वर्ल्ड हार्ट डे: यशोदा मेडिसिटी ने शुरू की ‘रेप से रेस्क्यू तक’ पहल, 70 से अधिक जिम ट्रेनर हुए CPR और कार्डियक इमरजेंसी में ट्रेंड

गाजियाबाद: भारत में तेज़ी से बढ़ते फिटनेस कल्चर के बीच जिम में वर्कआउट के दौरान sudden cardiac arrest और मेडिकल इमरजेंसी की घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए वर्ल्ड हार्ट डे के अवसर पर यशोदा मेडिसिटी, गाजियाबाद ने ‘रेप से रेस्क्यू तक – ट्रेन हार्ड, रिस्पॉन्ड फास्टर’ (Reps to Rescue – Train Hard, Respond Faster) नामक एक विशेष कार्डियक इमरजेंसी अवेयरनेस अभियान की शुरुआत की है।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य दिल्ली-NCR के जिम, फिटनेस सेंटर्स और फिटनेस इकोसिस्टम को किसी भी संभावित कार्डियक इमरजेंसी के लिए पूरी तरह तैयार और सक्षम बनाना है।

फिटनेस और मेडिकल एक्सपर्ट्स आए एक मंच पर

यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. पी.एन. अरोड़ा के नेतृत्व में शुरू किए गए इस अभियान में कार्डियोलॉजिस्ट, इमरजेंसी मेडिसिन स्पेशलिस्ट, पीडियाट्रिक कार्डियक एक्सपर्ट्स और फिटनेस इंफ्लुएंसर्स को एक साथ लाया गया है।

इस मौके पर डॉ. पी.एन. अरोड़ा ने कहा, “भारत का फिटनेस कल्चर तेज़ी से बदल रहा है, लेकिन वास्तविक फिटनेस में आपातकालीन स्थितियों से निपटने की तैयारी भी शामिल है। कार्डियक इमरजेंसी के दौरान सबसे पहले मौजूद लोग ही जीवन बचाने की पहली कड़ी होते हैं। ‘यशोदा सर्टिफाइड जिम एंड ट्रेनर’ पहल के जरिए हम इस इमरजेंसी रिस्पॉन्स को अस्पताल के कमरों से निकालकर सीधे कम्युनिटी तक पहुंचा रहे हैं।”

70 से अधिक फिटनेस प्रोफेशनल्स को मिली व्यावहारिक ट्रेनिंग

इस अभियान के तहत अब तक 70 से अधिक जिम ट्रेनर्स और फिटनेस प्रोफेशनल्स को ‘यशोदा सर्टिफाइड जिम एंड ट्रेनर’ प्रोग्राम के अंतर्गत ट्रेनिंग दी जा चुकी है। इस प्रैक्टिकल ट्रेनिंग सेशन में ट्रेनर्स को निम्नलिखित जीवनरक्षक कौशल सिखाए गए:

  • बेहोश या नॉन-रिस्पॉन्सिव व्यक्ति के शुरुआती संकेतों को पहचानना।

  • तत्काल प्रोफेशनल मेडिकल हेल्प (इमरजेंसी रिस्पॉन्स) को एक्टिवेट करना।

  • लाइव सिमुलेशन और चेस्ट कम्प्रेशन के साथ सही तकनीक से CPR (Cardiopulmonary Resuscitation) देना।

  • AED (Automated External Defibrillator) का सही समय और सही तरीके से इस्तेमाल करना।

मेडिकल इमरजेंसी और नीतिगत चिंताओं के बीच बड़ी पहल

हाल के महीनों में वर्कआउट के दौरान अचानक बेहोश होने, सीने में दर्द और कार्डियक अरेस्ट की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए जिम सुरक्षा पर नीतिगत चर्चाएं भी तेज हुई हैं। पंजाब सरकार द्वारा वर्ष 2025 में एथलीटों और जिम जाने वालों के लिए जारी की गई विशेष हेल्थ एडवाइजरी इसी दिशा में एक कदम थी। यशोदा मेडिसिटी का यह तीन-स्तंभीय मॉडल (जागरूकता, संरचित प्रमाणन और व्यावहारिक प्रशिक्षण) दिल्ली-NCR में जिम सुरक्षा का एक नया पैमाना तय कर रहा है।

इस अभियान के मेडिकल लीडरशिप पैनल में डॉ. संदीप जैन (निदेशक, इमरजेंसी मेडिसिन), डॉ. असित खन्ना (निदेशक, इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी), डॉ. मनीष अग्रवाल (निदेशक, स्ट्रक्चरल हार्ट), डॉ. धीरेंद्र सिंघानिया (निदेशक, इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी) और फिटनेस कोच नीरज पाल शामिल रहे।

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