ग्रेटर नोएडा। गौतम बुद्ध नगर पुलिस कमिश्नरेट और शारदा स्कूल ऑफ लॉ के संयुक्त तत्वावधान में थाना नॉलेज पार्क स्थित फैमिली डिस्प्यूट रिजॉल्यूशन क्लिनिक (FDRC) की छठी वर्षगांठ शुक्रवार को धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर क्लिनिक के नवीनीकृत कक्ष का औपचारिक उद्घाटन गौतम बुद्ध नगर की पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह और उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने संयुक्त रूप से किया।
कार्यक्रम की शुरुआत थाना नॉलेज पार्क परिसर में उद्घाटन समारोह से हुई। इसके बाद मुख्य कार्यक्रम शारदा यूनिवर्सिटी के चाणक्य ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। इसमें 350 से अधिक छात्र, पुलिस अधिकारी, कानूनी विशेषज्ञ, काउंसलर और शिक्षाविद् शामिल हुए। कार्यक्रम की थीम “सामंजस्यपूर्ण समाज के लिए मजबूत परिवार” रखी गई थी। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने कहा कि पारिवारिक और वैवाहिक विवाद पुलिस के सामने आने वाली जटिल चुनौतियों में से एक हैं। ऐसे मामलों में सिर्फ कानूनी कार्रवाई पर्याप्त नहीं होती, बल्कि सहानुभूति, धैर्य, काउंसलिंग और संवाद की भी जरूरत होती है। FDRC पुलिस, कानूनी विशेषज्ञों, मनोवैज्ञानिकों और काउंसलरों को एक मंच पर लाकर विवादों को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
मुख्य अतिथि डॉ. बबीता सिंह चौहान ने कहा कि पारिवारिक विवादों का सबसे अधिक प्रभाव महिलाओं और बच्चों पर पड़ता है। काउंसलिंग और मध्यस्थता के माध्यम से सम्मान और शांति बहाल करने में FDRC अहम योगदान दे रहा है। उन्होंने हर जिले में ऐसे क्लिनिक स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया और नई पीढ़ी में बढ़ते अहंकार के कारण हो रहे विवादों में मुकदमेबाजी की बजाय काउंसलिंग पर जोर देने की सलाह दी। सभी संबंधित संस्थाओं और विशेषज्ञों से इस दिशा में समन्वित प्रयास जारी रखने का आह्वान भी किया गया। FDRC शारदा विश्वविद्यालय के सहयोग से संचालित एक सफल मॉडल है, जो पारिवारिक विवादों को बिना FIR दर्ज किए मध्यस्थता और परामर्श के जरिए सुलझाता है। इस पहल से न्यायालयों और पुलिस तंत्र पर बोझ कम होने के साथ-साथ कई परिवारों में सुलह और पुनर्मिलन संभव हुआ है।
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