लखनऊ। सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसे ने संदिग्ध मोड़ ले लिया है। शुरुआत में सामान्य दुर्घटना माने गए इस मामले में अब युवती के लिव-इन पार्टनर पर ही उसे नुकसान पहुंचाने की साजिश रचने का आरोप लग रहा है। घटना 31 अगस्त की रात करीब 11 बजे की है, लेकिन आरोपी युवक ने परिवार को इसकी सूचना सुबह करीब 4 बजे दी।
क्या है मामला
पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, शाहजहांपुर निवासी अतुल कुमार की बेटी मालिस्का सोनवानी लखनऊ में होटल मैनेजमेंट की इंटर्नशिप कर रही थी। 31 अगस्त की रात दोपहिया वाहन को किसी अज्ञात गाड़ी ने टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई और उसका इलाज मेदांता अस्पताल में शुरू कराया गया। हादसे के वक्त उसका लिव-इन पार्टनर प्रियांशु गुप्ता भी साथ मौजूद था। पिता का आरोप है कि घटना के करीब पांच घंटे बाद उन्हें सूचना दी गई। परिवार जब लखनऊ पहुंचा तो प्रियांशु ने उन्हें गुमराह करने की कोशिश की और बाद में मौके से फरार हो गया।
मोबाइल से मिला विवादित वीडियो
परिवार के अनुसार, प्रियांशु ने युवती का मोबाइल अपने पास रखा था और उसे देने में आनाकानी कर रहा था। मोबाइल हाथ लगने पर उसमें एक वीडियो मिला, जिसमें मालिस्का अपने पार्टनर के सामने हाथ जोड़कर रोते हुए कुछ कहती नजर आ रही है। परिजनों का दावा है कि यह वीडियो करीब एक मिनट का है और इसमें युवती की परेशानी साफ झलक रही है। वीडियो का समय और घटना के समय में दो-तीन घंटे का अंतर बताया जा रहा है।
आरोपी युवक से पूछे जाने पर उसने अलग-अलग बयान दिए। उसका कहना है कि युवती ने शराब पी रखी थी और घर से बाहर जाने की बात पर वह खुद जिद करके निकली थी। प्रियांशु के मुताबिक रास्ते में वह कई बार चलती गाड़ी से कूदने की कोशिश करती रही, जिसे वह रोकता रहा, लेकिन एक जगह वह अचानक कूद गई जिससे उसे गंभीर चोटें आईं। हालांकि पुलिस जांच में प्रियांशु अब तक सही घटनास्थल नहीं बता सका है। पुलिस ने उसके बताए स्थान पर सीसीटीवी फुटेज खंगाले, लेकिन वहां आसपास कोई कैमरा नहीं मिला।
आधार कार्ड में भी छेड़छाड़ का आरोप
पिता ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपी के पास से मालिस्का का आधार कार्ड बरामद हुआ, जिसमें उसका सरनेम बदलकर “गुप्ता” कर दिया गया था और पिता के नाम की जगह प्रियांशु के पिता का नाम दर्ज था। परिवार का कहना है कि यह पूरी घटना सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई प्रतीत होती है।
पुलिस कार्रवाई पर सवाल
पिता का आरोप है कि जब वह शिकायत लेकर चौकी पहुंचे तो शुरुआत में चौकी प्रभारी ने जांच के बाद घटना को सही मानते हुए तहरीर पर टिप्पणी की थी, लेकिन बाद में थाने बुलाकर तहरीर बदलवा दी गई, जबकि परिवार नामजद आरोप के साथ शिकायत दर्ज कराना चाहता था। पिता का कहना है कि 21 दिन बीत जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है और उनकी बेटी अभी भी कोमा में गंभीर हालत में भर्ती है।
पुलिस का पक्ष
सुशांत गोल्फ सिटी थाना प्रभारी के अनुसार, फिलहाल दुर्घटना का मामला दर्ज है और आरोपी युवक से पूछताछ की जा चुकी है। पुलिस युवती के होश में आने का इंतजार कर रही है। वहीं डीसीपी साउथ मोहम्मद मुस्ताक ने बताया कि पीड़िता के पिता की शिकायत मिली है और जांच में दोनों के लिव-इन में साथ रहने की पुष्टि हुई है। फिलहाल यह हादसा प्रतीत हो रहा है, लेकिन पिता के आरोपों की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। आरोप सही पाए जाने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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