रेस्क्यू ऑपरेशन युद्धस्तर पर जारी, तीन लोगों की मौत, 20 से 25 छात्र एम्स ट्रॉमा सेंटर पहुंचे, एक छात्र की मौत की पुष्टि
Satya Niketan Building Incident: राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक पुरानी बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और कई लोगों के मलबे में दबे होने की सूचना सामने आई। हादसे की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस, दिल्ली अग्निशमन सेवा और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमें युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चला रही हैं। अब तक नौ लोगों को मलबे से सुरक्षित बाहर निकाले जाने की जानकारी है। शुरुआती आधिकारिक जानकारी में तीन लोगों की मौत की सूचना सामने आई है, जबकि बाद की जानकारी के अनुसार एम्स ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराए गए 20 से 25 छात्रों में से एक छात्र की मौत हो चुकी है। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
हादसे की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता घटनास्थल पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान का जायजा लिया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों से हादसे की पूरी जानकारी ली और मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकालने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से बचाव अभियान की प्रगति और घायलों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं के बारे में भी जानकारी ली। Satya Niketan Building Incident:
पुरानी इमारत में चल रहा था पीजी
दिल्ली पुलिस के अनुसार हादसे का शिकार हुई इमारत करीब 40 से 50 वर्ष पुरानी थी। इमारत में एक बेसमेंट और पांच ऊपरी मंजिलें थीं तथा इसका इस्तेमाल पेइंग गेस्ट (पीजी) के रूप में किया जा रहा था। हादसे के समय बेसमेंट में मरम्मत का काम चल रहा था। आशंका है कि इसी दौरान इमारत का ढांचा कमजोर होने के कारण यह हादसा हुआ। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
मलबे में अभी भी लोगों के दबे होने की आशंका को देखते हुए बचाव दल सावधानी से मलबा हटाकर तलाशी अभियान चला रहे हैं। भारी मलबे के कारण राहत कार्य में चुनौती सामने आ रही है। बचाव दल लगातार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं कि मलबे में फंसे किसी भी व्यक्ति तक जल्द से जल्द पहुंचा जा सके।
Satya Niketan Building Incident:
गृह मंत्री शाह ने की मुख्यमंत्री और अधिकारियों से बात
सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गहरा दुख जताया। उन्होंने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, दिल्ली पुलिस आयुक्त और एनडीआरएफ के महानिदेशक से बातचीत कर घटनास्थल की स्थिति और राहत-बचाव अभियान की जानकारी ली।
अमित शाह ने कहा कि स्थानीय प्रशासन और एनडीआरएफ आपसी समन्वय के साथ युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव अभियान चला रहे हैं। घायलों को हरसंभव चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने हादसे में प्रभावित लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।
भाजपा के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन ने भी घटना पर दुख जताते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव अभियान तेजी से चलाया जा रहा है और घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने भी हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
मकान मालिक के खिलाफ एफआईआर, जांच के लिए कमेटी गठित
हादसे के बाद पुलिस-प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। दक्षिण दिल्ली के भाजपा सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने बताया कि सरकार ने घटना की जांच के लिए एक कमेटी गठित कर दी है। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि इमारत के मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है और उसे गिरफ्तार किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। बिधूड़ी ने कहा कि इमारत काफी पुरानी थी और सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों।
छात्र बोले- पीजी में अमानवीय हालात में रहने को मजबूर
हादसे को लेकर छात्रों की सुरक्षा और राजधानी में पीजी व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ता घटनास्थल पर पहुंचकर राहत कार्य में सहयोग कर रहे हैं। उनका कहना है कि दिल्ली विश्वविद्यालय के कई छात्र भी हादसे की चपेट में आए हैं।
कांग्रेस की ओर से कहा गया कि कॉलेज और विश्वविद्यालयों में पर्याप्त एवं सुरक्षित हॉस्टल उपलब्ध नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में छात्र पीजी में रहने को मजबूर हैं। कई जगह एक ही छत के नीचे बड़ी संख्या में छात्रों के रहने की स्थिति बेहद चिंताजनक है। ऐसे में भवनों की सुरक्षा, पीजी में रहने वाले छात्रों की संख्या और अग्नि एवं आपदा सुरक्षा मानकों की गंभीरता से जांच किए जाने की जरूरत है।
अरविंद केजरीवाल ने सरकार पर साधा निशाना
हादसे पर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि दिल्ली में इमारत गिरने की घटना अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। उन्होंने मलबे में फंसे लोगों के जल्द और सुरक्षित रेस्क्यू की प्रार्थना की।
केजरीवाल ने दिल्ली सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि राजधानी में इस तरह के कई हादसे हो चुके हैं और सरकार को नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बड़े स्तर पर कार्रवाई करनी चाहिए। Satya Niketan Building Incident:
एम्स ट्रॉमा सेंटर में पहुंचे घायल छात्र
हादसे के बाद बड़ी संख्या में घायलों को दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में पहुंचाया गया। ताजा जानकारी के मुताबिक करीब 20 से 25 छात्रों को एम्स के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। इनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है। वहीं, एक छात्र की मौत की जानकारी भी सामने आई है।
फिलहाल बचाव अभियान लगातार जारी है। प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना और घायलों को तत्काल बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। हादसे के कारणों और भवन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जांच कमेटी की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
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