नोएडा के सेक्टर-50 में मेदांता सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के पीछे और बिजली घर के आसपास रात के समय कथित देह व्यापार तथा संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतें एक बार फिर चर्चा में हैं। स्थानीय निवासी और सोशल मीडिया पर लोग पूछ रहे हैं कि अगर ऐसी गतिविधियां चल रही हैं तो पुलिस की पेट्रोलिंग और निगरानी कहां है। सवाल साफ है—क्या किसी बड़ी घटना का इंतजार किया जा रहा है? आसपास रहने वाले परिवारों, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी है?
फरवरी 2026 की संयुक्त कार्रवाई याद दिलाती है
फरवरी 2026 में नोएडा पुलिस, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) की संयुक्त टीम ने सेक्टर-50 और 51 के तीन स्पा सेंटरों (आयुर्वेद वैला स्पा, ऑर्गेनिक स्पा और स्पा ड्रीम) पर छापेमारी की थी। इन स्थानों पर स्पा की आड़ में कथित देह व्यापार चलने की शिकायत पर कार्रवाई हुई। 24 युवक-युवतियों को हिरासत में लिया गया, जिनमें सात पुरुषों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया और 17 महिलाओं को पुनर्वास केंद्र भेजा गया। पुलिस ने बताया था कि ये गतिविधियां कई महीनों से चल रही थीं और ग्राहकों से दो से दस हजार रुपये तक वसूले जा रहे थे। कई समाचार माध्यमों ने इस कार्रवाई की रिपोर्टिंग की थी। सवाल उठता है कि क्या ऐसी कार्रवाई सिर्फ छापे तक सीमित रहती है या इन क्षेत्रों में लगातार निगरानी और पेट्रोलिंग बढ़ाई जाती है?
हालिया शिकायतें और पुलिस प्रतिक्रिया
अगस्त 2026 में सोशल मीडिया पर सेक्टर-50 मेट्रो स्टेशन के पास बिजली घर के बगल वाले पार्क में शाम 8 बजे से रात 12 बजे तक कथित अवैध गतिविधियों की शिकायत की गई थी। नोएडा पुलिस के आधिकारिक अकाउंट ने जवाब दिया कि सूचना की पुष्टि कर आवश्यक कार्रवाई के लिए थाना प्रभारी सेक्टर-49 को निर्देशित किया गया है। मेदांता अस्पताल सेक्टर-50 में स्थित है और यह क्षेत्र आवासीय तथा व्यावसायिक दोनों दृष्टियों से महत्वपूर्ण है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात में संदिग्ध आवाजाही और गतिविधियां परिवारों, खासकर महिलाओं के लिए असुरक्षा का माहौल बनाती हैं। वे मांग कर रहे हैं कि शिकायतों की निष्पक्ष जांच हो, CCTV फुटेज की समीक्षा की जाए और रात की पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए।
पुलिस की जिम्मेदारी और सवाल
नोएडा पुलिस ने समय-समय पर स्पा और मसाज सेंटरों की आड़ में चलने वाले रैकेटों के खिलाफ कार्रवाई की है। जुलाई 2026 में ग्रेटर नोएडा में भी AHTU ने स्पा सेंटरों पर बड़ी छापेमारी कर कई महिलाओं को रेस्क्यू किया था। फिर भी सेक्टर-50 जैसे आवासीय क्षेत्रों में निरंतर निगरानी की मांग जायज है।
सबसे बड़े सवाल ये हैं:
इन कथित गतिविधियों को कौन संचालित कर रहा है?
क्या किसी की शह या लापरवाही से ये चल रहे हैं?
रात में पुलिस गश्त और निगरानी क्यों पर्याप्त नहीं दिख रही?
पुलिस का रुख साफ होना चाहिए। अगर शिकायतें गलत या अतिरंजित हैं तो जांच कर स्पष्टीकरण देना चाहिए। अगर कोई अवैध गतिविधि है तो संचालकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। निर्दोष लोगों को बदनाम किए बिना तथ्यों की जांच जरूरी है।
सुरक्षा की मांग
सेक्टर-50 के निवासी चाहते हैं कि रात की पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए, संवेदनशील स्थानों पर CCTV की निगरानी कड़ी की जाए और AHTU जैसी इकाइयों की नियमित चौकसी बनी रहे। पुलिस प्रशासन को इन शिकायतों को गंभीरता से लेना चाहिए ताकि किसी बड़े घटनाक्रम का इंतजार न करना पड़े। नोएडा पुलिस को अब जवाब देना चाहिए क्या सेक्टर-50 की रातें सुरक्षित हैं? और अगर नहीं, तो जिम्मेदार कौन है? स्थानीय सुरक्षा हर नागरिक का अधिकार है।

