ग्रेटर नोएडा। चार प्रतिशत आबादी भूखंड के लाभ से वंचित और पीड़ित किसानों ने अपनी लंबे समय से चली आ रही मांगों और समस्याओं को लेकर आंदोलन का ऐलान किया है। गुरुवार को ग्रेटर नोएडा प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में किसानों ने अपनी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया और आगामी आंदोलन की रणनीति की जानकारी दी।
किसानों ने घोषणा की कि 2 सितंबर, बुधवार को सुबह 10 बजे घोड़ी-बजेड़ा स्थित शहीद पार्क से ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण तक शांतिपूर्ण पैदल मार्च निकाला जाएगा। किसानों ने क्षेत्र के सभी वंचित और पीड़ित किसानों से बड़ी संख्या में मार्च में शामिल होकर आंदोलन को सफल बनाने की अपील की है।
राजनीतिक दल या संगठन के बैनर तले नहीं होगा आंदोलन
किसानों ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी राजनीतिक नेता के नेतृत्व में या किसी राजनीतिक संगठन के बैनर तले नहीं किया जा रहा है। चार प्रतिशत आबादी के लाभ से वंचित किसान खुद अपने अधिकारों और समस्याओं को लेकर यह लड़ाई लड़ रहे हैं।
किसानों का कहना है कि आंदोलन का उद्देश्य शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को शासन और प्रशासन तक पहुंचाना है। किसानों ने कहा कि उनकी लड़ाई किसी राजनीतिक उद्देश्य के लिए नहीं, बल्कि जमीन, अधिकार और भविष्य से जुड़े मुद्दों को लेकर है।
‘यह हमारी जमीन, अधिकार और भविष्य की लड़ाई’
प्रेस वार्ता के दौरान किसानों ने कहा कि “यह हमारी जमीन, हमारे अधिकार और हमारे भविष्य की लड़ाई है।” किसानों के मुताबिक इस आंदोलन में किसी राजनीतिक दल या संगठन का हस्तक्षेप नहीं है। सभी वंचित किसान एकजुट होकर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज शासन-प्रशासन तक पहुंचाना चाहते हैं।
किसानों ने क्षेत्र के सभी पीड़ित एवं वंचित किसानों से अपील की कि वे 2 सितंबर को अधिक से अधिक संख्या में घोड़ी-बजेड़ा के शहीद पार्क पहुंचें और पैदल मार्च में शामिल होकर अपनी एकजुटता प्रदर्शित करें।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण तक पहुंचेगा पैदल मार्च
किसानों के मुताबिक पैदल मार्च घोड़ी-बजेड़ा स्थित शहीद पार्क से शुरू होकर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण तक जाएगा। इस दौरान किसान अपनी लंबे समय से लंबित मांगों और समस्याओं को प्राधिकरण के अधिकारियों के सामने रखेंगे।
किसानों ने कहा कि चार प्रतिशत आबादी के लाभ से वंचित किसानों की समस्याओं का समाधान किया जाना जरूरी है। इसी मांग को लेकर अब सभी प्रभावित किसान एकजुट होकर आंदोलन के जरिए अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
2 सितंबर को किसानों का शक्ति प्रदर्शन
चार प्रतिशत आबादी के लाभ से वंचित किसानों का यह पैदल मार्च ग्रेटर नोएडा में एक बड़ा किसान आंदोलन बन सकता है। किसानों ने इसे पूरी तरह शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित करने की बात कही है। अब 2 सितंबर को होने वाले पैदल मार्च में कितनी संख्या में किसान शामिल होते हैं, इस पर सभी की नजर रहेगी।

