हिंदुत्व इन्फ्लुएंसर: CJP प्रदर्शन में छात्र कार्यकर्ता के पिता पर हमले का आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज बुलंदशहर से हिरासत में, दिल्ली पुलिस ने दबोचा

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान छात्र कार्यकर्ता निशु आजाद के पिता संजय कुमार पर कथित हमले के आरोपी स्वतंत्र भारद्वाज (जिन्हें स्वतन्त्र भारद्वाज भी कहा जाता है) को शुक्रवार को दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में ले लिया। यह कार्रवाई उसी दिन हुई जब CJP कार्यकर्ताओं ने संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन कर आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की थी और पुलिस ने 72 घंटे के अंदर कार्रवाई का आश्वासन दिया था।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, स्वतंत्र भारद्वाज पहले बुलंदशहर के नैथला (या नैथला हसनपुर) गांव में थे। दिल्ली पुलिस की टीम उनके ठिकाने पर पहुंची तो वे बुलेट मोटरसाइकिल पर हेलमेट पहनकर खुर्जा की ओर निकल चुके थे। बाद में पुलिस ने उन्हें धामरा नारा गांव के पास या चोला थाना क्षेत्र से हिरासत में लिया। हिरासत के बाद उन्हें चोला थाने ले जाया गया, जहां पूछताछ चल रही है। पहचान की पुष्टि के बाद उन्हें दिल्ली के संसद मार्ग थाने लाया जाएगा और औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया जाएगा।

वायरल पॉडकास्ट ने बढ़ाया विवाद

मामले ने तब तूल पकड़ा जब स्वतंत्र भारद्वाज का एक पॉडकास्ट क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें वे कथित तौर पर दावा करते सुनाई देते हैं कि उन्होंने निशु आजाद के पिता संजय कुमार की “खोपड़ी फोड़ दी”। उन्होंने कहा कि इस अपराध पर धारा 307 (हत्या का प्रयास) लगती है, पीड़ित को करीब 60 टांके लगे और वे एंबुलेंस में गंभीर हालत में ले जाए गए। साथ ही उन्होंने दावा किया कि वे जेल नहीं गए और रात भर घूमते रहे। बाद में स्वतंत्र भारद्वाज ने अपना रुख बदला। उन्होंने कहा कि यह हमला नहीं बल्कि आत्मरक्षा थी। उनके मुताबिक 10-15 लोगों ने उन्हें घेर लिया था और आत्मरक्षा में कार्रवाई के दौरान संजय कुमार के सिर पर चोट लगी। उन्होंने मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि चोट गंभीर नहीं थी और वे जांच में सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने वायरल क्लिप को कुछ हद तक गलत या फर्जी भी बताया।

घटना का विवरण

FIR के अनुसार घटना 23 जून 2026 को जंतर-मंतर पर हुई। CJP ने कथित परीक्षा पेपर लीक के मुद्दे पर प्रदर्शन किया था। गाजियाबाद निवासी संजय कुमार (38) अपनी बेटी निशु आजाद के साथ प्रदर्शन में शामिल थे। शाम करीब 5:30 बजे जब वे प्रदर्शन की वीडियो बना रहे थे, तो विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि 2-3 युवकों ने उन्हें घेर लिया, घूंसे मारे और लोहे के कड़े जैसी ठोस वस्तु से सिर पर वार किया। संजय कुमार को सिर में चोट आई और उन्हें अस्पताल ले जाया गया।

पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में FIR संख्या 62/2026 दर्ज हुई। इसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 126(2) और 3(5) लगाई गई। शुरू में स्वतंत्र भारद्वाज और उनके साथी सूरज कुमार को हिरासत में लिया गया था, लेकिन बाद में रिहा कर दिया गया। पुलिस का कहना है कि चोट साधारण थी और खोपड़ी टूटने का दावा गलत है। CJP पक्ष का आरोप है कि हत्या के प्रयास (धारा 307/समकक्ष) और SC/ST एक्ट की धाराएं लगाई जानी चाहिए क्योंकि पीड़ित परिवार दलित है। निशु आजाद और परिवार पर सोशल मीडिया पर गाली-गलौज और आपत्तिजनक सामग्री का भी आरोप लगा है, जिसके लिए अलग FIR की मांग की गई।

CJP का प्रदर्शन और पुलिस आश्वासन

शुक्रवार को CJP के सह-संयोजक आशुतोष रांका, प्रवक्ता सौरव दास, आजाद समाज पार्टी के सांसद चंद्रशेखर आजाद और अन्य नेता संसद मार्ग थाने पहुंचे। करीब 50 समर्थकों ने थाने के बाहर प्रदर्शन किया। पुलिस ने आश्वासन दिया कि स्वतंत्र भारद्वाज को 72 घंटे के अंदर गिरफ्तार किया जाएगा। साथ ही SC/ST एक्ट लगाने और हत्या के प्रयास की धारा पर मेडिकल राय लेने पर विचार का संकेत दिया गया।

स्वतंत्र भारद्वाज खुद को “स्वतंत्र सनातनी योद्धा” या “कट्टर हिंदू” बताते हैं। उनके इंस्टाग्राम पर पहले करीब 1.8 लाख फॉलोअर्स थे। उन्होंने CJP प्रदर्शन के खिलाफ कई वीडियो पोस्ट किए थे। हिरासत के बाद उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट डिलीट कर दिए हैं। दिल्ली पुलिस ने मामले में उचित कानूनी कार्रवाई का दावा किया है और कहा है कि आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया जाएगा। राजनीतिक हस्तक्षेप या पक्षपात के आरोपों को पुलिस ने खारिज किया है। मामले की आगे जांच जारी है। पीड़ित पक्ष सख्त धाराओं और तेज कार्रवाई की मांग कर रहा है।
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