रेखांकित हुई है।

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