Ram Mandir First CEO: राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO बने पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा, गोविंद देव गिरि बने नए महासचिव; 3 नए ट्रस्टी भी नियुक्त

Ram Mandir First CEO: अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बुधवार (2 सितंबर 2026) को हुई महत्वपूर्ण बैठक में पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा को राम मंदिर का पहला पूर्णकालिक मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। साथ ही कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि को नए महासचिव का दायित्व सौंपा गया है। ट्रस्ट ने तीन नए सदस्यों—दिल्ली के महेश भागचंदका, अयोध्या के एडवोकेट मदन मोहन पांडेय और शिकोहाबाद की निर्मला यादव—को भी ट्रस्टी बनाया है। निर्मला यादव ट्रस्ट की पहली महिला ट्रस्टी बन गई हैं।

यह फैसला मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले के करीब तीन महीने बाद लिया गया है। उस मामले में आठ आरोपी जेल में हैं। इसके बाद जून-जुलाई में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया था। उनके बाद रिटायर्ड आईएफएस अधिकारी कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव बनाया गया था, जिन्होंने करीब 58 दिनों तक पद संभाला।

कौन हैं जीतेंद्र मिश्रा?
पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के भटपार रानी तहसील के भोपतपुरा गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन लिया था और लगभग 40 साल की सेवा के बाद 30 अप्रैल 2026 को रिटायर हुए। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर (मई 2025) के दौरान पश्चिमी वायु कमान के एयर ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ के रूप में वायु संचालन का नेतृत्व किया था। इस भूमिका के लिए उन्हें सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल (SYSM) से सम्मानित किया गया। इसके अलावा उन्हें अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) और विशिष्ट सेवा मेडल (VSM) भी मिले हैं। वे फाइटर पायलट, टेस्ट पायलट और कई महत्वपूर्ण कमांड संभाल चुके हैं।

चयन प्रक्रिया
CEO पद के लिए देशभर से 5,585 आवेदन आए थे। तीन सदस्यीय चयन समिति (रिटायर्ड जस्टिस प्रमोद कोहली, लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी और डॉ. सुरेश हवारे) ने स्क्रूटनी, एआई-आधारित स्क्रीनिंग, ऑनलाइन इंटरैक्शन और अयोध्या में आमने-सामने साक्षात्कार के बाद तीन नाम ट्रस्ट के सामने रखे। इनमें से जीतेंद्र मिश्रा को चुना गया। CEO पद इसलिए बनाया गया क्योंकि श्रद्धालुओं की संख्या और कामकाज बढ़ने के साथ रोजाना की व्यवस्था, सुरक्षा, चढ़ावा प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और वित्तीय पारदर्शिता के लिए पूर्णकालिक अधिकारी की जरूरत महसूस हुई। ट्रस्ट चाहता है कि मंदिर का प्रशासन उसके प्रत्यक्ष नियंत्रण में रहे। CEO के नेतृत्व में इंजीनियर, वित्तीय विशेषज्ञ और करीब 1,500-2,000 कर्मचारियों की प्रोफेशनल टीम काम करेगी।

नए ट्रस्टी

मदन मोहन पांडेय: राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद में रामलला पक्ष की कानूनी टीम के सदस्य रहे।
महेश भागचंदका: दिल्ली के कारोबारी और विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अध्यक्ष अशोक सिंघल के रिश्तेदार। भूमि पूजन और प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में मुख्य यजमान रहे।
निर्मला यादव: शिकोहाबाद की रहने वाली, पूर्व प्राचार्य और ट्रस्ट की पहली महिला सदस्य।
ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की अध्यक्षता में हुई बैठक में ये फैसले सर्वसम्मति से लिए गए। स्वामी गोविंद देव गिरि पहले से कोषाध्यक्ष हैं और अब महासचिव का अतिरिक्त दायित्व भी संभालेंगे। यह नियुक्ति राम मंदिर प्रशासन को और अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और पेशेवर बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है।

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