डालीबाग में सील कोठी पर कब्जा लेने पहुंचे सांसद अफजाल अंसारी, नगर निगम व पुलिस की मौजूदगी में मिली संपत्ति

लखनऊ: अदालत के आदेश पर अफजाल अंसारी को मिली डालीबाग की सील कोठी, बेटियों संग पहुंचे कब्जा लेने

लखनऊ। गाजीपुर से सांसद अफजाल अंसारी बुधवार को अपनी दोनों बेटियों के साथ लखनऊ के हजरतगंज क्षेत्र स्थित डालीबाग की विवादित संपत्ति पर कब्जा लेने पहुंचे। यह कोठी उनकी पत्नी फरहत अंसारी के नाम पर है, जिसे प्रशासन ने पहले सील कर दिया था। अदालत से परिवार के पक्ष में फैसला आने के बाद नगर निगम और स्थानीय पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में संपत्ति का भौतिक कब्जा हस्तांतरित करने की औपचारिक प्रक्रिया शुरू की गई।

गेट को लेकर तकनीकी अड़चन

मौके पर कब्जा सौंपने की प्रक्रिया में एक व्यावहारिक दिक्कत भी सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार, इमारत का गेट पहले डालीबाग की तरफ वाली सड़क पर खुलता था, लेकिन अब यह गेट एलडीए द्वारा बनाई गई सरदार वल्लभभाई पटेल आवासीय योजना की बाउंड्री से घिरकर बंद हो गया है। इस वजह से नगर निगम की टीम अब 1090 चौराहे की ओर वाली बंधा रोड से इमारत का कब्जा सौंपने में जुटी है।

गैंगस्टर एक्ट के तहत हुई थी सीलिंग

गौरतलब है कि मुख्तार अंसारी परिवार से जुड़ी यह संपत्ति प्रशासन ने पहले गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए सील की थी। अब कोर्ट के ताजा आदेश के बाद प्रशासन ने सीलिंग हटाकर संपत्ति परिवार को वापस सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। गौर करने वाली बात यह है कि डालीबाग में ही मुख्तार अंसारी की एक और आलीशान कोठी थी, जिसे 2020 में एलडीए ने अवैध निर्माण बताकर बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया था और उस जमीन पर अब गरीबों के लिए सरकारी फ्लैट बनाए गए हैं। मौजूदा मामला उस संपत्ति से अलग है और सीधे अफजाल अंसारी की पत्नी के स्वामित्व से जुड़ा है।

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