भारत को मिला पहला ट्रैक एंड फील्ड स्वर्ण, रिले टीम ने गोल्ड जीतकर तोड़ा एथलेटिक्स जिंक्स

नागोया (जापान)। एशियन गेम्स 2026 के एथलेटिक्स प्रतियोगिता के अंतिम दिन मंगलवार को भारत की महिलाओं की 4×400 मीटर रिले टीम ने ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए देश को ट्रैक एंड फील्ड का पहला स्वर्ण पदक दिलाया। किरण पहाल, एमआर पूवम्मा, प्राची चौधरी और विथ्या रामराज की चौकड़ी ने 3 मिनट 29.69 सेकंड का समय दर्ज कर बहरीन को सिल्वर (3:30.21) और चीन को ब्रॉन्ज (3:31.02) पर रोक दिया।

यह जीत भारत के लिए खास मायने रखती है क्योंकि एथलेटिक्स में देश छह दिनों तक सिर्फ सिल्वर और ब्रॉन्ज ही जीत रहा था। 1994 के हिरोशिमा गेम्स के बाद पहली बार एशियन गेम्स में बिना एथलेटिक्स गोल्ड के लौटने का खतरा मंडरा रहा था। लेकिन महिलाओं की रिले टीम ने नागोया सिटी मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में इस जिंक्स को तोड़ दिया। यह भारत का इस इवेंट में छठा एशियन गेम्स स्वर्ण है और जकार्ता 2018 के बाद पहला। 2002 के बुसान से 2018 तक पांच लगातार गोल्ड जीतने वाली टीम ने हांगझोउ 2023 में सिल्वर पर संतोष करना पड़ा था।

रेस कैसे चली

किरण पहाल ने शुरुआत की और तीसरे स्थान पर बैटन सौंपा। अनुभवी एमआर पूवम्मा (जो 2014 और 2018 के गोल्ड विजेता दल की सदस्य रहीं) ने दूसरे लेग में शानदार दौड़कर भारत को आगे पहुंचाया। प्राची चौधरी ने तीसरे लेग में लीड बनाए रखी। एंकर लेग पर विथ्या रामराज ने चीन की जूओ सीयू को ओवरटेक किया और बहरीन की ओलंपिक मेडलिस्ट सलवा ईद नासर के कड़े मुकाबले को रोकते हुए फिनिश लाइन पार की। बारिश वाले मौसम में भी टीम ने नर्वस को कंट्रोल किया।

विथ्या रामराज का यादगार अभियान

28 वर्षीय विथ्या रामराज के लिए यह तीसरा मेडल था। उन्होंने पहले मिश्रित 4×400 मीटर रिले में सिल्वर और महिला 400 मीटर हर्डल्स में ब्रॉन्ज (54.75 सेकंड) जीता था। हर्डल्स में उन्होंने पीटी उषा का 42 साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड (55.42 सेकंड) तोड़ दिया था। रिले गोल्ड के साथ उन्होंने गोल्ड-सिल्वर-ब्रॉन्ज का पूरा सेट पूरा कर लिया।

अन्य मेडल और कुल प्रदर्शन

उसी दिन एथलेटिक्स में भारत ने और मेडल जोड़े। पूजा सिंह ने महिला हाई जंप में ब्रॉन्ज (1.84 मीटर), गुलवीर सिंह ने पुरुष 5000 मीटर में ब्रॉन्ज (13:32.75) हासिल कर हैट्रिक पूरी की (पहले 10,000 मीटर और 1500 मीटर में सिल्वर)। मिश्रित 4×100 मीटर रिले में भी ब्रॉन्ज मिला। पुरुष 4×400 मीटर रिले में धरमवीर चौधरी, मनु थेक्किनालिल, जय कुमार और विशाल थेन्नारासु की टीम ने 3:01.61 के समय के साथ ब्रॉन्ज जीता (जापान गोल्ड, कतर सिल्वर)।

एथलेटिक्स में भारत का कुल टली 24 मेडल (1 गोल्ड, 9 सिल्वर, 14 ब्रॉन्ज) रहा। पांच राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी टूटे। उसी दिन नीरू ढांडा ने महिला ट्रैप शूटिंग में ऐतिहासिक व्यक्तिगत गोल्ड जीता, जिससे भारत का कुल मेडल आंकड़ा 50 के पार पहुंच गया।

यह जीत सिर्फ पदक नहीं, बल्कि टीम वर्क, अनुभव और युवा जोश का मेल है। पूवम्मा जैसी दिग्गज खिलाड़ी और विथ्या जैसी उभरती स्टार के संयोजन ने साबित किया कि भारतीय महिला रिले अभी भी एशिया में ताकतवर है। एशियन गेम्स 2026 के समापन समारोह 4 अक्टूबर को होने हैं। भारत का मेडल अभियान अब और मजबूती से आगे बढ़ रहा है।
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