नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी निजी ईंधन खुदरा कंपनी नायरा एनर्जी ने पेट्रोल की कीमतों में पांच रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में तीन रुपये प्रति लीटर की तत्काल प्रभाव से बढ़ोतरी की है। मामले से जुड़े सूत्रों ने इसकी जानकारी दी है। नई दरें शनिवार तड़के से लागू हो गई हैं। देशभर में कंपनी के 7,108 फ्यूल स्टेशनों पर शनिवार सुबह से नई दरें लागू कर दी गईं, जिसका सीधा असर ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा।
क्यों बढ़ाई गईं कीमतें
ईंधन खुदरा विक्रेताओं पर ऊंची वैश्विक ऊर्जा कीमतों के कारण बना नया दबाव इस बढ़ोतरी की वजह बताया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें बढ़ने के कारण कंपनी ने यह कदम उठाया है, और पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव व ऊर्जा आपूर्ति में बाधाओं ने भी तेल बाजार को प्रभावित किया है। नई कीमतों के जरिए नायरा एनर्जी की कोशिश बढ़ी हुई लागत और बिक्री मूल्य के बीच के अंतर को कम करने की है। नायरा की ओर से इस बढ़ोतरी पर आधिकारिक प्रतिक्रिया के लिए भेजे गए सवालों का अभी जवाब नहीं मिला है।
सरकारी कंपनियों पर अभी असर नहीं
फिलहाल इस कीमत वृद्धि का असर अन्य सरकारी तेल विपणन कंपनियों के ग्राहकों पर नहीं पड़ा है, क्योंकि सरकारी तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। इससे निजी और सरकारी पंपों की कीमतों में अंतर और बढ़ सकता है।
पहले भी बढ़ा चुकी है और वापस भी ले चुकी है दाम
इस साल की शुरुआत में ईरान संघर्ष के कारण ऊर्जा आपूर्ति बाधित होने पर नायरा पहली ईंधन खुदरा विक्रेता थी जिसने अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में हुई वृद्धि का बोझ उपभोक्ताओं पर डाला था। कंपनी ने 26 मार्च को भी पेट्रोल के दाम पांच रुपये और डीजल के दाम तीन रुपये प्रति लीटर बढ़ाए थे। इसके बाद सार्वजनिक क्षेत्र की ईंधन कंपनियों ने भी मई में पंप कीमतें बढ़ानी शुरू की थीं। हालांकि बाद में पश्चिम एशिया में तनाव कम होने पर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आने के बाद नायरा ने अपनी मार्च वाली बढ़ोतरी वापस लेते हुए 1 जुलाई को पेट्रोल और डीजल के दाम क्रमशः पांच और तीन रुपये प्रति लीटर घटा दिए थे।
यह भी पढ़ें: ब्राजील कोलकाता में, फुटबॉल के शहर में फिर जागी वो पुरानी दीवानगी

