फरीदाबाद (हरियाणा)। हरियाणा के फरीदाबाद से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां 13 वर्षीय एक नाबालिग लड़की के साथ तीन युवकों ने एक वीरान और जर्जर इमारत में गैंगरेप किया। घटना के दौरान उसके साथ मौजूद दोस्त को भी अप्राकृतिक यौन उत्पीड़न का शिकार बनाया गया।
कब और कैसे हुई घटना
पुलिस को मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह घटना 24 अगस्त की है, जब नाबालिग लड़की अपने दोस्त के साथ कहीं बाहर निकली थी। आरोप है कि तीनों आरोपी दोनों को बहला-फुसलाकर एक सुनसान और जर्जर इमारत में ले गए, जहां उनके साथ यौन उत्पीड़न की वारदात को अंजाम दिया गया।
पुलिस कार्रवाई
घटना की जानकारी मिलते ही फरीदाबाद के बीपीटीपी थाना पुलिस ने तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अदालत ने आरोपियों को चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। जांच अधिकारी घटना से जुड़ी परिस्थितियों और अन्य पहलुओं की बारीकी से जांच कर रहे हैं।
दिल्ली-NCR में लगातार बढ़ रही घटनाएं, सुरक्षा पर उठे सवाल
फरीदाबाद की यह घटना ऐसे समय सामने आई है जब दिल्ली-एनसीआर में महिलाओं और नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं लगातार बढ़ रही हैं। इससे पहले 21 सितंबर को दिल्ली के कालकाजी इलाके में स्थित आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय किशोरी के साथ तीन लोगों ने गैंगरेप किया था। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर किशोरी को उसके दोस्त से अलग किया और पार्क के सुनसान हिस्से में ले जाकर वारदात को अंजाम दिया। इस मामले में भी तीनों आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इस घटना के बाद दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने राजधानी के सभी पार्कों का सुरक्षा ऑडिट कराने का निर्देश दिया, जिसमें रोशनी, सुरक्षा व्यवस्था और नियमित गश्त पर खास ध्यान देने को कहा गया। दिल्ली पुलिस को पार्कों के आसपास पिंक पुलिस कर्मियों की तैनाती सहित गश्त बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए।
सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणी
दिल्ली में नाबालिगों से जुड़े कई यौन उत्पीड़न मामले सामने आने के बाद यह मुद्दा सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। 28 सितंबर को कोर्ट ने प्रशासन को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि अपर्याप्त रोशनी, निगरानी और प्रशासनिक सुविधाओं की कमी के चलते सार्वजनिक स्थानों को हाई-रिस्क जोन में तब्दील नहीं होने दिया जा सकता। कोर्ट की बेंच ने इसकी तुलना 2012 के निर्भया कांड से भी की और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की जरूरत पर बल दिया।
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