नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम को वर्ल्ड कप जिताने वाली इकलौती कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मंगलवार को सभी फॉर्मेट में कप्तानी छोड़ने का बड़ा ऐलान किया। हरमनप्रीत ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक लंबा पोस्ट लिखकर यह जानकारी साझा की। अपने बयान में हरमनप्रीत ने लिखा कि यह फैसला आसान नहीं था और इसमें वर्षों की यादें, भावनाएं, त्याग और ऐसे पल शामिल हैं जो हमेशा उनके साथ रहेंगे। उन्होंने कहा कि उन्होंने टीम और भारतीय महिला क्रिकेट को अपना सब कुछ दिया है।
मिताली राज के बाद संभाली थी कमान
मिताली राज के 2022 में संन्यास लेने के बाद हरमनप्रीत ने सभी फॉर्मेट में भारतीय टीम की पूर्णकालिक कप्तानी संभाली थी। इससे पहले भी वह मिताली की उप-कप्तान के तौर पर टीम की अगुआई करती रही थीं। वह 2016 से टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत की कप्तान रही हैं। कप्तान के तौर पर उनका आखिरी असाइनमेंट पिछले महीने एशियन गेम्स में टीम को लगातार दूसरा स्वर्ण पदक दिलाना रहा।
‘टीम अच्छी स्थिति में है’
हरमनप्रीत ने अपने पोस्ट में लिखा कि वह भावनाओं से भरे दिल के साथ लेकिन शांति के साथ कप्तानी छोड़ रही हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि उनकी टीम अच्छी स्थिति में है। उन्होंने कहा कि टीम में प्रतिभा, चरित्र, विश्वास और एक बेहतरीन भविष्य है, जिसे देखने और उसका हिस्सा बनने के लिए वह उत्साहित हैं। उन्होंने आगे लिखा कि कप्तान के तौर पर उन्हें कई मुश्किल फैसले लेने पड़े, जो हमेशा समझे नहीं गए और कई बार निजी कीमत पर आए, लेकिन उनका इरादा हमेशा टीम को बेहतर बनाना और अन्य खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का मौका देना था।
कप्तानी खत्म, लेकिन खेलना जारी रहेगा
हरमनप्रीत ने स्पष्ट किया कि कप्तानी भले ही खत्म हो रही हो, लेकिन भारतीय क्रिकेट के प्रति उनका प्यार कभी खत्म नहीं होगा। उन्होंने अपने सभी साथी खिलाड़ियों, कोच, सपोर्ट स्टाफ, बीसीसीआई और फैंस का आभार जताया। उन्होंने बताया कि वह अब सभी फॉर्मेट में भारत के लिए खेलना जारी रखेंगी और खेल के प्रति अपने प्यार के लिए खेलना चाहती हैं।
शानदार रहा कप्तानी का सफर
हरमनप्रीत ने भारत की कप्तानी में 5 टेस्ट, 51 वनडे और 155 टी-20 मुकाबलों में टीम की अगुआई की। उनके करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि पिछले साल आई, जब उनकी कप्तानी में भारत ने पहली बार महिला वनडे वर्ल्ड कप जीता। फाइनल में टीम इंडिया ने साउथ अफ्रीका को हराया था, जबकि सेमीफाइनल में डिफेंडिंग चैंपियन और प्रबल दावेदार ऑस्ट्रेलिया को शिकस्त दी थी। इसके साथ ही हरमनप्रीत कपिल देव और एमएस धोनी के बाद वनडे वर्ल्ड कप जिताने वाली तीसरी भारतीय कप्तान बनीं। वह पुरुष और महिला क्रिकेट मिलाकर किसी भी भारतीय कप्तान द्वारा सबसे ज्यादा 155 टी-20 मुकाबलों में टीम की कप्तानी करने का रिकॉर्ड भी रखती हैं। साथ ही वह कुल 210 टी-20 मैच खेलकर इस फॉर्मेट में सबसे ज्यादा मैच खेलने वाली खिलाड़ी भी हैं।
करियर पर एक नजर
हरमनप्रीत ने मार्च 2009 में पाकिस्तान के खिलाफ वनडे वर्ल्ड कप मुकाबले से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था। इसके कुछ महीनों बाद उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ टी-20 डेब्यू किया, जबकि अगस्त 2014 में इंग्लैंड के खिलाफ ही उनका टेस्ट डेब्यू हुआ था।
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