नोएडा सुपरनोवा सुसाइड केस, 42वें फ्लोर रूम 4228 में क्या हुआ

नोएडा। यूपी की सबसे ऊंची बिल्डिंग सुपरनोवा सोसाइटी (सेक्टर-94) की स्पायरा टावर की 42वीं मंजिल से शनिवार को सॉफ्टवेयर इंजीनियर संभव जैन (30) ने कूदकर खुदकुशी कर ली। घटना के बाद सेक्टर-126 थाना पुलिस ने एयरबीएनबी से संचालित कमरा नंबर 4228 को जांच के दायरे में लिया है और सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के कमरों को भी बंद करा दिया गया है।

क्या हुआ था कमरा नंबर 4228 में?
गुरुग्राम के आईएमटी मानेसर निवासी संभव जैन शुक्रवार को एयरबीएनबी के जरिए इस कमरे में चेक-इन किए थे। शनिवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे एसी रिपेयरिंग का काम कर रहे कर्मचारियों की नजर बालकनी की तरफ गई। उन्होंने संभव को रेलिंग के बाहर लटका देखा।

चार तकनीशियन—अल्ताफ, लवकुश, करन और अमित—ने उन्हें पकड़कर ऊपर खींचने की पूरी कोशिश की। वजन अधिक होने के कारण पकड़ फिसल गई और संभव ने छलांग लगा दी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस दौरान संभव ने मौजूद लोगों से बात भी की थी। ऊंचाई से गिरने के कारण उनका शरीर क्षत-विक्षत हो गया। घटना का एक दिल दहला देने वाला वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पुलिस के अनुसार, संभव कर्ज से परेशान थे। खुदकुशी से पहले उन्होंने अपने पिता को व्हाट्सएप पर मैसेज भेजकर कहा था कि वे जीना नहीं चाहते। परिवार की तरफ से अभी तक कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस ने चारों तकनीशियनों से घटना के समय की परिस्थितियों के बारे में जानकारी ली है।

सुरक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी
हादसे के बाद बिल्डिंग प्रबंधन ने एयरबीएनबी वाले फ्लोर्स पर सुरक्षा बढ़ाने का फैसला लिया है। सुपरनोवा में 20वीं से 43वीं मंजिल तक करीब 23 फ्लोर पर एयरबीएनबी संचालित होता है, जहां बाहरी लोगों की आवाजाही रहती है। वर्तमान में गेट, पार्किंग और रिसेप्शन पर दिन-रात 14-14 सुरक्षा कर्मचारी तैनात हैं। नई व्यवस्था के तहत हर मंजिल पर दिन और रात के लिए गार्ड रखने की योजना है। इसके लिए 46 से 50 अतिरिक्त सुरक्षा कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा रही है। फिलहाल मौजूदा स्टाफ से ही फ्लोर-टू-फ्लोर गश्त कराई जा रही है।

रात की ड्यूटी करने वाले सुरक्षाकर्मी आशुतोष ने बताया कि घटना के बाद सुनसान समय में ऊपरी मंजिलों पर ड्यूटी करना डरावना लग रहा है। उन्होंने अपने मैनेजर त्यागी को भी इसकी जानकारी दी है। सेक्टर-126 थाना प्रभारी सुमनेश कुमार ने स्पष्ट किया कि पुलिस ने एयरबीएनबी में आने वालों पर कोई रोक नहीं लगाई है। केवल संबंधित कमरे में प्रवेश रोका गया है। उन्होंने बताया कि यह परियोजना बिल्डर के हाथों से निकलकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित विशेष निगरानी समिति के अधीन है, इसलिए प्रशासनिक फैसलों पर कोई टिप्पणी नहीं की जा सकती।

पुलिस जांच जारी
कमरा नंबर 4228 और आसपास के कमरों को सुरक्षा के लिहाज से बंद रखा गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। परिवार की ओर से कोई शिकायत दर्ज न होने के बावजूद थाना स्तर पर कार्रवाई जारी है। यह घटना ऊंची इमारतों में सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य दोनों मुद्दों को फिर से चर्चा में लाई है।

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